'राम मंदिर निर्माण' की उम्मीद के साथ लिखा 3000 पन्नों पर 'रामायण', देखें तस्वीरें

सच्चे इरादे और नेक कार्य हो तो मुश्किल से मुश्किल काम भी आसान हो जाता है, ऐसा ही मुश्किल काम पूरा करा है.

ज़ी न्यूज़ डेस्क | Sep 23, 2019, 16:35 PM IST

अनुप शर्मा, जयपुर: सच्चे इरादे और नेक कार्य हो तो मुश्किल से मुश्किल काम भी आसान हो जाता है, ऐसा ही मुश्किल काम पूरा करा है. राजधानी जयपुर के सांगानेर निवासी शरद माथुर ने. लाल रंग के ऑयल पेंट से लगभग साढे 6 साल की अथक मेहनत और करीब 3000 पन्नों पर ''रामायण''(Ramayana) का लेखन कार्य को पूर्ण किया.

1/6

शरद माथुर का प्रयास सभी के लिए है एक मिसाल

Ramayana, Jaipur

आज के समय में जहां लोग अपने स्वार्थ पूर्ति के कामों में लगे रहते हैं. वहीं शरद माथुर ने दूसरों की भलाई के लिए इस किताब को लिखा. जो कि सभी के लिए एक मिसाल है.

 

2/6

हो रहा लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड में शामिल करने का प्रयास

Ramayana, Jaipur

शरद का मानना है कि शायद देशभर में किसी ने भी ऑयल और ब्रश से रामचरित मानस नहीं लिखी है. इसलिए उन्होंने अपने इस प्रयास को लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में शामिल करवाने के लिए प्रयास शुरू कर दिए है.

 

3/6

रामायण लिखने की शुरूआत और PM बनें मोदी

Ramayana, Jaipur

माथुर ने बताया कि जब उन्होंने इसकी शुरुआत की थी उस समय नरेन्द्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने थे. देश भर में अयोध्या राम मंदिर के निर्माण को लेकर आशाएं जगी थी. शरद ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि राम मंदिर का निर्माण जरूर होगा. और उनकी इच्छा है कि सम्पूर्ण रामचरित मानस को वहां भेंट देंगे. जिससे वहां जाने वाले श्रद्धालु रामायण का पाठ करें और दूसरों को भी इस और प्रेरित करें.

4/6

लिया रामायण लिखने का निर्णय

Ramayana, Jaipur

माथुर बताते हैं जब इसकी शुरुआत की तो उन्हें लगा कि ये पूरी हो भी पाएगी या नहीं. जैसे ही सुंदरकाण्ड पूरा हुआ तो उनमें आत्मविश्वास और बढ़ गया और उन्होंने पूरी रामयण को ही लिखने की ठान ली.

 

5/6

ऑयल पेंटिंग से लिखा है रामायण

Ramayana, Jaipur

शरद माथुर बताते हैं मोहल्लों में किए जाने वाले सुंदरकांड पाठ मंडली में वह शामिल रहते हैं . बड़े बुजुर्गों को सुंदरकांड पाठ की किताब को पढ़ने में परेशानी होती देख उन्होंने इसका समाधान निकला और बड़े अक्षरों में ऑयल पेंट से रामायण लिखने का विचार किया. 

 

6/6

150 किलो है इस रामायण का वजन

Ramayana, Jaipur

राजस्थान के जयपुर जिले के सांगानेर निवासी शरद माथुर ने कड़ी मेहनत करते हुए लगभग 3000 पन्नों पर ए-3 साइज के पन्नों पर बड़े-बड़े अक्षरों रामायण के सभी काण्ड ओर चौपाईयों को लिखा है. महाकाव्य के हर काण्ड को अलग-अलग तैयार किया है, जिनका कुल वजन करीब 150 किलो है.