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PHOTOS: यहां अंगारों के बीच हाथ में तलवार लेकर गरबा करते हैं लोग, सदियों पुरानी है यह अनोखी परंपरा

यहां अपनी परंपरा को कायम रखने के लिए आज भी ट्रेडिशनल गरबे का आयोजन होता है और हाथों में तलवार और मशाल लेकर युवा गरबा खेलते हैं.

निर्मल त्रिवेदी | Oct 03, 2019, 14:58 PM IST

नई दिल्लीः आज नवरात्रि का पांचवा दिन है और गुजरात में भारी बारिश के बीच भी गरबा का क्रेज कम नहीं हुआ है. जामनगर में भी अनोखे अंदाज में गरबे की धूम है. यहां अपनी परंपरा को कायम रखने के लिए आज भी ट्रेडिशनल गरबे का आयोजन होता है और हाथों में तलवार और मशाल लेकर युवा गरबा खेलते हैं. .इतना ही नहीं यहां के युवा मशाल हाथ में रखकर आग की लपटों पर गरबा रास खेलते हैं और यहां यह परंपरा सदियों से चली आ रही है.

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रास देखकर मंत्रमुग्ध हो जाते हैं लोग

People get mesmerized after seeing Raas

ये आग के बीच मशालों के साथ रास खेलने वाले युवक जामनगर के रंजीतनगर पाटीदार मंडल के हैं. इस मंडल ने आज भी प्राचीन परंपरा को संभाल कर रखा है. यहां खेलैया डांडिया और रास तो खेलते ही हैं, लेकिन प्राचीन दांतरडा रास, मशाल रास और तलवार रास यहां का मुख्य आकर्षण नजर आता है. युवा गरबा खेलैया जब तलवार और मशाल के साथ गरबा रास के लिए प्रांगण में उतरते हैं, तब उन्हें देखने के लिए सैकड़ों की संख्या में लोग जमा हो जाते हैं और रास देखकर मंत्रमुग्ध हो जाते हैं. 

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2 महीने पहले से शुरू हो जाती है प्रेक्टिस

Practice starts 2 months ago

यहां यह आयोजन पिछले सात दशक से आयोजित हो रहा है. इस तरह के गरबे का आयोजन अपनी प्राचीन परंपरा को कायम रखना है. इस स्पेशल पारम्परिक रास गरबा को खेलने के लिए युवा दो महीने पहले से ही प्रेक्टिस में लग जाते हैं और इस पारम्परिक गरबा रास की हर स्टेप कड़ी मेहनत कर सीखते हैं. क्यों की इनके हाथो में सिर्फ मशाल तलवार ही नहीं होती, बल्कि दहकते अंगारो पर ये युवा रास गरबा करते हैं और वो भी नंगे पैर.

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सालों से चली आ रही है यह परंपरा

This tradition has been going on for years

खतरनाक रास गरबा खेलने के पीछे उनकी तैयारी के साथ मां शक्ति के प्रति एक बहुत बड़ी आस्था है, जो दहकते अंगारो के बीच रास खेलने से इनका कोई डर इन्हें नहीं रोक पाता. आज जहां नए युग के हिसाब से पारम्परिक गरबा लगभग खत्म होने की कगार पर नजर आ रहा है, वहीं यहां के युवाओं में इस तरह का पारम्परिक साहस वाकई उनकी प्रशंसा करने से नहीं रोक पाता.

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शहनाई और हारमोनियम पर होता है गरबा

Garba is on the clarinet and harmonium

यह न तो कोई ऑर्केस्ट्रा या फिल्मी गानों के बीच गरबा खेला जाता है न ही आधुनिक डांस वाला गरबा होता है. यहां हारमोनियम, ढोल, तबले और शहनाई पर गरबा होता है, जो अपनी सभ्यता और संस्कृति को बचाए हुए है.