ज्यादा आराम आपको बना सकता है विकलांग, रहना है स्वस्थ तो करें ये काम...

 कुछ अध्ययनों ने यहां तक कहा है कि 52 प्रतिशत भारतीय शारीरिक रूप से निष्क्रिय हैं.

ज़ी न्यूज़ डेस्क | Feb 16, 2019, 10:32 AM IST

नई दिल्ली: शारीरिक गतिविधि न होना बीमारी और विकलांगता का एक प्रमुख कारण है. कुछ न करने से बेहतर है कि कोई भी गतिविधि की जाए. लोगों को प्रति सप्ताह 150 मिनट तक मध्यम व्यायाम करना चाहिए, लेकिन कुछ शोधकर्ताओं का तर्क है कि यह सिफारिश कुछ लोगों को भारी लग सकती है. द लांसेट में प्रकाशित एक लेख में पाया गया कि 10 में से 4 भारतीय पर्याप्त रूप से सक्रिय नहीं हैं. कुछ अध्ययनों ने यहां तक कहा है कि 52 प्रतिशत भारतीय शारीरिक रूप से निष्क्रिय हैं. एक अन्य अध्ययन से संकेत मिला है कि गतिहीन जीवन शैली धूम्रपान, मधुमेह और हृदय रोग से भी बदतर है.

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हम अब शारीरिक रूप से कम सक्रिय हैं

इस बारे में पद्मश्री चिकित्सक डॉ. के के अग्रवाल ने कहा, "व्यायाम की कमी सेलुलर स्तर तक मानव शरीर को प्रभावित करती है. आधुनिक और उन्नत तकनीक ने निश्चित रूप से हमारे लिए जीवन को आसान और सुविधाजनक बना दिया है. ऑनलाइन शॉपिंग, ऑनलाइन भुगतान, जानकारी तक पहुंच, ये सारे काम हम घर बैठे आराम से कर सकते हैं. लेकिन, क्या तकनीक ने वास्तव में हमारे जीवन को बेहतर बनाया है? इसने एक गड़बड़ यह भी की है कि स्वास्थ्य की कीमत पर हमारी जीवन शैली का पैटर्न बदल गया है और हम अब शारीरिक रूप से कम सक्रिय हैं." 

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टेक्नोलॉजी के चलते व्यक्ति हो रहा है आलसी

Being a lazy person due to technology

उन्होंने कहा कि कंप्यूटर पर लंबे समय तक डेस्क पर बैठकर, स्मार्टफोन पर सोशल मीडिया का उपयोग करते हुए, टीवी देखते हुए या मीटिंग में बैठे हुए, ये सभी गतिविधियां गतिहीन व्यवहार को बढ़ावा देती हैं.

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मानसिक बीमारी का कारण होता है आलस

laziness causes Mental illness

व्यायाम शारीरिक गतिविधि का पर्याय नहीं है. व्यायाम को योजना बनाकर किया जाता है, यह व्यवस्थित होता है और इसे दोहराया जाता है, जबकि अन्य गतिविधियां खाली समय में की जाती हैं, जैसे कि एक स्थान से दूसरे स्थान को जाना, या खुद का कोई काम करना, और इन सब गतिविधियों से सेहत को फायदे होते हैं.

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पार्क में घूमना मानसिक तनाव और थकान को कम करता है

Walking in the park reduces mental stress and fatigue

पद्मश्री से सम्मानित डॉ. के. के. सेठी ने कहा, "पैदल चलना व्यायाम का सबसे अच्छा तरीका है, जिसमें किसी निवेश की आवश्यकता नहीं है, कोई विशेष प्रशिक्षण भी नहीं चाहिए होता है. प्राकृतिक वातावरण जैसे कि पार्क में घूमना मानसिक तनाव और थकान को कम करता है और फील गुड हार्मोन एंडोर्फिन के रिलीज होने से मूड में सुधार करता है. प्रकृति के साथ निकटता आध्यात्मिक यात्रा में भी मदद करती है और रक्तचाप एवं नाड़ी की दर को नियंत्रित करती है."

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पैदल चलने की कोशिश करें

Try walking

चिकित्सकों दिए ने सुझाव:  -जितनी बार हो सके सीढ़ियों से आएं-जाएं. -एक स्टॉप पहले उतरें और बाकी रास्ता पैदल चलकर जाएं. -बैठकर मीटिंग करने की बजाय खड़े रहकर मीटिंग करें. -पास की दुकानों पर पैदल ही जाएं.

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खाना खाने के बाद टहलें

Walk after eating

-फोन पर बात करते समय खड़े हों या चलें फिरें. -इंटरकॉम या फोन का उपयोग करने के बजाय अपने सहयोगी से बात करने के लिए चलकर उसके पास जाएं. -काम के दौरान या दोपहर के भोजन के दौरान अपनी इमारत के चारों ओर चलें-फिरें. -प्रत्येक दिन 80 मिनट चलें. सप्ताह में 80 मिनट तक प्रति मिनट 80 कदम की गति से ब्रिस्क वॉक करें.