स्क्रब टायफस : ये बीमारी है इंसानी जिंदगी की दुश्मन, ऐसे करें बचाव...
स्क्रब टाइफस एक जीवाणुजनित संक्रमण है जो लोगों की मौत की बड़ी वजह बनता है, जिसके लक्षण कुछ-कुछ चुकनगुनिया जैसे ही होते हैं.
डेंगू, मलेरिया और स्वाइन फ्लू के बाद अब स्क्रब टाइफस बीमारी लोगों के लिए किसी बड़ी समस्या बनती जा रही है. स्क्रब टायफस के मरीज ज्यादातर पहाड़ी इलाकों में पाए जाते हैं. डेंगू, मलेरिया और स्वाइन फ्लू जैसी बीमारी के बाद लगातार इन मरीजों की संख्या की बढ़ोत्तरी देखी जा रही है. स्क्रब टाइफस एक जीवाणुजनित संक्रमण है जो लोगों की मौत की बड़ी वजह बनता है, जिसके लक्षण कुछ-कुछ चुकनगुनिया जैसे ही होते हैं. ये बीमारी इतनी खतरनाक है कि किसी की जान तक जा सकती है.
Scrub typhus is dangerous disease

Scrub typhus

पार्क या पेड़-पौधों के बीच जाने से पहले पूरी बाजू के कपड़े पहनें. बुखार तीन-चार दिनों से ज्यादा हो तो तुरंत डॉक्टर से मिलें. घर के अंदर और आसपास कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करें. कई अध्ययनों में यह साबित हुआ है कि इस रोग के इलाज में टेट्रासाइक्लिन के साथ कीमोप्रोफिलेक्सिस बेहद प्रभावशाली रहती है. जिन इलाकों में पिस्सू अधिक पाए जाते हों, वहां के लोगों को त्वचा और कपड़ों पर कीट भगाने वाली क्रीम या स्प्रे का प्रयोग करना चाहिए.
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यह बीमारी खासतौर से गांवों के इलाको में होती है. पशुओं के संपर्क में आने के कारण यह बीमारी होती है. गांवों में पशुओं के नोहरे और झाड़ियों वाले इलाके में यह बीमारी ज्यादा फैलती है. एक सप्ताह के भीतर यदि बीमारी का पता लग जाए तो उसका इलाज किया जा सकता है. अन्यथा मरीज को कई सारी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है.
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