सुषमा स्वराज: विदेश मंत्री के तौर पर इन 7 कामों की चलते हमेशा की जाएंगी याद

बतौर विदेशमंत्री सुषमा स्वराज का कार्यकाल काफी लोकप्रिय रहा. विदेश मंत्री रहते हुए उन्होंने एक ट्वीट पर कई लोगों की मदद की.

अभिषेक कुमार | Aug 07, 2019, 04:03 AM IST

नई दिल्ली: पूर्व विदेशमंत्री सुषमा स्वराज के निधन की खबर से हर काई सन्न है. 67 वर्षीय नेता मौत से चंद मिनट पहले ट्वीट कर रही थीं. चंद मिनट पहले प्रसिद्ध वकील हरीश साल्वे से फोन पर बातचीत की थीं, लेकिन अचानक से इस दुनिया से चल बसीं. विदेशमंत्री के तौर पर अपने कार्यकाल में सुषमा स्वराज काफी लोकप्रिय रहीं. वह जब तक विदेशमंत्री रहीं तब तक वह एक ट्वीट पर लोगों की मदद करती रहीं. उन्होंने आम लोगो की ऐसे मदद की मानो वह उनकी मां हो. इन सबके अलावा सुषमा स्वराज ने बतौर विदेशमंत्री 7 ऐसे काम किए जिसे दुनिया याद करती रहेगी. आइए उन सात कार्यों पर एक नजर डालते हैं.

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कुलभूषण जाधव का मामला अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में ले गईं

Kulbhushan Jadhav's case taken to international court

पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव का मामला सुषमा स्वराज अंतरराष्ट्रीय अदालत (ICJ) ले गईं. सुषमा के बात करने पर प्रसिद्ध वकील हरीश साल्वे ने महज एक रुपए की फीस लेकर इस केस की पैरवी की. साथ ही भारत को इसमें जीत भी मिली. कुलभूषण जाधव की फांसी पर ICJ ने रोक लगा दी.

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मसूद अजहर को अंतरराष्‍ट्रीय आतंकी घोषित कराया

Masood Azhar declared as an international terrorist

सुषमा स्‍वराज ने विदेश मंत्री के तौर पर कार्यभार संभालने के बाद से ही 13 दिसंबर, 2001 को भारत की संसद पर हुए आतंकी हमले के मास्‍टरमाइंड और पाकिस्‍तान से संचालित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्‍मद के सरगना मसूद अजहर को अंतरराष्‍ट्रीय आतंकी घोषित कराने की कवायद शुरू कर दी. उनके प्रयासों का ही नतीजा था कि बार-बार चीन के अड़ंगा अड़ाने के बावजूद 1 मई, 2019 को मसूद को संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद ने अंतरराष्‍ट्रीय आतंकी घोषित कर दिया गया.

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यमन से निकाले 4000 भारतीय

4000 Indians expelled from Yemen

यमन में जब हूथी विद्रोहियों और सरकार के बीच जंग छिड़ी थी तो हजारों भारतीय वहां फंसे थे. तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने वर्ष 2015 में सऊदी अरब की मदद से यमन में फंसे भारतीयों और विदेशियों को निकालने में सफलता हासिल की. उस दौरान यमन से 4000 से ज्‍यादा भारतीयों व विदेशियों को निकालने के लिए भारतीय सशस्त्र बलों ने 'ऑपरेशन राहत' शुरू किया था. अदन बंदरगाह से 1 अप्रैल, 2015 को समुद्र से इन लोगों को निकालने का काम चला था, जो 11 दिन तक चला था.

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सूडान से 150 और लीबिया से 29 भारतीयों को निकाला

150 Indians evacuated from Sudan and 29 from Libya

सुषमा स्‍वराज ने दक्षिण सूडान में छिड़े गृह युद्ध के दौरान वहां फंसे भारतीयों की सुरक्षित वतन वापसी में बड़ी भूमिका निभाई. 'ऑपरेशन संकटमोचन' के जरिए सूडान से 150 भारतीयों को निकाला. इसमें 56 लोग केरल के रहने वाले थे. इसके बाद लीबिया में सरकार और विद्रोहियों के बीच छिड़ी जंग के दौरान 29 भारतीयों को वहां से सुरक्षित भारत लेकर आईं.

 

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पाकिस्‍तान से भारत लाई गईं गीता

Geeta brought from Pakistan

11 साल की उम्र में भटककर सरहद पार पाकिस्‍तान पहुंची मूक-बधिर भारतीय लड़की गीता को सुषमा स्‍वराज की कोशिशों के कारण ही भारत वापस लाया जा सका. गीता भारत आने के बाद सबसे पहले विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज से मिली.

 

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जब सुषमा ने जीता पाकिस्तानियों का दिल

When Sushma won the heart of Pakistanis

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने पाकिस्तान के लाहौर के उस नवजात शिशु को मेडिकल वीजा देना का भरोसा दिया, जो दिल की बीमारी से पीडि़त था. दरअसल, उस बच्चे रोहान की मां ने सुषमा स्‍वराज से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया था. इस पर सुषमा स्‍वराज ने ट्वीट कर कहा था कि हम भारत में रोहान के इलाज के लिए मेडिकल वीजा देंगे.

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इराक में फंसे नर्सों वतन वापसी

Nurses stranded in Iraq return home

इराक में आतंकी संगठन इस्‍लामिक स्‍टेट (ISIS) ने भारत की नर्सों को बंधक बना लिया था. सुषमा स्वराज के प्रयास से इराक से 46 भारतीय नर्सो सहित एयर इंडिया का विशेष विमान 5 जुलाई, 2014 की सुबह मुंबई पहुंचा. इसके बाद विमान कोच्चि पहुंचा, जहां सभी नर्सें अपने परिजनों से मिलीं.