PICS: सुषमा स्वराज कॉलेज में थीं होनहार स्टूडेंट, 3 साल तक रहीं थीं NCC कैडेट

वह 3 साल एनसीसी की बेस्ट कैडेट रहीं और केवल बेस्ट कैडेट ही नहीं, वह अपने महाविद्यालय के एनसीसी कैडेट की बेस्ट निशानेबाज भी थीं. 

राजन शर्मा | Aug 08, 2019, 13:13 PM IST

देश की पूर्व विदेश मंत्री एवं प्रखर वक्ता बीजेपी की वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज भले आज इस दुनिया में ना रही हों लेकिन उनका व्यक्तित्व और देश के विदेश मंत्री के तौर पर किए गए कामों के लिए वह हमेशा अमर रहेंगी. अपने जीवन के विद्यार्थी काल से ही सुषमा स्वराज 1 होनहार विद्यार्थी और एनसीसी कैडेट थीं.

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1966 में सनातन धर्म कॉलेज में सुषमा स्वराज ने लिया था एडमिशन

Sushma Swaraj, Sushma Swaraj Death

1966 में सुषमा स्वराज ने अंबाला कैंट के सनातन धर्म कॉलेज में एडमिशन लिया और 1970 में उन्होंने यहां से बीए ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. पढ़ाई में सुषमा स्वराज एक बेहतरीन विद्यार्थी थीं. जिन्होंने तीनों साल अच्छे मार्क्स के साथ ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की लेकिन जिस भविष्य के वक्ता की जरूरत देश को थी वह छवि भी उनकी कॉलेज के वक्त से ही उभरने लगी थी. 

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3 साल तक रहीं थी एनसीसी की बेस्ट कैडेट

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वह 3 साल एनसीसी की बेस्ट कैडेट रहीं और केवल बेस्ट कैडेट ही नहीं, वह अपने महाविद्यालय के एनसीसी कैडेट की बेस्ट निशानेबाज भी थीं. 3 साल तक हरियाणा के भाषा विभाग ने उनको हिंदी के बेस्ट स्पीकर का अवार्ड दिया. वहीं वह विश्वविद्यालय की भी बेस्ट स्पीकर रही हैं. 1970 में उन्हें कॉलेज ने अपने सबसे बड़े अवॉर्ड बेस्ट स्टूडेंट के अवॉर्ड से नवाजा था.

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हर क्षेत्र में थी बेहतरीन विद्यार्थी

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कॉलेज के प्रिंसिपल राजेंद्र सिंह बताते हैं कि सुषमा स्वराज हर क्षेत्र में एक बेहतरीन विद्यार्थी थीं और महाविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए रोल मॉडल हैं. आज सुषमा स्वराज का यूं जाना ना केवल देश बल्कि कालेज के लिए भी क्षति है.  

 

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कॉलेज के इन दो टीचर्स का था उनके जीवन पर सबसे अधिक प्रभाव

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कॉलेज के ही एक ओर लेक्चरार डॉ. नंदकिशोर शर्मा कहते हैं कि उनके जीवन पर डॉक्टर लीलाधर जी और सियार नागपाल जी के जीवन का बहुत प्रभाव था और यही वह दो टीचर थे जिन्होंने भाषण कला में सुषमा स्वराज को पारंगत बनाया. डॉक्टर लीलाधर की पुस्तक प्रकाशन पर 2006 में भी सुषमा स्वराज कॉलेज में आई थीं लेकिन सुषमा स्वराज एक बात हमेशा कहती थीं कि कभी भी वह चीफ गेस्ट के तौर पर कॉलेज नहीं आना चाहती क्योंकि वह तो इस महाविद्यालय के विद्यार्थी रही हैं.

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आने वाली कई पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेंगी सुषमा स्वराज

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आज भले ही सुषमा स्वराज इस दुनिया को अलविदा कर गई हों लेकिन जो भाषण कला और जो शिक्षा उन्होंने अपने विद्यार्थी जीवन में ली है, वह आने वाली कई पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी.