जन्माष्टमी 2018: कान्हा को प्रिय हैं ये 5 चीजें, पूजा में शामिल करने से होता है लाभ

 ये तो हम सभी जानते हैं कि श्रीकृष्ण को दूध, दही और माखन बहुत प्रिय था. लेकिन, इसके अलावा भी उन्हें बहुत कुछ पसंद था. 

ज़ी न्यूज़ डेस्क | Aug 31, 2018, 12:23 PM IST

नई दिल्ली: श्रीकृष्ण अवतार भगवान विष्णु का पूर्णावतार है. ये रूप जहां धर्म और न्याय का सूचक है, वहीं इसमें अपार प्रेम भी है. सिर पर मुकुट, मुकुट में मोर पंख, पीतांबर, बांसुरी और वैजयंती की माला. ऐसे अद्भूत रूप को जो एकबार देख लेता था, वो उसी का दास बनकर रह जाता था. देश ही नहीं दुनियाभर में श्रीकृष्ण के भक्तों की धूम है. जन्माष्टमी से पहले ही उनके भक्त तैयारियों में लीन हो जाते हैं. मुरली वाले को जो-जो तीज प्रिय होती है, उनके भक्त उन्हें वहीं अर्पित करते हैं. ये तो हम सभी जानते हैं कि श्रीकृष्ण को दूध, दही और माखन बहुत प्रिय था. लेकिन, इसके अलावा भी उन्हें बहुत कुछ पसंद था. श्रीकृष्ण को इन पांच चीजों से विशेष लगाव था. कहा जाता है कि भक्त कुछ भी ईश्वर को अर्पित करें और सच्चे दिल से प्रार्थना करें, तो मनोकामना जरूर पूरी होती है, लेकिन अगर इन पांच चीजों में से कुछ अर्पित करें, तो बाल-गोपाल अपने प्रेमी से खुश होकर उसकी इच्छा जरूर पूरी करते हैं.

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पीतांबर वस्त्र और चंदन का तिलक

Pentamum cloth and sandalwood tilak

श्रीकृष्ण सदैव पीतांबर वस्त्र धारण किया और माथे पर चंदन का तिलक लगाया. इसलिए उनके भक्त उनकी पूजा में भी सबसे पहले उन्हें चंदन समर्पित करें. 

 

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मोरपंख है प्रिय

he loves Peacock feathers

भगवान श्रीकृष्ण अपने मुकुट में मोरपंख धारण करते हैं. मोर पंख सम्मोहन और भव्यता का प्रतीक है. ये दुखों को दूर कर जीवन में खुशहाली का सूचक है. कान्हा के मुकुट की सजावट मोर पंख के बिना अधूरी है.

 

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बांसुरी से था सबसे ज्यादा लगाव

he loves to play flute

भगवान श्रीकृष्ण को बांसुरी अत्यंत प्रिय है. श्रीकृष्ण की बांसुरी की मीठी धुन सुनकर सारी गोपियां, ग्वाल-बाल, गायें, जीव-जंतु, पेड़-लता थम से जाते थे. बांसुरी सरलता और मीठास का प्रतीक है. इसलिए जन्माष्टमी के मौके पर श्रीकृष्ण की मूर्ति को सजाते समय बांसुरी रखना न भूलें. बाजार में सुसज्ज‍ित बांसुरी आसानी से मिल जाती हैं. 

 

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वैजयंती की माला

vaijanti mala

भगवान श्रीकृष्ण अपने गले में सदैव वैजयंती की माला धारण किए रहते हैं. पूजा के समय श्रीकृष्ण को वैजयंती की माला पहनाना न भूलें. वैजयंती माला के सम्बन्ध में प्राचीन ग्रन्थों काफी महिमा का बखान किया गया है. यह माला धरा ने श्रीकृष्ण को भेंट में दी थी, अतः श्रीकृष्ण को यह माला अत्यन्त प्रिय थी.

 

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माखन-मिश्री की मिठास

makhan mishri

कृष्ण को माखन मिश्री बहुत ही प्रिय है. मिश्री मिठास का प्रतीक है. जीवन में मिठास का होना बेहद जरूरी है. श्रीकृष्ण ने सदैव प्रेम करने की सीख दी. प्रेम हर उस चीज से जो हमारे इर्द-गिर्द मौजूद है. इसलिए जन्माष्टमी के दिन उनके भक्त माखन मिश्री का भोग जरूर लगाते हैं. (सभी फोटो साभार- सोशल मीडिया)