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Festive Travel: गणेश चतुर्थी पर करें एमपी और छत्तीसगढ़ के इन मंदिरों के दर्शन

2 सिंतबर को गणेश चतुर्थी का त्योहार पूरे देश में धूमधाम से शुरू हो चुका है. इसी के साथ गणेश मंदिरों में भक्तों का तांता लगना शुरू हो गया है.

वंदना यादव | Sep 10, 2019, 12:59 PM IST

नई दिल्ली: देशभर में गणेश चतुर्थी का फेस्टिवल बड़े धूमधाम से मनाया जा रहा है. इस त्योहार पर कोने-कोने से लोग बप्पा के मशहूर मंदिरों में दर्शन करने जाते हैं. मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के कई ऑफबीट जगहों की प्रसिद्धि विदेशों में भी फैली हुई है. 2 सिंतबर को गणेश चतुर्थी का त्योहार पूरे देश में धूमधाम से शुरू हो चुका है. इसी के साथ गणेश मंदिरों में भक्तों का तांता लगना शुरू हो गया है. प्रदेश के कई प्राचीन मंदिरों में सालभर भक्त दर्शन करने के लिए आते रहते हैं लेकिन चतुर्थी पर यहां की रौनक कई गुना बढ़ जाती है. ऐसे में जानिए मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के इन फेमस मंदिरों की महिमा के बारे में. 

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बड़ा गणेश का मंदिर, उज्जैन

Bada Ganesh Mandir

उज्जैन महाकाल की नगरी है और इस शहर के हर गली मोहल्ले में मंदिरों की भरमार है. उज्जैन में स्थित बड़ा गणेश का मंदिर काफी मशहूर है. लाल रंग के बड़े से गणेश पत्नियों रिद्धि और सिद्धि के साथ यहां विराजमान हैं. इस मंदिर में पंचमुखी हनुमान भी मौजूद हैं. इस मंदिर खास बात ये है कि यहां पर ज्योतिष और संस्कृति भाषा का ज्ञान भी दिया जाता है. 

 

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खजराना गणेश मंदिर, इंदौर

khajrana ganesh mandir

इंदौर के खजराना गणेश मंदिर की लीला भक्तों के बीच काफी मशहूर है. खजराना गणेश मंदिर का निर्माण 1735 में होलकर वंश की महारानी अहिल्याबाई ने करवाया था. मान्यताओं के अनुसार श्रद्धालु इस मंदिर की तीन परिक्रमा लगाते हैं और मंदिर की दीवार पर धागा बांधते हैं. भक्त मन्नत लेकर भगवान गणेश की प्रतिमा की पीठ पर उल्टा स्वास्तिक बनाते हैं और मन्नत होने पर सीधर स्वातिक बनाते हैं. इसी के साथ गणेशजी को मोदक का भोग लगाया जाता है. इस मंदिर में गणपति केवल सिंदूर से स्थापित किए गए हैं. 

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पोहरी गणेश मंदिर, शिवपुरी

Pohri ganesh Mandir

पोहरी किले में बना प्राचीन गणेश मंदिर लगभग 200 साल पुराना है. बाला बाई सीतोले ने 1737 में इस मंदिर का निर्माण कराया था. बता दें कि इस मंदिर की मान्यता है कि मंदिर में जो भी भक्त नारियल रखकर मनोकामना मांगते हैं बप्पा उसे पूरा कर देते हैं. पोहरी गणेश मंदिर की विशेषता है कि यहां कुंवारी लड़की शादी के लिए नारियल रख देती है तो उनकी शादी जल्दी हो जाती है. 

 

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चिंतामन गणेश मंदिर, सीहोर

Chintamani Ganesh mandir

मध्यप्रदेश के सीहोर में स्थित चिंतामन गणेश मंदिर के बारे में मान्यता है कि इस मंदिर की स्थापना विक्रमादित्य ने की थी लेकिन इसकी मूर्ति उन्हें स्वयं गणपति ने दी थी. प्रचलित कहानी के अनुसार राजा विक्रमादित्य के स्वप्न में बप्पा आए और पार्वती नदी के तट पर पुष्प रूप में अपनी मूर्ति होने की बात बताते हुए उसे लाकर स्थापित करने का आदेश दिया. राजा विक्रमादित्य ने वैसा ही किया. इस मंदिर में भक्तों की सभी मुरादें पूरी होती हैं. 

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ढोलकल गणेश, दंतेवाड़ा

Dholkal Ganesh Temple

छत्तीसगढ़ के नक्सल इलाके दंतेवाड़ा में एक पहाड़ी पर विराजमान बप्पा की महिमा पूरे देश में फैली हुई है. लोगों का मानना है कि ढोलकल पहाड़ी पर मौजूद गणेश भगवान की ये प्रतिमा 1100 साल पुरानी है. मान्यताओं की मानें तो यहां पर परशुराम और गणपति में युद्ध हुआ था. उस युद्ध में गणेश जी का एक दांत टूट गया था, जिसके कारण बप्पा एकदंत कहलाए. परशुराम के फरसे से गजानन का दांत टूटा, इसलिए पहाड़ी के शिखर के नीचे के गांव का नाम फरसपाल रखा गया. इतना ही नहीं कई लोगों का मानना है कि गणपति की प्रतिमा ढोलक के आकार की तरह दिखती है, जिस कारण से इस पहाड़ी का नाम ढोलकल पड़ा.