Photos : जानें कौन हैं तृप्ति देसाई, जिन्होंने लड़ी मंदिरों में महिलाओं की एंट्री की लड़ाई

लगातार खबरों में चल रहीं तृप्ति देसाई के बारे में जानें कि कौन हैं वो.

ज़ी न्यूज़ डेस्क | Nov 16, 2018, 10:47 AM IST

महिलाओं के प्रवेश को लेकर विवादों में चल रहे केरल के सबरीमाला मंदिर के द्वार शुक्रवार शाम को फिर खुल रहे हैं. वहीं सबरीमाला मंदिर में दर्शन के लिए आज भूमाता ब्रिगेड की प्रमुख तृप्ति देसाई भी कोच्चि अंतरराष्‍ट्रीय एयरपोर्ट पर पहुंच गई हैं. लेकिन एयरपोर्ट के बाहर उनका भारी विरोध हो रहा है. बड़ी संख्‍या बाहर जुटे प्रदर्शनकारी उन्‍हें एयरपोर्ट से बाहर न निकलने देने के लिए अड़े हैं. इसके चलते इलाके में सुरक्षा व्‍यवस्‍था चाक चौबंद कर दी गई है. लगातार खबरों में चल रहीं तृप्ति देसाई के बारे में जानें कि कौन हैं वो. 

1/7

भूमाता ब्रिगेड की प्रमुख तृप्ति देसाई

know more about activist Trupti Desai

तृप्ति देसाई जेंडर इक्वालिटी की लड़ाई लड़ रही हैं. पुणे की रहने वाली तृप्ति देसाई पिछले कई सालों से महिलाओं के अधिकारों के लिए सजग हैं. तृप्ति 'भूमाता ब्रिगेड' नाम की एक संस्था चलाती हैं. संस्था की शाखा सिर्फ पुणे में ही नहीं, अहमदनगर, नासिक और शोलापुर में भी है.

2/7

केरल के सबरीमाला मंदिर के द्वार शुक्रवार शाम को फिर खुल रहे हैं

know more about activist Trupti Desai

महाराष्ट्र के शनि शिंगणापुर मंदिर और हाजी अली दरगाह में महिलाओं को प्रवेश दिलाने के पीछे तृप्ति का बहुत बड़ा योगदान रहा. 

3/7

तृप्ति देसाई जेंडर इक्वालिटी की लड़ाई लड़ रही हैं

know more about activist Trupti Desai

तृप्ति समाजसेवी अन्ना हजारे के साथ कई सामाजिक कार्यों में हिस्सा ले चुकी हैं. सबरीमाला से पहले नासिक के त्रयंबकेश्वर, कपालेश्वर मंदिर और कोल्हापुर के महालक्ष्मी मंदिर में महिलाओं को प्रवेश दिलाने के लिए भी तृप्ति ने आंदोलन किया था.

4/7

तृप्ति समाजसेवी अन्ना हजारे के साथ काम कर चुकी हैं

know more about activist Trupti Desai

तृप्ति ने मुंबई की SNDT महिला यूनिवर्सिटी से स्नातक की पढ़ाई की है. 2010 में उन्होंने भूमाता रणरागिनी ब्रिगेड की स्थापना की थी.

5/7

महिला सशक्तीकरण आंदोलन

know more about activist Trupti Desai

तृप्ति देसाई का कहना है कि हमने 400 साल पुरानी परंपरा तोड़ी और शनि शिंगणापुर में महिलाओं को प्रवेश की अनुमति दी गई, हाजी अली दरगाह का निर्णय आया. महिला सशक्तीकरण की बात हमारे आंदोलन के बाद तेज हुई है. 

6/7

पुरुषों के प्रवेश पर पाबंदी के खिलाफ भी लड़ाई लड़ चुकी हैं

know more about activist Trupti Desai

तृप्ति पुणे के खेड तहसील के कनेरसर के यमाई देवी के मंदिर के खास हिस्से में पुरुषों के प्रवेश पर पाबंदी के खिलाफ भी वह लड़ाई लड़ चुकी हैं.

7/7

तृप्ति कई दूसरी वजहों से चर्चा में आ चुकी हैं.

know more about activist Trupti Desai

मंदिरों में प्रवेश के अलावा भी तृप्ति कई दूसरी वजहों से चर्चा में आ चुकी हैं. पुणे के श्री अस्पताल में गर्भपात करने वाले डॉक्टरों पर कालिख पोतने ये लेकर शादी का झांसा देकर एक लड़की से कथित तौर पर रेप करने वाले एक युवक की चप्पलों से पिटाई करने जैसे कामों को भी तृप्ति अंजाम दे चुकी हैं. 

(फोटो साभार : ANI)