अक्सर फैंस अपने पसंदीदा स्टार्स के लिए कुछ ऐसा कर जाता है जो कि अखबारों में छप जाता है. कई फैन अपने पसंदीदा स्टार को भगवान की तरह पूजते हैं. आज हम आपको ऐसे ही एक किस्से के बारे में बताएंगे. 16 साल की एक्ट्रेस के लिए लोगों के बीच गजब का पागलपन हुआ करता था.
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हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की फीमेल सुपरस्टार के लिए एक तांगेवाले ने अपना घोड़ा गिरवी रख दिया था. तांगेवाले ने एक्ट्रेस की फिल्म को 22 बार देखा था. हम बात कर रहे हैं सिंगर और एक्ट्रेस कज्जनबाई की है.
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कज्जनबाई का जन्म बदनाम गलियों में हुआ था. अपनी मेहनत से कज्जनबाई कोठे से निकलकर शाही महल तक पहुंची. कज्जनबाई एक ऐसी सिंगर थी जिसे सुनने के लिए लोग बेताब रहते थे. इसी टैलेंट से वह फिल्मों में आई. एक्ट्रेस के तौर पर भी वह काफी सक्सेसफुल रहीं.
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15 फरवरी 1915 में कज्जनबाई का जन्म लखनऊ की तवायफ सुग्गनबाई के घर पर हुआ. वह नवाब की बेटी थी. उनका असली नाम जहांआरा कज्जन था. उनकी मां एक तवायफ थी उनकी महफिल में कई रईस नवाब आते थे. एक समय आया था जब तवायफों और कोठों का विरोध हुआ जिसके बाद अधितकर तवायफें आर्टिस्ट बन गई हैं.
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कज्जनबाई ने बचपन से ही गाना बजाना देखा था. उनकी मां ने उन्हें खांस ट्रेनिंग दिलवाने का फैसला लिया. उन्होंने बेटी को इंग्लिश और उर्दू सीखने के लिए पटना भेजा. यहां पर उन्होंने क्लासिकल सिंगिंग की ट्रेनिंग लें. कज्जनबाई हिंदी-उर्दू के साथ इंग्लिश भाषा में भी काफी अच्छी थी.
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कज्जनबाई धीरे धीरे गाने और शायरी करने लगी. एक दिन प्रोड्यूसर जमशेद मदन ने उन्हें अपनी फिल्म में कास्ट किया. प्रोड्यूसर जमशेद मदन भारत की दूसरी बोलने वाली फिल्म शिरीन फरहाद बना रहे थे. इस तरह कज्जनबाई ने अपना डेब्यू किया.
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शुरुआत में कज्जनबाई अपने गानों के लिए बेहद पॉपुलर थी. वह अपने गानों से स्टारबन गई. वह देश की दूसरी बोलती फिल्म में नजर आईं. इस फिल्म में उन्होंने गाने भी गाए.
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शिरनी फरहाद फिल्म में 42 गाने थे जो कि कज्जनबाई और निसार ने मिलकर गाए थे. इस फिल्म ने उस समय इतिहास रच दिया था. फिल्म में 42 गाने थे. फिल्म को काफी पसंद किया गया था. वहीं कज्जनबाई भी सुपरहिट हो गई. 16 साल की उम्र में वह पहली सुपरस्टार बन गई.
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माना जाता है कि कज्जनबाई की फिल्म देखने के लिए लाहौर के एक तांगेवाले अपने घोड़े गिरवी पर रख दिए थे. तांगेवाले ने फिल्म को 22 बार देखा था.
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