Advertisement
trendingPhotos2986940
Hindi NewsPhotos'रेड कार्पेट' पर ही क्यों करते हैं VIP का स्वागत? नीले, पीले रंग का क्यों नहीं होता कालीन
photoDetails1hindi

'रेड कार्पेट' पर ही क्यों करते हैं VIP का स्वागत? नीले, पीले रंग का क्यों नहीं होता कालीन

किसी VIP, नेता या सेलिब्रिटीज का स्वागत हो या किसी खास इवेंट में मेहमानों का वेलकम करना हो. जमीन पर लाल रंग का कालीन बिछाया जाता है. लेकिन क्या आपने कभी ये सोचा है कि किसी का स्वागत रेड कार्पेट पर ही क्यों किया जाता है?

स्वागत

1/6
 स्वागत

जब भी किसी खास शख्सियत का स्वागत हो या कोई विशेष आयोजन हो, हमेशा रेड कार्पेट बिछाया जाता है. किसी खास इवेंट में नेताओं या सेलिब्रिटीज की एंट्री और स्वागत के लिए भी रेड कार्पेट ही बिछाया जाता है. शादी विवाह जैसे आयोजनों में भी मेहमानों के स्वागत के लिए रेड कार्पेट का ही इस्तेमाल होता है. चलिए जानते हैं ये रेड कार्पेट 'रेड' ही क्यों होता है.

कब हुई शुरुआत

2/6
कब हुई शुरुआत

अगर हम स्वागत के लिए बिछाए जाने वाले रेड कार्पेट के इतिहास की बात करें तो मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इसका इतिहास 458 ईसा पूर्व में लिखे गए प्राचीन यूनानी नाटक में मिलता है. प्राचीन यूनानी नाटक के राजा 'एगो मेमन' जब ट्रोजन युद्ध से लौटते हैं, तो उनके स्वागत में लाल कालीन बिछाया जाता है. लाल रंग का कालीन शाही सम्मान का प्रतीक होता था. रेड कार्पेट का यूज प्राचीन यूनानी और रोमन सभ्यताओं में किया जाता रहा है.

 

रेड कार्पेट का विस्तार

3/6
रेड कार्पेट का विस्तार

रेड कार्पेट धीरे धीरे दूसरे देशों में पहुंचा और पहली बार आधिकारिक तौर पर इसका इस्तेमाल 1821 में किया गया. उस समय अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति जेम्स मोनरो के स्वागत में रेड कार्पेट बिछाया गया था. 1920 के दौरान रेड कार्पेट हॉलीवुड और फैशन इवेंट्स में कॉमन हो गया जो अभी भी जारी है.

लाल डिब्बी में होते हैं सोने के आइटम

4/6
लाल डिब्बी में होते हैं सोने के आइटम

आपने कभी सोने के आभूषण खरीदे हों तो आपने नोटिस किया होगा कि सुनार सोने की अंगूठी हो या चेन, वो जिस डिब्बे में देता है उसमें भी अंदर लाल रंग का ही कपड़ा लगा होता है. चेन से लेकर मंगलसूत्र तक के डिब्बे लाल होते हैं. 

लाल ही क्यों होता है कार्पेट का रंग?

5/6
लाल ही क्यों होता है कार्पेट का रंग?

दरअसल, लाल रंग को साही सम्मान का प्रतीक माना जाता था. जब किसी का विशेष स्वागत करना होता तो इसका इस्तेमाल किया जाता था. इसके अलावा लाल रंग, सुख-संपत्ति और संपन्नता का प्रतीक रहा है. राजा महाराजा अपना खजाना या कोई कीमती चीज भी लाल रंग के कपड़े में ही रखते थे. लाल रंग की पोटली आज भी बताती है कि उसके अंदर कोई कीमती चीज है.

भारत में कब आया रेड कार्पेट?

6/6
भारत में कब आया रेड कार्पेट?

अपने देश भारत की बात करें तो ऐसा कहा जाता है कि दिल्ली दरबार में पहली बार 1911 में रेड कार्पेट का इस्तेमाल हुआ था. जब तत्कालीन वॉयसरॉय लॉर्ड हार्डिंगे ने किंग जॉर्ज वी के लिए यह बिछवाया था. यह दरबार लाल किले में लगा था. अब ये पूरी दुनिया में परंपरा के तौर पर है. जब भी कोई प्रतिनिधी दूसरे देश जाता है जो विमान या गाड़ी से उतरते ही रेड कार्पेट पर ही चलता है.

Disclaimer: प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर सोशल मीडिया पर वायरल होने के आधार पर बनाई गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है. Zee News इसकी पुष्टि नहीं करता है.

ट्रेन्डिंग फोटोज़