Hamar Tribe: दुनिया में शादी की रस्में अलग-अलग तरीकों से मनाई जाती हैं, लेकिन इथियोपिया की हमर जनजाति की परंपरा सबसे अनोखी और रोमांचक मानी जाती है. यहां लड़कों को शादी से पहले अपनी बहादुरी, साहस और फिटनेस साबित करनी पड़ती है. इसके लिए उन्हें बैलों की पीठ पर दौड़ना होता है. यह परंपरा सिर्फ एक रस्म नहीं है, बल्कि युवकों के जीवन में बड़े बदलाव का संकेत देती है. सफल होने पर वे शादी करने, मवेशी पालने और जनजाति में सम्मान पाने के पात्र बनते हैं. यह रस्म संस्कृति, साहस और जीवन के नए अध्याय की अनूठी झलक दिखाती है.
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दरअसल, हमर जनजाति इथियोपिया के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में ओमो नदी घाटी में रहती है. यह जनजाति कुल जनसंख्या का मात्र 0.1% है. इनके मुख्य काम शहद इकट्ठा करना और मवेशी पालन हैं. ये लोग सामुदायिक जीवन जीते हैं और जमीन को व्यक्तिगत संपत्ति नहीं मानते. खेती और चराई के लिए जमीन तथा फल सभी के लिए मुक्त हैं.
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यह रस्म 'उकुली बुला' के नाम से जानी जाती है और तीन दिन तक चलती है. इसमें युवक को बैलों की पीठ पर बिना गिरे कई बार दौड़ना होता है. सफल होने पर ही उसे शादी करने, बच्चे पैदा करने और मवेशी पालने का अधिकार मिलता है. यह रस्म अक्टूबर या नवंबर में मनाई जाती है.
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इस समारोह में महिलाएं भी सक्रिय रहती हैं. उन्हें रस्म के दौरान बेंत से पीटा जाता है, जिसे वे स्वेच्छा से स्वीकार करती हैं. माना जाता है कि जितना दर्द वे सहेंगी, उतनी वफादारी और सम्मान उन्हें मिलेगा. उनकी पीठ पर बने निशान उनके साहस और प्रेम का प्रतीक माने जाते हैं.
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सफल होने पर युवक को 'माजा' की उपाधि दी जाती है. फिर जनजाति के लोग नाचते-गाते हुए कई दिनों तक जश्न मनाते हैं. इसमें स्थानीय बीयर और कॉफी परोसी जाती है. महिलाएं पारंपरिक आभूषण पहनकर नृत्य करती हैं. यह पूरा आयोजन उनके जीवन में नई शुरुआत का संकेत होता है.
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हमर जनजाति की यह परंपरा दुनियाभर के यात्रियों को आकर्षित करती है. खास बात यह है कि पर्यटकों को समारोह की तस्वीरें लेने की भी अनुमति होती है. यह रस्म न सिर्फ साहस की परीक्षा है, बल्कि एक ऐसी परंपरा है जो संस्कृति, वफादारी और जीवन के नए अध्याय की अनूठी झलक पेश करती है.
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