Hindi Cinema Beautiful Actress: कभी-कभी कुछ चहेरे और आवाजें दिल में ऐसे उतर जाती हैं कि वो जिंदगी भर याद रहती हैं. कुछ नाक-नक्श इतने खूबसूरत होते हैं कि दिल करता है बस उनको देखते ही रहें. ऐसे ही कुछ सुर इतने सच्चे और मधुर होते हैं कि उन्हें सुनते ही दिल के अंदर एक सुकून सा मिलता है. आज हम आपको हिंदी सिनेमा की एक ऐसी ही अदाकारा के बारे में बताने जा रहे हैं. जिन्होंने अपनी खूबसूरती के साथ-साथ अपनी आवाज से भी लोगों के दिलों में अपनी जगह बनाई, जिनकी झलक भी जहन में ताजा है.
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फिल्म इंडस्ट्री से ऐसे कई चेहरे और आवाजे हैं, जिन्होंने दर्शकों के दिलों पर अपनी छाप छोड़ी. आज भी फैंस उनको याद करते हैं. ऐसी ही एक अकादारा ने 60 से लेकर 70 के दशक तक हिंदी सिनेमा पर राज किया, लेकिन धीरे-धीरे इंडस्ट्री से गायब होती चली गईं. जिसके पीछे की वजह थी उनकी अधुरी प्रेम कहानी. उनकी वो जिंदगी जिसके बारे में शायद ज्यादातक लोग जानते ही नहीं. इस अदाकारा उस शिद्दत से प्यार किया था कि ठुकराए जाने के बाद भी किसी से शादी नहीं की. सारी जिदंगी अकेले बिता दी और 71 की उम्र में दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह गईं.
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लोग आज भी इनको इनके दिलकश चेहरे और मधुर आवाज से पहचान जाते हैं. इस अकादारा ने एक्टिंग के साथ-साथ कई हिट फिल्मों में प्लेबैक सिंगर के तौर पर भी काम किया है. जी हां, आपने एक दम सही पहचाना हम यहां अभिनय और संगीत की दुनिया पर राज कर चुकीं सुलक्षणा पंडित की बात कर रहे हैं. 12 जुलाई, 1954 को रायगढ़, छत्तीसगढ़ में जन्मी सुलक्षणा फेमस संगीतकार पंडित जसराज की भतीजी और मशहूर संगीतकार जोड़ी जतिन-ललित की बड़ी बहन थीं. बचपन से ही उन्होंने संगीत की शिक्षा ली और महज 9 साल की उम्र में गाना शुरू कर दिया था.
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1967 में आई फिल्म ‘तकदीर’ में ‘सात समंदर पार से’ गाने से सुलक्षणा ने बतौर गायिका अपने करियर की शुरुआत की, लेकिन उनको क्या पता था कि आने वाले दिनों में उनकी आवाज के साथ-साथ उनका खूबसूरत चेहरा हिंदी सिनेमा के बड़े पर्दे की पहचान बन जाएगा. सुलक्षणा ने 1975 में आई फिल्म ‘उलझन’ से अभिनय की दुनिया में कदम रखा. इस फिल्म में उनके साथ संजीव कुमार नजर आए थे. इसके बाद उन्होंने ‘संकल्प’, ‘संकोच’, ‘हेरा फेरी’, ‘अपनापन’, ‘खानदान’, ‘चेहरे पे चेहरा’ और ‘धर्म कांटा’ जैसी कई फिल्मों में अभिनय किया. उन्होंने लगभग 50 फिल्मों में काम किया.
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इतना ही नहीं, उन्होंने जितनी फिल्मों में काम किया उतनी ही फिल्मों में गाने भी गाए. उनका सबसे फेमस गाना ‘तू ही सागर तू ही किनारा’ थी, जिसे फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला था. सुलक्षणा की प्रोफेशनल लाइफ जिनती अच्छी थी उतनी ही उदासी भरी उनकी पर्सनल लाइफ थी, जिसके पीछे की वजह थी उनका एकतरफा प्यार. फिल्म ‘उलझन’ के सेट पर उन्हें संजीव कुमार से प्यार हुआ, लेकिन संजीव का दिल किसी और के लिए धड़कता था. जब सुलक्षणा ने उनके सामने शादी का प्रस्ताव रखा, तो उन्होंने मना कर दिया. इस इनकार ने सुलक्षणना को अंदर तक तोड़ दिया.
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उन्होंने जिंदगी भी अकेले रहने का फैसला किया और कभी शादी नहीं की. लेकिन दिल में हमेशा उस अधूरे प्यार को संजोए रहीं. आखिरी दिनों में सुलक्षणा पंडित को काम मिलना बंद हो गया था और वे मुंबई में अकेले रहने लगीं. एक समय ऐसा भी आया जब वे आर्थिक परेशानियों से गुजरीं, लेकिन परिवार और दोस्तों की मदद से उन्होंने खुद को संभाला. 6 नवंबर, 2025 संजीव कुमार की पुण्यतिथि के दिन ही, उन्होंने अंतिम सांस ली. उनकी उम्र 71 साल थी और रिपोर्ट्स के मुताबिक उनकी कुल नेटवर्थ करीब 3-4 करोड़ रुपये थी. उनकी आवाज आज भी सुनने वालों के दिल में जिंदा है.
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