Science News: यह तो सभी जानते हैं कि धरती और सूर्य के बीच की दूरी लगभग 15 करोड़ किमी है. यह दूरी इतनी सटीक है कि इसमें थोड़ा भी अंतर आने पर धरती पर जीवन उलट-पुलट हो सकता है. आज हम जानेंगे कि क्या होगा अगर सूर्य धरती के बीच की दूरी में अगर महज 10% का भी अंतर आ जाए तो क्या-क्या होगा.
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धरती और सूर्य के बीच की दूरी को खगोलीय ईकाई(Astronomical Unit)कहा जाता है. अगर इस दूरी में 10 प्रतिशत का भी बदलाव आता है तो, चाहे यह दूरी घट जाए या बढ़ जाए, तो धरती पर जीवन का संतुलन पूरी तरह से बिगड़ सकता है जिसके नतीजे बहुत ही विनाशकारी होंगे.
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अगर सूरज और धरती के बीच की दूरी 10% बढ़ जाती है तो धरती की पर पहुंचने वाली गर्मी की मात्रा में भारी कमी आ जाएगी. धरती का औसत तापमान गिरने से पृथ्वी एक बर्फीले ग्रह में बदल जाएगी. दुनिया के ज्यादातर महासागर सतह से जमना शुरू हो जाएंगे.
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तापमान गिरने और धूप की तीव्रता कम होने से पौधों में प्रकाश संश्लेषण(Photosynthesis)की प्रक्रिया धीमी हो जाएगी या रुक जाएगी. इससे फूड चेन टूट जाएगी और धरती पर जीवन लगभग समाप्त हो जाएगा. यह स्थिति धरती को मंगल को ग्रह जैसे ठंडे और निर्जन ग्रह में बदल देगी.
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अगर यह दूरी 10 प्रतिशत कम हो जाती है जो धरती को मिलने वाली गर्मी तेजी से बढ़ेगी. पृथ्वी का औसत तापमान इतना बढ़ जाएगा कि यह जीवन के लिए असहनीय हो जाएगा. महासागरों का पानी तेजी से वाष्पित होकर वायुमंडल में चला जाएगा.
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अगर ऐसा होता है तो महासागर पूरी तरह उबल सकते हैं और सूख सकते हैं. सूरज से आने वाले घातक विकिरण(Harmful Radiations)की तीव्रता बहुत बढ़ जाएगी जिससे सभी जीवित कोशिकाओं को नुकसान पहुंचेगा. यह स्थिति धरती को शुक्र ग्रह जैसा बना देगी.
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इसके निष्कर्ष यह है कि धरती अपने गोल्डीलॉक्स जोन(Goldilocks Zone)में होने की वजह से जीवन को सहारा देती है. यह वह क्षेत्र है जहां ना बहुत गर्मी और ना ही ठंड. सूरज से 10% पास या दूर जाना दोनों ही स्थितियां धरती का नामोनिशान मिटा देंगी.
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