Surya Guru Navpancham Yuti: वैदिक ज्योतिष के मुताबिक ग्रहों का आपसी संबंध और दृष्टि जीवन में बड़े बदलाव लेकर आता है. 17 नवंबर 2025 को सूर्य और बृहस्पति (गुरु) के बीच बन रहा नवपंचम दृष्टि योग अत्यंत शुभ माना गया है. यह संयोग भाग्य, ज्ञान, पद-प्रतिष्ठा और आर्थिक समृद्धि का सूचक होता है.
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सूर्य जहां आत्मबल, नेतृत्व और सफलता का प्रतीक है, वहीं गुरु ज्ञान, सौभाग्य और धर्म का कारक ग्रह माना जाता है. जब ये दोनों ग्रह शुभ दृष्टि में आते हैं, तो व्यक्ति के जीवन में नए अवसर, सम्मान और समृद्धि के द्वार खुलते हैं.
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मेष राशि के जातकों के लिए यह समय जीवन में बड़ा परिवर्तन लेकर आएगा. सूर्य-गुरु का नवपंचम दृष्टि योग कार्यक्षेत्र में नई पहचान और नेतृत्व के अवसर देगा. लंबे समय से अटके कार्य पूरे होंगे और अधिकारियों का सहयोग मिलेगा. प्रमोशन या नई नौकरी की संभावना है. सम्मान और सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी. सरकारी कार्यों में सफलता मिलने वाली है.
उपाय- भगवान सूर्य को प्रतिदिन जल अर्पित करें और गुरुवार के दिन पीले वस्त्र धारण करें.
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वृषभ राशि वालों के लिए यह योग आर्थिक दृष्टि से बेहद शुभ रहेगा. पिछले समय से रुके हुए धन की प्राप्ति होगी और निवेश के क्षेत्र में लाभ होगा. व्यापारियों के लिए यह समय मुनाफे वाला साबित होगा. आय के नए स्रोत बनेंगे. परिवार में सुख और संतुलन बढ़ेगा. संपत्ति या भूमि से लाभ की संभावना प्रबल है.
उपाय- गुरुवार को पीली दाल और गुड़ का दान करें तथा “ॐ बृं बृहस्पतये नमः” मंत्र का जप करें.
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सिंह राशि वालों के लिए यह योग भाग्यवृद्धि का सूचक है. सूर्य इस राशि के स्वामी ग्रह हैं, इसलिए सूर्य-गुरु का दृष्टि संबंध विशेष प्रभाव देगा. उच्च पद, सम्मान और नेतृत्व क्षमता में वृद्धि होगी. सामाजिक प्रतिष्ठा और यश की प्राप्ति होगी. कार्यक्षेत्र में वरिष्ठों का सहयोग मिलेगा. विद्यार्थियों के लिए सफलता का समय नजदीक है.
उपाय- सूर्य देव को लाल फूल अर्पित करें और सुबह के समय “आदित्य हृदय स्तोत्र” का पाठ करें.
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धनु राशि के जातकों के लिए गुरु स्वामी ग्रह हैं, इसलिए यह योग अत्यंत शुभ रहेगा. भाग्य का साथ मिलेगा और उच्च शिक्षा या विदेश से जुड़े कार्यों में सफलता प्राप्त होगी. धार्मिक यात्राओं का योग बन सकता है. पढ़ाई, प्रतियोगिता और परीक्षा में सफलता मिलेगी. विदेश यात्रा या नई शुरुआत की संभावना है. पारिवारिक जीवन में आनंद और सौहार्द बना रहेगा.
उपाय- गुरुवार के दिन केले के पौधे में जल दें और गुरुवार को व्रत रखें.
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मीन राशि के लिए यह योग आंतरिक शक्ति और अध्यात्मिक उन्नति का सूचक है. लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का समाधान मिलेगा. नए कार्यों में सफलता और मानसिक शांति प्राप्त होगी. स्वास्थ्य में सुधार और मानसिक संतुलन अच्छा रहेगा. रिश्तों में मधुरता और नई ऊर्जा का संचार होगा.
उपाय- गुरु को प्रसन्न करने के लिए हर गुरुवार “विष्णु सहस्रनाम” का पाठ करें और जरूरतमंदों को पीले वस्त्र दान करें.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. ZEE NEWS इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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