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PHOTOS: भारत की सबसे लंबी नदी, जो 2500 किमी बहकर 60 करोड़ लोगों को देती है जिंदगी, सूखी तो 'रेगिस्तान' बन जाएगा आधा देश

India Longest River: क्या आप जानते हैं कि भारत की सबसे लंबी नदी कौन सी है. वह नदी 5 राज्यों से होकर गुजरती है और रोजाना 60 करोड़ लोगों का भरण-पोषण करती है. 2500 किमी के सफर के बाद वह जीवनदायिनी नदी बंगाल की खाड़ी में विलुप्त हो जाती है. अगर कभी वह सूखी तो आधा बर्बाद हमेशा के लिए रेगिस्तान बन जाएगा.

भारत की सबसे लंबी नदी

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भारत की सबसे लंबी नदी

भारत की सबसे लंबी नदी गंगा (Ganga) है. जिसकी कुल लंबाई लगभग 2,525 किलोमीटर है. यह नदी हिमालय की बर्फीली चोटियों से निकलकर समतल मैदानों की जमीन को सींचती हुई बंगाल की खाड़ी तक पहुंचती है. 

 

मां गंगा का उद्गम स्रोत क्या है

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मां गंगा का उद्गम स्रोत क्या है

गंगा का जन्म उत्तराखंड के गंगोत्री ग्लेशियर के पास होता है. वहां से ‘भागीरथी’ नामक धारा निकलती है. देवप्रयाग के पास अलकनंदा से संगम होने के बाद इसे गंगा नाम मिलता है. गंगा सिर्फ एक नदी नहीं बल्कि आधे भारत की जीवनरेखा है. इससे खेती, पीने का पानी, व्यापार और रोजगार सब जुड़े हैं.

 

कितने राज्यों में होकर बहती है गंगा

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कितने राज्यों में होकर बहती है गंगा

गंगा नदी भारत के 5 राज्यों से होकर बहती है. उत्तराखंड के गोमुख पर वह छोटी सी धारा के रूप में अवतरित होती है. वहां पर अवतरित होने के बाद यह उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल से बहते हुए बंगाल की खाड़ी में विलीन हो जाती है.

 

गंगा नदी का समापन कहां होता है

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गंगा नदी का समापन कहां होता है

गंगा का अंतिम पड़ाव बंगाल की खाड़ी है. वहां पर वह अपने विशाल जल-भंडार के साथ बेहद धीमी गति में बहती है. इस राज्य में वह कई छोटी-छोटी धाराएं और डेल्टा का नेटवर्क बनाती है. जो इसे दुनिया के सबसे बड़ा डेल्टा क्षेत्र बना देते हैं.

गंगाजल पर कितने लोग निर्भर हैं?

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गंगाजल पर कितने लोग निर्भर हैं?

गंगा नदी से 50–60 करोड़ लोग रोज जीवन पाते हैं. वे पानी, पेयजल, कृषि और रोजगार के लिए पूरी तरह गंगा पर निर्भर हैं. जब गंगा में पानी कम होता है तो इसके किनारे बसे शहरों के करोड़ों लोग परेशान हो उठते हैं. वहीं पानी बढ़ने पर खुशी की लहर दौड़ पड़ती है.

गंगा नदी से लोगों को मिल रही जिंदगी

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गंगा नदी से लोगों को मिल रही जिंदगी

गंगा के जल से लाखों किसान अपनी फसलों को सींचते हैं. उद्योग और व्यापारी भी पानी की आवश्यकता के लिए उपयोग करते हैं.  छोटे- बड़े गांव के लोग गंगा को अपने रोजमर्रा की जिंदगी का आधार मानते हैं. नदी का पानी पीने, नहाने, पशुओं को पिलाने समेत अनेक कार्यों में इस्तेमाल होता है.

गंगा जल को बचाने की बढ़ रही चुनौतियां

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गंगा जल को बचाने की बढ़ रही चुनौतियां

गंगा को भारत की राष्ट्रीय नदी का दर्जा भी मिला हुआ है. इसकी वजह ये है कि गंगा जल सिर्फ पानी की धारा नहीं बल्कि भारत के धर्म, संस्कृति और इतिहास का भी प्रतीक है. इसके बावजूद  बढ़ती आबादी, उद्योग, शहरों का प्रदूषण और जल प्रबंधन की चुनौतियां जीवनदायिनी गंगा पर दबाव डाल रही हैं. ऐसे में मां गंगा के संरक्षण के लिए हम सबको आगे आना चाहिए. 

 

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