Worlds Second Coldest Place: यह बात शायद मानना मुश्किल लगे लेकिन दुनिया की सबसे ठंडी जगहों में से एक भारत में है ना कि साइबेरिया या अलास्का में. यह जगह लद्दाख के कारगिल जिले में है जिसका नाम द्रास है जिसे दुनिया की दूसरी सबसे ठंडी बस्ती माना जाता है. यहां कि सर्दियां इतनी कठोर हैं कि तापमान -40 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे चला जाता है.
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हम जिस जगह की बात कर रहे हैं वह द्रास है जो श्रीनगर-लेह राजमार्ग पर है. यह कारगिल से लगभग 60 किमी की दूरी पर मौजूद है और समुद्र तल से करीब 3,300 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है. द्रास ऊंची-ऊंची पहाड़ियों से घिरी एक पतली घाटी में बसा है जो ठंडी हवा को अपने अंदर रोक लेती है. इसकी जगह ऐसी है कि यह जोजिला दर्रे से आने वाली बर्फीली हवाओं के सीधे रास्ते में पड़ता है.
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बर्फबारी देर से पतझड़ में शुरू होती है और बसंत तक चलती रहती है. यहां तापमान अक्सर माइनस 20 से नीचे चला जाता है. सबसे ठंडी रातों में वहां के लोग माइनस 40 से भी कम तापमान रिकॉर्ड करते हैं. यह इतनी ज्यादा ठंड है कि इंसान तो क्या मशीन भी काम करना बंद कर देते हैं.
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द्रास की बहुत ज्यादा ठंड की चर्चा उन खबरों में शुरु हुई जिसमें बताया गया था कि 20वीं सदी के बाद के सालों में यहां का तापमान एक बार तो लगभग -60 तक गिर गया था. हालांकि इस आंकड़े की पुष्टि नहीं हो पाई थी.
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इतने मुश्किल मौसम के बावजूद द्रास एक ऐसे मजबूत समुदाय का घर है जिसने इस कड़ाके की ठंड में रहने के लिए खुद को ढाल लिया है. यहां के लोग ठंड से बचने के लिए कई तरीकों को अपना लिया है.
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यहां के घर मोटी पत्थर की दीवारों और लकड़ी के इन्सुलेशन से बने होते हैं. इसके अलावा लंबी सर्दी शुरु होने से पहले ही खाने-पीने का सामान जमा कर लेते हैं. यह सब उनकी जबरदस्त शहनशक्ति र प्रकृति के साथ तालमेल बिठाकर रहने की ताकत को दिखाता है.
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