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#AmitshahonZEE: अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले पर गृहमंत्री ने बताई इनसाइड स्टोरी

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit shah) ने ZEE न्यूज के साथ एक्सक्लूसिव बातचीत में जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के फैसले की इनसाइड स्टोरी बताई. ZEE न्यूज के एडिटर इन चीफ सुधीर चौधरी के सवाल पर गृहमंत्री अमित शाह (Amit shah) ने कहा कि देश की जनता ने हमें लोकसभा चुनाव में 300 से ज्यादा सीटें दी हैं. इस वक्त ऐसे फैसले लेने के लिए अनुकूल स्थिति थी, जिसके चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इतना बड़ा फैसला लिया.

#AmitshahonZEE: अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले पर गृहमंत्री ने बताई इनसाइड स्टोरी
#AmitshahonZEE: केंद्रीय गृहमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने ZEE न्यूज के एडिटर इन चीफ सुधीर चौधीर से खास बातचीत की.

नई दिल्ली: केंद्रीय गृहमंत्री और बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह (Amit shah) ने ZEE न्यूज के साथ एक्सक्लूसिव बातचीत में जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के फैसले की इनसाइड स्टोरी बताई. ZEE न्यूज के एडिटर इन चीफ सुधीर चौधरी के सवाल पर गृहमंत्री अमित शाह (Amit shah) ने कहा कि देश की जनता ने हमें लोकसभा चुनाव में 300 से ज्यादा सीटें दी हैं. इस वक्त ऐसे फैसले लेने के लिए अनुकूल स्थिति थी, जिसके चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इतना बड़ा फैसला लिया. शाह से जब पूछा गया कि अनुच्छेद 370 हटाने की पूरी तैयारी किस तरह की गई? इसपर उन्होंने कहा कि जो देश के भले की सोचते हैं वह इस बिल के साथ होने थे. जो वोट बैंक की राजनीति करते हैं, वह इसके खिलाफ होने थे। दो खेमे बहुत स्पष्ट थे, ढेर सारी पार्टियां जो साथी नहीं हैं, जैसे चंद्रबाबू नायडू, बीएसपी सुप्रीमो मायावती की अरविंद केजरीवाल की पार्टी. ये सब चुनाव में खिलाफ थीं, लेकिन 370 पर साथ दिया. ढेर सारे लोगों ने अपनी पार्टी की बात ना मानकर वोट दिया. दोनों सदनों में दो तिहाई से ज्यादा बहुमत से बिल पास हुआ.

शाह से जब पूछा गया कि अनुच्छेद 370 हटाने को लेकर आपने नोटिफिकेशन की भी तैयारी की हुई थी? उन्होंने कहा कि नोटिफिकेशन नहीं, कॉन्स्टिट्यूशन ऑर्डर था जो संसद में रखा. संसद ने उसका अनुमोदन किया, ये एक संवैधानिक प्रक्रिया है. 

शाह से जब पूछा गया कि अनुच्छेद 370 हटाना आजाद भारत का सबसे बड़ा फैसला रहा? इस पर उन्होंने कहा कि ये मेरे लिए सौभाग्यपूर्ण दिन और क्षण था. अनुच्छेद 370 हटाने के लिए बिल पेश करना सौभाग्य की बात है.
इसे हटाने का फैसला देश के प्रधानमंत्री और कैबिनेट ने लिया है. इस विभाग का मंत्री होने के नाते मैंने बिल पेश किया. बचपन के नारे को मूर्त रूप देने के वक्त मैं देश का गृहमंत्री रहा. एक देश में दो विधान, दो प्रधान, दो निशान नहीं रहेंगे.

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35A के साथ-साथ अनुच्छेद 370 भी हटाना कैसे संभव? इसके जवाब में अमित शाह (Amit shah) ने कहा कि अनुच्छेद 370 और 35A साथ नहीं हटाते तो काम अधूरा रहता. अनुच्छेद 370 के इस्तेमाल से पाकिस्तान ने भ्रांति खड़ी की थी. युवाओं में अलगाववाद, आतंकवाद, आज़ादी की भ्रांति खड़ी की थी. 35A अन्याय की धारा थी, जिसने कश्मीर का विकास रोका था. 370 ने भ्रष्टाचार को हवा दी, आतंकवाद को खुला मैदान दिया. ये दोनों साथ नहीं हटाते, तो मैं नहीं मानता कि काम पूरा होता. 

शाह से जब पूछा गया कि 71-72 दिन हो चुके हैं, हालात सामान्य हैं या नहीं? इसपर गृहमंत्री ने कहा कि हालात सामान्य हैं. 196 में सिर्फ 6 थानों में धारा 144 है. जम्मू-कश्मीर के एक भी थाना क्षेत्र में कर्फ्यू नहीं है. सिर्फ राजनीतिक कार्यक्रम के लिए पुलिस की इजाज़त लेनी है. ये धारा 144 तो देश के कई सारे थानों में आज भी होगी. सारे लैंडलाइन फोन चालू हैं, सारे मोबाइल फोन चालू हैं. सेब देशभर की मंडियों में पहुंच चुके हैं, आवागमन चालू है. सामान्य परिस्थिति की व्याख्या कोई समझाए कि किसे कहते हैं? मैं मानता हूं परिस्थिति सामान्य है और अच्छे से चल रहा है.

गृहमंत्री ने कहा कि कश्मीर में पाकिस्तान की हरकतें खत्म न होने तक अलर्ट रहेगी. सरकार, सेना और सशस्त्र बलों को अलर्ट रहना ही चाहिये. पाकिस्तान को लेकर कश्मीर में जो भ्रांति थी, वह खत्म होनी चाहिए. आज़ादी और स्वायत्तता के समर्थन की भ्रांति खत्म हुई है. 

तीन पूर्व मुख्यमंत्री हिरासत में हैं, तो प्रक्रिया लोकतांत्रिक कैसे? इसपर शाह ने कहा कि आप पूछते हो तो मैं सुन भी रहा हूं, जवाब भी दे रहा हूं. कांग्रेस, एनसी, पीडीपी पूछते हैं तो मैं उनसे पूछता हूं. 11 साल तक शेख अब्दुल्ला को जेल में रखा गया था. इस दौरान तो अनुच्छेद 370 को भी नहीं हटाया था. 3 साल ऐसे थे, जिनमें 250 दिन से ज्यादा कर्फ्यू रहा. आज कर्फ्यू नहीं है तो उन्हें हालात सामान्य नहीं दिख रहे हैं. मोबाइल 1995 में आया, कश्मीर में हम 2003 में ले गये. हमने 2 महीने बंद रखा तो सामान्य परिस्थिति नहीं लगती? कांग्रेस को कोई अधिकार ही नहीं है मुद्दे उठाने का. कांग्रेस के समय 40 हज़ार लोग मारे गए, हमें क्या पूछते हैं? कश्मीर में युवाओं की 3 पीढ़ियों की शिक्षा बर्बाद हो गई. विकास धरा रह गया, भ्रष्टाचार हुआ, जिम्मेदार कौन है? कांग्रेस पार्टी और एनसी ही जिम्मेदार हैं इसके लिए. 

तीनों पूर्व मुख्यमंत्री प्लानिंग में क्या बाधा डाल सकते हैं? इसपर शाह ने कहा कि भावनाएं भड़काना सरल होता है, लेकिन फ़ैसला लिया है. एहतियातन कुछ वक्त बाहर निकलने से रोकना ग़लत नहीं. कई जगह ऐसा हुआ है, बादल साहब कई महीने जेल में रहे. कांग्रेस ने 19 महीने पूरे विपक्ष को जेल में डाल दिया था. कांग्रेस हमसे सवाल कर रही है, उसे अपना अतीत याद नहीं. 370 हटाकर देश की एक बहुत पुरानी समस्या खत्म की. हमने तो एहतियातन उन्हें बाहर नहीं निकलने दिया है. उन्होंने तो पीएम की कुर्सी बचाने लाखों को जेल में डाला. मीडिया की आज़ादी छीनने वाली कांग्रेस हमसे सवाल न पूछे.

गृहमंत्री अमित शाह (Amit shah) ने साफ तौर से कहा कि जम्मू-कश्मीर में 100% सामान्य हालात हैं. आज सामान्य परिस्थिति है जम्मू-कश्मीर में. वहां जाने के लिए कोई इजाजत लेने की जरूरत नहीं है. हर जगह से कर्फ्यू हट चुका है, टेलीफोन लाइनें चालू हैं. मोबाइल चालू है, कारोबार भी हो रहा है.