जनसंख्या नियंत्रण कानून पर बिहार में संग्राम! RJD ने सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की

Bihar Samachar: बिहारी में जारी सियासी गहमागहमी के बीच विपक्ष सर्वदलीय बैठक बुलाने के पक्ष में है. विपक्षी पार्टियों ने जनसंख्या नियंत्रण कानून पर हल्ला बोल दिया.  

जनसंख्या नियंत्रण कानून पर बिहार में संग्राम! RJD ने सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की
बिहारी में जारी सियासी गहमागहमी (फाइल फोटो)

Patna: जनसंख्या नियंत्रण पर कानून ( Population Control Law) को लेकर देश के कई हिस्सों में राजनीतिक माहौल गरम है. बिहार की सियासत (Bihar Politics) भी इस गरमी से अछूती नहीं है. राजनीतिक पार्टियों के बयानवीरों पर लगाम लगाने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) खुद मैदान में आए और साफ कर दिया कि वो बिहार में जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू करने के पक्ष में नहीं है. उनके नजरिए में जागरुकता और महिलाओं की जागृति से बढ़ती आबादी पर कंट्रोल (Control On population) किया जा सकता है और बिहार इस दिशा में पहले से काम कर रहा है.

सर्वदलीय बैठक बुलाने के पक्ष में आरजेडी
बिहारी में जारी सियासी गहमागहमी के बीच विपक्ष सर्वदलीय बैठक बुलाने के पक्ष में है. मुख्यमंत्री ने अपनी बात क्या साझा की. विपक्षी पार्टियों ने हल्ला बोल दिया. RJD के मुख्य प्रवक्ता भाई वीरेंद्र ने कहा कि ये देश सबका है, एक व्यक्ति का नहीं है. जनसंख्या नियंत्रण कानून पर सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए. आम लोगों से भी इसपर राय लेनी चाहिए. 

'कानून थोपा नहीं जा सकता'
भारतीय पंचायती राज पार्टी के अध्यक्ष राजीव रंजन ने जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाने पर विरोध दर्ज कराया है. उन्होंने कहा कि इस तरह का कानून जनता पर थोपा नहीं जा सकता. उन्होंने कहा कि अगर कानून बनाना है तो ये कानून बनाये की कोई भूखा नहीं सोएगा, कोई भूख से नहीं मरेगा. राजीव रंजन ने कहा कि इस तरह का कानून न तो केंद्र और न ही राज्य बना सकता है. उन्होंने जनसंख्या को नियंत्रित करने के लिए रोजगार और शिक्षा देने की जरुरत बताई. 

नीतीश सरकार की योजनाएं रोल मॉडल
JDU मुख्य प्रवक्ता और पूर्व मंत्री नीरज कुमार का कहना है कि दहेज प्रथा के लिए कानून और बाल विवाह का कानून पहले से ही बना हुआ है फिर भी घटनाएं होती है. जनसंख्या नियंत्रण के लिए बिहार में बेटियों की शिक्षा और महिलाओं के लिए जो काम किया है उसके नतीजे सबके सामने है. नीतीश कुमार ने जो महिलाओं के सशक्तिकरण और जनसंख्या नियंत्रण के लिए योजना बनाई वो देश में रोल मॉडल है. हर राज्य के अपने अधिकार है,वो किस तरह की योजना बनाते हैं.

'कानून नहीं जागरुकता जरूरी'
जेडीयू के माधव आनंद ने भी जनसंख्या कानून पर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि क्या सिर्फ कानून लाकर ही जनसंख्या को नियंत्रित कर लिया जाए ये संभव नहीं है. उन्होंने सीएम के बयान का समर्थन किया और जागरूकता को जरूरी बताया. सरकार में जेडीयू की सहयोगी  और जनसंख्या नियंत्रण कानून को लागू करने में अवव्ल भूमिका निभाने वाली बीजेपी के प्रेम रंजन पटेल ने कानून को जरूरी बताया. उन्होंने कहा कि यूपी ने इसकी शुरुआत की है. पूरे देश में कानून बनना चाहिए. सख्ती जबतक नहीं होगी तबतक समाधान नहीं निकलेगा. जनसंख्या नियंत्रण कानून देश में लागू होगा या नहीं ये किसी को नहीं पता लेकिन बिहार सरकार इस कानून को लेकर क्या राय रखती है ये मुख्यमंत्री अपने बयान से साफ कर चुके हैं. 

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