कांग्रेस नेता शिवकुमार ईडी के सामने दोबारा पेश हुए, 9 घंटे तक चली पूछताछ

शिवकुमार से साल 2017 के अगस्त में आयकर विभाग द्वारा जब्त किए गए 8.59 करोड़ रुपये को लेकर प्रश्न पूछे गए.

कांग्रेस नेता शिवकुमार ईडी के सामने दोबारा पेश हुए, 9 घंटे तक चली पूछताछ
वित्तीय जांच एजेंसी द्वारा गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा की मांग वाली शिवकुमार की याचिका खारिज कर दी थी. (फाइल)

नई दिल्ली(नीरज गौड़/प्रमोद शर्मा): कर्नाटक के कांग्रेस नेता डी. के. शिवकुमार से शनिवार को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में करीब 9 घंटे तक पूछताछ की गई. अब सोमवार को फिर उन्हें सुबह 11 बजे ईडी के मुख्यालय बुलाया गया है. शिवकुमार शुक्रवार शाम को भी एजेंसी के सामने पेश हुए थे, जिसके बाद ईडी ने उनसे पांच घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की थी. कर्नाटक हाईकोर्ट ने शुक्रवार को वित्तीय जांच एजेंसी द्वारा गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा की मांग वाली शिवकुमार की याचिका खारिज कर दी थी.

ईडी ने गुरुवार रात उन्हें समन जारी किया था, जिसमें शिवकुमार को धनशोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के उल्लंघन में 'हवाला' लेनदेन में उनकी कथित भागीदारी को लेकर शुक्रवार दोपहर एजेंसी के समक्ष उपस्थित होने को कहा गया था.

ईडी सूत्रों के अनुसार, शिवकुमार से साल 2017 के अगस्त में आयकर विभाग द्वारा जब्त किए गए 8.59 करोड़ रुपये को लेकर प्रश्न पूछे गए.

आईटी के दस्ते ने दो अगस्त, 2017 को नई दिल्ली में शिवकुमार के फ्लैट पर छापा मारा था, जिसके बाद धनशोधन का कथित मामला प्रकाश में आया था. छापे के दौरान आयकर दस्ते ने 8.59 करोड़ रुपये की अघोषित नकदी जब्त की थी.

ईडी के समक्ष पेश होने से पहले शिवकुमार ने कहा, "मैं देश के कानून का पालन करने वाला नागरिक हूं, मेरे पास कानूनी विकल्प हैं, जिन्हें मैं ढूंढ़ रहा हूं."

आखिर कौन हैं डीके शिवकुमार
कर्नाटक में कांग्रेस और जेडीएस गठबंधन सरकार बनाने में डीके शिवकुमार ने अहम भूमिका निभाई थी. येदियुरप्पा के सदन में शक्ति परीक्षण से पहले इस्तीफा देने पर उन्हें कांग्रेस का मैन ऑफ द मैच बताया गया था. विधायकों को चाहे बेंगलुरु में रखने का मामला हो या फिर उन्हें बेंगलुरु से हैदराबाद शिफ्ट करने का मामला. डीके शिवकुमार ने ये सभी चीजें इतनी सफाई से अंजाम दीं, कि भाजपा की सभी चाल उनके सामने नाकाम साबित हुई थी. कर्नाटक चुनाव में तीसरे सबसे अमीर डीके शिवकुमार उम्मीदवार थे. कर्नाटक के सबसे युवा मंत्री का रिकॉर्ड भी उनके नाम है.