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जब तक मेरे पास सबूत नहीं होगा, मैं पीएम मोदी पर कोई आरोप नहीं लगाऊंगा: शरद पवार

पवार ने कहा कुछ लोग कह रहे हैं कि मैं पीएम मोदी का समर्थन कर रहा हूं लेकिन ऐसा नहीं है. मैंने उनका समर्थन नहीं किया और न ही करूंगा.

जब तक मेरे पास सबूत नहीं होगा, मैं पीएम मोदी पर कोई आरोप नहीं लगाऊंगा: शरद पवार
पवार ने कहा, "बोफोर्स मामले में राजीव गांधी जांच कमिटी के सामने आए थे. पीएम मोदी को भी जांच गठित करनी चाहिए.

मुंबई: विवादित राफेल लड़ाकू विमान सौदे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कथित रूप से ‘बचाव’ करने पर आलोचनाओं का सामना कर रहे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार ने सोमवार को इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि वह ऐसा ‘कभी नहीं’ करेंगे. अपने बयान के साथ पवार ने यह भी जोड़ा कि जब तक मेरे पास सबूत नहीं होगा, मैं पीएम मोदी पर कोई आरोप नहीं लगाऊंगा. पवार ने कहा कुछ लोग कह रहे हैं कि मैं पीएम मोदी का समर्थन कर रहा हूं लेकिन ऐसा नहीं है. मैंने उनका समर्थन नहीं किया और न ही करूंगा. उनका यह बयान ऐसे वक्त में आया था जब कांग्रेस ने इस सौदे को लेकर प्रधानमंत्री पर हमला बोला है और राकांपा के साथ भावी चुनावों के लिए गठबंधन बनाने की कोशिश में है. 

पवार ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, "हमारे वक्त राफेल की कीमत तय नहीं हुई थी. हमारे बाद आई बीजेपी सरकार ने कीमत तय की. 650 करोड़ रुपये की डील 1600 करोड़ रुपये तक पहुंच गई. केंद्र सरकार ने कीमत क्यों बढ़ाई, इसका खुलासा करना चाहिए. संयुक्त संसदीय समिति गठित की जाए इसकी जांच की जाए." 

पवार ने कहा, "बोफोर्स मामले में राजीव गांधी जांच कमिटी के सामने आए थे. पीएम मोदी को भी जांच गठित करनी चाहिए और उसके सामने सफाई देना चाहिए. राफेल के माध्यम से मोदी सरकार ने जनता की लूट की है.  इस पूरे मामले की जांच तो होनी ही चाहिए. राफेल के रखरखाव का काम नासिक में होने वाला था लेकिन इस सरकार ने हमारा यह हक भी छीन लिया." 

पूर्व रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि विमान के तकनीकी ब्योरे को सार्वजनिक करने की कोई जरूरत नहीं है. पवार ने कृषि संकट को लेकर केंद्र और महाराष्ट्र सरकार की आलोचना की जबकि 71,000 करोड़ रुपये का कृषि ऋण माफ करने के पिछली यूपीए सरकार के फैसले की सराहना भी की.

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पूर्व रक्षा मंत्री शरद पवार ने कहा कि विमान के तकनीकी ब्योरे को सार्वजनिक करने की कोई जरूरत नहीं है. 

इससे पहले, पवार के एक साक्षात्कार पर विवाद शुरू हो गया था जिसमें उन्हें यह कहते हुए पाया गया था कि वह नहीं समझते हैं कि फ्रांस से जंगी जहाज खरीदने को लेकर लोगों को मोदी की मंशा पर शक है. पवार की टिप्पणी पर आपत्ति जताते हुए एनसीपी  के संस्थापक सदस्य तारीक अनवर और महासचिव मुनाफ हकीम ने पिछले हफ्ते पार्टी से इस्तीफा दे दिया था. 

बाद में एनसीपी सांसद प्रफुल्ल पटेल ने सफाई देते हुए कहा था कि पार्टी अध्यक्ष शरद पवार ने राफेल सौदे में किसी को भी क्लीन चिट नहीं दी है. पटेल ने कहा था, "पवार साहेब ने किसी को भी क्लीन चिट नहीं दी है। राकांपा राफेल सौदे में जेपीसी जांच पर जोर दे रही है और इस लड़ाकू विमान की कीमत सार्वजनिक करने की मांग करती है." 

एनसीपी सांसद एवं पवार की बेटी सुप्रिया सुले ने कहा कि यह निराशाजनक है कि लोगों ने राफेल सौदे पर पवार द्वारा उठाए गए तीन सवालों को नहीं सुना. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि लड़ाकू विमान की कीमत में 300 फीसदी इजाफा होने का क्या औचित्य है जो संभवत: सरकारी खजाने को एक बड़ा नुकसान है.