BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने जेपी नड्डा, निर्विरोध चुने गए

 राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी और पूर्व केंद्रीय मंत्री राधामोहन सिंह ने जेपी नड्डा के बीजेपी अध्यक्ष बनने की घोषणा की. बीजेपी में अध्यक्ष पद बिना मुकाबले के चुने जाने की परंपरा रही है, जो इस बार भी जारी रहा. नड्डा का कार्यकाल 2022 तक रहेगा. 

BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने जेपी नड्डा, निर्विरोध चुने गए
जेपी नड्डा बने बीजेपी अध्यक्ष, अमित शाह की जगल ली.

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नए अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा (जेपी नड्डा) बन गए हैं. सोमवार को बीजेपी स्थित मुख्यालय में जेपी नड्डा निर्विरोध इस पद के लिए चुने गए. राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी और पूर्व केंद्रीय मंत्री राधामोहन सिंह ने जेपी नड्डा के बीजेपी अध्यक्ष बनने की घोषणा की. बीजेपी में अध्यक्ष पद बिना मुकाबले के चुने जाने की परंपरा रही है, जो इस बार भी जारी रहा. नड्डा का कार्यकाल 2022 तक रहेगा. 

जेपी नड्डा ने अमित शाह (Amit Shah) की जगह ली है. शाह करीब साढ़े पांच साल तक बीजेपी के अध्यक्ष रहे. अमित शाह का साढ़े पांच साल का कार्यकाल बीजेपी के लिए स्वर्ण युग के तौर पर याद किया जाएगा. इस दौरान पार्टी ने सफलता के नए शिखर छुए. बीजेपी ने जहां अधिकतर विधानसभा चुनाव जीते वहीं  2019 के लोकसभा चुनाव में एतिहासिक जीत हासिल की. अमित शाह के गृहमंत्री बनने के चलते उन्होंने बीजेपी अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी से खुद को मुक्त किया है.

दिल्ली चुनाव होगी पहली चुनौती
नड्डा के सामने शाह का शानदार रिकॉर्ड एक चुनौती के तौर पर रहेगा. अध्यक्ष के तौर पर उनकी पहली चुनौती दिल्ली विधानसभा चुनाव होगा. गौरतलब है कि पिछले दिल्ली विधानसभा चुनाव में बीजेपी की करारी हुई थी. पार्टी ने सिर्फ तीन ही सीटें जीती थी. 

पीएम मोदी की पंसद
अमित शाह के गृहमंत्री बनने के बाद से ही नया अध्यक्ष चुनने की कवायद शुरू हो गई थी. इस पद के लिए नड्डा को पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की पसंद के तौर पर देखा जा रहा है.

नड्डा छात्र जीवन से ही राजनीति में सक्रिय रहे हैं और आरएएस से भी उनका करीबी संबंध रहा है. 2019 के लोकसभा चुनाव में नड्डा उत्तर प्रदेश में बीजेपी के प्रभारी थे. राजनीतिक रूप से अहम उत्तर प्रदेश में बीजेपी के सामने एसपी-बीएसपी महागठबंधन को मात देने की चुनौती थी. माना जा रहा था इस गठबंधन की वजह से पार्टी 2019 में 2014 वाल प्रदर्शन नहीं दोहरा पाएगी लेकिन बीजेपी ने यहां की 80 लोकसभा सीटों में से 62 सीटों पर जीत हासिल की थी.

ये वीडियो भी देखें: