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महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में हावी रहेंगे इंफ्रास्ट्रक्चर और ट्रांसपोर्ट के मुद्दे

राज्य में 21 अक्टूबर को मतदान होगा जबकि नतीजे 24 अक्टूबर को घोषित होंगे.

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में हावी रहेंगे इंफ्रास्ट्रक्चर और ट्रांसपोर्ट के मुद्दे
(प्रतीकात्मक तस्वीर)

मुंबई: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव (Maharashtra Assembly Elections 2019) में विकास सहित इंफ्रास्ट्रक्चर और ट्रांसपोर्ट के मुद्दे हावी होते नजर आ रहे हैं. पिछले पांच साल में जिन कार्यक्रमों को बीजेपी-शिवसेना ने शुरू किया और जो सीधे-सीधे आम जनता को प्रभावित कर रहा है उसी आधार पर सत्ताधारी दल जनता के सामने जाना चाहती है. बीजेपी और शिव सेना शासित महाराष्ट्र में साल 2022 तक राज्य के कई हिस्सों का पूरा चेहरा बदलने की तैयारी है. आगामी चुनाव जहां सत्ताधारी दल के लिए विकास और भावी योजनाएं हैं वहीं विरोधी दल सरकार को घेरने के लिए अलग अलग आरोप लगा रही है. हालांकि जनता उसे ही अपना मत देना चाहती है जो उनके लिए सहुलियतें दे सकता है और जो उन्हें दिक्कतों से निजात दिला सके.

महाराष्ट्र का चुनावी घमासान अब चरम पर पहुंचने की कगार पर है. शिवसेना और बीजेपी अपने कार्यकाल के दौरान किए गए विकास कार्यक्रम के बल पर एक बार फिर जनता के सामने चुनावी मैदान में है. मुंबई सहित महाराष्ट्र के अलग हिस्सों में चल रहे विकास का काम अगले पांच साल में राज्य के स्वरुप बदलने के लिए तैय़ार है. मुंबई में मेट्रो को जाल बिछेगा कुल 14 मेट्रो लाइन की शुरुआत होगी.

मेट्रो रेल का जाल
मुंबई के उपनगरीय इलाकों से लेकर दक्षिण मुंबई तक मेट्रो रेल का जाल बिछेगा. फिलहाल मुंबई अंधेरी से घाटकोपर तक के महज 12 किलोमीटर के मेट्रो परिचालन में हर दिन तकरीब 5 से 7 लाख लोगों की आवाजाही होती है. 14 लाइनों के निर्माण के बाद मुंबई के मेट्रो और ट्रेन के नेटवर्क में जुडाव होने से रेल नेटवर्क से हर दिन लगभग 60 से 90 लाख लोगों को सहुलियत मिलेगी.

एसी रेल कोच
मुंबई के 47 नए एसी रेल कोच के सरकार के एमयूटीपी प्रोजेक्ट 3 A के लिए 33690 करोड रुपए की लागत से साल 2024 तक प्रोजेक्ट पूरा करने का समय तय किया गया है.

एयरपोर्ट
मुंबई के नए एयरपोर्ट नवी एयरपोर्ट से साल 2021 में पहली उडान भरने का लक्ष्य रखा गया है. मौजूदा एयरपोर्ट देश के सबसे व्यस्त एयरपोर्ट की श्रेणी में है. नए एयरपोर्ट से सलाना 10 लाख लोगों के ज्यादा के आवाजाही का लक्ष्य रखा गय़ा है. इसके साथ ही परिवहन के कई और योजनाएं बनाई गई हैं.

इनका कहना
महाराष्ट्र सरकार के परिवहन मंत्री दिवाकर राउते ने कहा कि हमारी ये केवल चुनावी तैयारी नहीं है, हम वास्तव में कई तरह के सहूलियतें देना चाहते हैं. हम इस दिशा में कई काम भी कर रहे हैं, वेस्ट जो कि घाटे में चल रही थी उसमें भी कई बदलाव किए गए हैं, रेल मेट्रो जैसे-जैसे तैयार होगा लोगों को सहुलियतें मिलेंगी.  

समुद्र सेतु का निर्माण
इसके अलावा मुंबई के पूर्वी समुद्र किनारे से लेकर जेएनपीटी तक नह्वा सेवा तक सागरी समुद्र सेतु का निर्माण जेएनपीटी से मुंबई की दूरी महज 30 मिनट में तय कर लेगा. मुंबई के कोस्टल रोड दक्षिण मुंबई के गिरगांव चौपाटी से लेकर पश्चिम मुंबई बोरीवली तक जोड़ेगी. इससे दक्षिण मुंबई से लेकर पश्चिमी उपनगर के लोगों को सहूलियत मिल सकेगी.

देश के सबसे ऊंचा रोपवे
महाराष्ट्र सरकार और मुंबई पोर्ट ट्रस्ट के सहयोग से मुंबई से एलीफेंन्टा तक रोपवे के निर्माण की योजना देश के सबसे ऊंचा रोपवे बनाने की योजना है. इस से ना केवल स्वदेशी और स्थानीय पर्य़टन को बढावा देने की योजना है, बल्कि इससे विदेशी पर्यटन को बढ़ावा देने की योजना सरकार की है. मुंबई में डक बस के लिए तकरीबन 700 करोड़ रुपए का बजट भी सरकार ने बनाया है और इसके योजना पर काम भी कर रही है. शहर के पूर्वी किनारे पर रो- रो सर्विस, मरीना और अंतरराष्ट्रीय क्रुज टर्मिनेस के निर्माण भी बेहद तेजी से चल रहा है. 300 करोड़ की लागत से बनने वाला टर्मिनस 2020 तक पूरी तरह से तैयार होकर साल 2020 में 246 क्रुज के परिचालन का लक्ष्य रखा गया है. इस तरह के बदलाव से मुंबई के आम शहरी भी बेहद उम्मीद में हैं कि सत्ताधारी की योजनाएं बेहतर हैं.

एक्सप्रेस-वे मुंबई और नागपुर
मुंबई से नागपुर तक बनने वाले एक्सप्रेस-वे मुंबई और नागपुर के तक 08 से 10 घंटे तय की जा सकती है. फिलहाल ये दूरी 15 से 17 घंटे में तय की जा रही है. बुलेट ट्रेन की रफ्तार मुंबई और अहमदाबाद तक महज 3 घंटे में तय करने की योजना है जिसे साल 2025 तक पूरा करने की तैयारी सरकार की है. इसके अलावा मुंबई के कई हास्पिटल को सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के रुप में बनाए जाने की योजना है. मुंबई के भगवती हॉस्पिटल को 800 बेड का हॉस्पिटल, शताब्दी हॉस्पिटल को 600 बेड, गोवंडी हॉस्पिटल 400 बेड और मुंबई के कूपर हॉस्पिटल में मेडिकल कॉलेज कर साल 2022 तक इसे जनता के सुविधा के लिए तैयार किया जाना है.

सत्ताधारी दल को मिल सकता है फायदा
टाउन प्लानर शशि प्रभु ने बताया कि जो बदलाव हो रहे हैं वो बेहतर हैं, किसी भी शहर में बाहर से आने वाले लोगों को रोका नहीं जा सकता है. मुंबई में जिस तरह से बदलाव हो रहे हैं लोग यहां आ रहे हैं इससे ये साफ है कि यहां के इनफ्रास्ट्रक्चर में हो रहे बदलाव विश्व स्तर पर हो रहे हैं जिससे का फायदा निश्चत ही सत्ता धारी दल को मिल सकता है.

गौरतलब है कि महाराष्ट्र में 21 चुनावी बिगुल बज चुका है. राज्य में 21 अक्टूबर को मतदान होगा और नतीजे 24 अक्टूबर को घोषित होंगे. अपनी उपलब्धि को जनता के सामने लाकर बीजेपी-शिव सेना एक बार फिर महाराष्ट्र में सत्ता पर काबिज होने के लिए हर संभव तरीके से प्रयासरत हैं. जबकि विरोधी दल सरकार को जनता का हितैषी नहीं होने का दावा कर रही है. अब सत्ता का फल उसे मिलेगा जो जनता के कसौटी पर खरा उतरेगा.