close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

महाराष्ट्र: शिवसेना कल पेश कर सकती है सरकार बनाने का दावा, NCP देगी साथ: सूत्र

सूत्रों का कहना है कि शिवसेना सोमवार को राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश कर सकती है. माना जा रहा है कि शिवसेना की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के साथ डील हो गई है. एनसीपी और शिवसेना मिलकर सरकार बनाएगी, वहीं बीजेपी को सत्ता में आने से रोकने के लिए कांग्रेस शिवसेना-एनसीपी के गठबंधन की सरकार को बैक से सपोर्ट कर सकती है.

महाराष्ट्र: शिवसेना कल पेश कर सकती है सरकार बनाने का दावा, NCP देगी साथ: सूत्र
महाराष्ट्र में शिवसेना-एनसीपी मिलकर बना सकती है सरकार.

मुंबई: महाराष्ट्र में सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी की ओर से सरकार बनाने से मना करने के बाद शिवसेना इसकी पहल कर सकती है. सूत्रों का कहना है कि शिवसेना सोमवार को राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश कर सकती है. माना जा रहा है कि शिवसेना की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के साथ डील हो गई है. एनसीपी और शिवसेना मिलकर सरकार बनाएगी, वहीं बीजेपी को सत्ता में आने से रोकने के लिए कांग्रेस शिवसेना-एनसीपी के गठबंधन की सरकार को बैक से सपोर्ट कर सकती है.

शिवसेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने रविवार शाम को कहा कि पार्टी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने कहा है कि महाराष्ट्र में अगला मुख्यमंत्री शिवसेना का बनेगा, उन्होंने कह दिया मतलब समझिए वही होगा, चाहे वह किसी भी कीमत पर हो.

वहीं महाराष्ट्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक चव्हाण ने कहा है कि वे सभी राजनीतिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं. उन्होंने कहा कि पार्टी के नवनिर्वाचित विधायकों और नेताओं के साथ बैठक के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी. पूर्व सीएम ने बताया कि फिलहाल कांग्रेस ने महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर कुछ भी तय नहीं किया है.

राज्यपाल के न्योते पर बीजेपी की 'ना'
राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने शुक्रवार को बीजेपी को सरकार बनाने का न्योता दिया था. बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी है, लेकिन बहुमत नहीं होने के चलते उन्होंने राज्यपाल के न्योते को ठुकरा दिया है. अब राज्य में नंबर दो पार्टी शिवसेना के पास सरकार बनाने के लिए दावेदारी का मौका है. बीजेपी के राज्य ईकाई के अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि पार्टी कोर कमेटी की सुबह से व्यस्त बैठकों के बाद शाम को राज्यपाल बी.एस.कोश्यारी को पार्टी के रुख से अवगत करा दिया गया है. पाटिल ने राजभवन के लॉन में मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में कहा, 'अगर शिवसेना, कांग्रेस-राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के सहयोग से सरकार बनाने की स्थिति में है तो हम उन्हें अपनी शुभकामनाएं देते हैं.'

लाइव टीवी देखें-:

कार्यवाहक मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) की अगुआई में बीजेपी कोर कमेटी की हुई बैठक में नई सरकार बनाने के गवर्नर के ऩ्योते पर बीजेपी ने सरकार बनाने का दावा नहीं करने का फैसला लिया। राज्यपाल ने बीजेपी को सरकार बनाने की तैयारी को लेकर राजभवन को सोमवार शाम तक जानकारी देने का वक्त दिया था। बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी है, लिहाज़ा राज्यपाल ने सबसे पहले बीजेपी को न्योता भेजा था।

288 सीटों वाली महाराष्ट्र विधानसभा में बीजेपी (BJP) के पास 105 और करीब दर्जनभर निर्दलीय विधायकों का संख्याबल का समर्थन है. हालांकि ये बहुमत के 145 के आंकडे से दूर है. मालूम हो कि शुक्रवार को देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने राज्यपाल को इस्तीफा सौंपा था, जिसके बाद उन्होंने कहा था कि वह जोड़तोड़ की राजनीति करके सरकार नहीं बनाएंगे.

सूत्रों का कहना है कि अगर बीजेपी (BJP) सरकार बनाने से मना करती है तो राज्यपाल नंबर दो पार्टी शिवसेना को यह मौका दे सकती है. देखना दिलचस्प होगा कि गवर्नर के सरकार बनाने के न्योते पर शिवसेना क्या कदम उठाती है. शिवसेना के पास फिलहाल महज 56 विधायक और आधा दर्जन के करीब निर्दलीयों का समर्थन हासिल है. हालांकि शिवसेना का विधानसभा में ये संख्याबल बहुमत से कोसो दूर है.

प्रदेश मे बीजेपी (BJP) 105 और शिवसेना 56 एक साथ आकर सरकार बनाने का आंकड़ा रखते हैं. हालांकि फिलहाल शिवसेना और बीजेपी (BJP) के बीच टकराव की वजह दोनों मिलकर सरकार नहीं बना रहे हैं. एनसीपी के 54 और कांग्रेस के 44 विधायकोँ की संख्या प्रदेश में सरकार नहीं बना सकते हैं. अगर, एक दूसरी तस्वीर की संभावना पर राजनीति करवट लेती है तब ये तस्वीर बन सकती है. शिवसेना के 56, एनसीपी के 56 और बाहर से कांग्रेस के 44 विधायकोँ के समर्थन के बल पर नई सरकार गठन का रास्ता बन सकता है. हालांकि अभी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार की इस फॉर्मूले पर मुहर लगने के बाद ही ऐसी तस्वीर बन सकती है.

हालांकि बीजेपी (BJP) के सूत्रों के मुताबिक अयोध्या विवाद के कोर्ट के फैसले के बाद शिवसेना और बीजेपी (BJP) के रिश्तों मे पड़ी दरार कम हो सकती है और दोनों के दोबारा साथ आने की बीजेपी (BJP) को उम्मीद है.