NRC के मुद्दे पर भड़कीं ममता बनर्जी, 2019 में देश को BJP से मुक्त करने की शपथ ली

ममता बनर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में बीजेपी की कभी दाल नहीं गली, इसलिए टारगेट बनाकर बांग्लाभाषियों को घुसपैठिए बताकर उन पर अत्याचार किए जा रहे हैं.

NRC के मुद्दे पर भड़कीं ममता बनर्जी, 2019 में देश को BJP से मुक्त करने की शपथ ली
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर ममता बनर्जी ने एनआरसी के मुद्दे पर आजादी को लेकर मोदी सरकार पर सवाल उठाए

कोलकाता (कमलिका सेन गुप्ता) : तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष तथा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी केंद्र की मोदी सरकार पर लगातार हमला कर रही हैं. स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण से कुछ ही घंटे पहले टीएमसी प्रमुख ने 2019 में देश को बीजेपी से मुक्त करने की शपथ ली. उन्होंने कहा कि बीजेपी को जड़ से उखाड़ फेंकने के बाद ही देश सही मायनों में आजाद होगा. 

स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी ने 'मध्यरात्रि में स्वतंत्रता' (Freedom in midnight) कार्यक्रम का आयोजन किया. इस मौके पर बोलते हुए उन्होंने मोदी शासन में आजादी के मायनों पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा, 'आज मुझे बहुत दुख हो रहा है. असम के लोग मुझसे मिलने आए. वे डरे हुए हैं, वे चैन से सो भी नहीं पा रहे हैं, उनमें से 1200 लोगों को हिरासत शिविरों में भेज दिया गया. और यह सब स्वतंत्रता दिवस मानने से एक दिन पहले किया गया. मैं पूछती हूं कि क्या हम सच में आजाद हैं. क्या मुझे यह सबूत देने की जरूरत है कि मैं भारतीय हूं, क्या आज स्वतंत्रता के हमारे अधिकार सुरक्षित हैं.'

बता दें कि असम की एनआरसी लिस्ट से बाहर हुए लोगों को एक प्रतिनिधिमंडल ममता बनर्जी से मुलाकात करने के लिए कोलकाता स्थित उनके ऑफिस आया. प्रतिनिधिमंडल ने अपने हालात से ममता बनर्जी को अवगत कराया. 

एनआरसी मुद्दे पर ममता बनर्जी बीजेपी के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन शुरू करने जा रही हैं. उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि उनकी पार्टी न तो बीजेपी से डरती है और न ही वह बीजेपी के सामने समर्पण करेंगी. ममता बनर्जी ने पार्टी कार्यकर्ताओं के सामने पश्चिम बंगाल में लोकसभा की सभी 42 सीटों पर जीत हासिल करने का लक्ष्य रखा. 

उन्होंने कहा कि एनआरसी की आड़ में बीजेपी ने बांग्लाभाषी लोगों को निशाना बनाया है. उन्होंने कहा कि उनका मुद्दा न तो हिंदू है और न ही मुस्लिम. वे लोगों की नागरिकता को लेकर चिंतित हैं. उन्होंने कहा कि बीजेपी ने 25 लाख हिंदू और करीब 13 लाख मुस्लिमों को एनआरसी से बाहर रखा है और ये भी लोग बांग्लाभाषी हैं. उन्होंने कहा कि घुसपैठिए होने का आरोप लगाकर बीजेपी बांग्लाभाषी लोगों को निशाना बना रही है. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में बीजेपी की कभी दाल नहीं गली, इसलिए टारगेट बनाकर बांग्लाभाषियों को घुसपैठी बताया जा रहा है.  

बता दें कि संसद के मॉनसून सत्र के दौरान ममता बनर्जी ने दिल्ली का 3 दिन का दौरा किया था. इस दौरान उन्होंने तमाम विपक्षी नेताओं से मुलाकात की और उन्हें एनआरसी मुद्दे पर एकमत करने की कोशिश की. ममता अगस्त के अंत में एक बार फिर दिल्ली का दौरा करेंगी और एनआरसी के मुद्दे को उठाएंगी.