close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

पवार के पावर में उद्धव ने लगाई सेंध, NCP छोड़ शिवसेना में गए दिलीप सोपल

शरद पवार के करीबी पूर्व मंत्री दिलीप सोपल ने एनसीपी का साथ छोड़ शिवसेना का दामन थाम लिया है. एनसीपी और कांग्रेस पार्टी के कई और भी कई बड़े नेता पार्टी छोड़ बीजेपी और शिवसेना में जल्द शामिल होने की तैयारी में हैं. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणनवीस ने भी फिर दोहराया है कि दोनों दलों के कई बड़े नेता बीजेपी में आना चाह रहे हैं. 

पवार के पावर में उद्धव ने लगाई सेंध, NCP छोड़ शिवसेना में गए दिलीप सोपल
एनसीपी नेता दिलीप सोपल शिवसेना में शामिल.

मुंबई: महाराष्ट्र की सियासत में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) सुप्रीमो शरद पवार को एक और तगड़ा झटका लगा है. पवार के करीबी पूर्व मंत्री दिलीप सोपल ने एनसीपी का साथ छोड़  शिवसेना का दामन थाम लिया है. एनसीपी और कांग्रेस पार्टी के कई और भी कई बड़े नेता पार्टी छोड़ बीजेपी और शिवसेना में जल्द शामिल होने की तैयारी में हैं. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणनवीस ने भी फिर दोहराया है कि दोनों दलों के कई बड़े नेता बीजेपी में आना चाह रहे हैं. 

उधर, शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने भी दावा किया है कि पार्टी का दामन थामने वालों में कांग्रेस-एनसीपी के और भी कई बड़े नेताओं की फेहरिस्त उनके पास है. एक एक कर नेताओं का शिवसेना में प्रवेश जारी रहेगा. महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव से ऐन पहले विपक्षी कांग्रेस और एनसीपी में भगदड़ मची है. आये दिन नेता पार्टी छोड़ शिवसेना और बीजेपी में शामिल में शामिल हो रहे हैं. 

लाइव टीवी देखें-:

एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार को एक के बाद एक तगड़े सियासी झटके लग रहे हैं. बुधवार को शरद पवार का साथ छोड एनसीपी के नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री दिलीप सोपल शिवसेना में शामिल हो गये. शरद पवार को इससे पहले तगड़े झटके तब लगे थे जब एनसीपी नेता और पूर्व मंत्री मधुकरराव पिचड उनके विधायक बेटे वैभव पिचड, पूर्व मंत्री गणेश नाइक के बेटे संदीवप नाईक और पूर्व मंत्री सचिन अहिर ने पार्टी छोड़ सत्तारुढ़ दलों की राह पकड ली थी. 

शरद पवार अपनी पार्टी मेँ फूटते बगावत के सुर को दबाने की तरकीबें तलाशने मे भले ही जुटे हैं, लेकिन पार्टी में मची भगदड रोक पाने में नाकाम रहे हैं. पिछले दिनों तीन एनसीपी विधायक पार्टी छोडकर बीजेपी ज्वाइन कर चुके हैँ.

कमोबेश यही सियासी झटके कांग्रेस को भी महसूस करने पड़ रहे हैं. दिलीपी सोपल के साथ-साथ सोलापुर से पूर्व विधायक और कांग्रेस नेता दिलीप माने भी बुधवार को उद्धव ठाकरे की मौजूदगी में शिवसेना के शिवबंधन में बंध गये. महाराष्ट्र की पिछली कांग्रेस और एनसीपी गठबंधन की सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके दिलीप सोपल का नाम महाराष्ट्र स्टेट कोआपरेटिव बैंक घोटाले में भी उछला है. बांबे हाईकोर्ट के आदेश के बाद मुंबई पुलिस की दर्ज FIR में 76 आरोपियों में दिलीप सोपल का नाम भी शामिल है. बैंक घोटाले के आरोपों में घिरे सोपल की शिवसेना में स्मूथ एंट्री से साफ होता है कि शिवसेना और बीजेपी को दागियों की पार्टी में एंट्री से कोई परहेज नहीं है.
  
शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने कहा कि दिलीपी सोपल पहले शिवसेना में ही थे. कुछ वक्त के लिये वह किसी वजह से इधर-उधर चले गये. अब वह अपने साथियों के साथ वापस घर आ गये हैं. दिलीप सोपल का शिवसेना में स्वागत है. 

महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ दल का दावा है कि सूबे के पचास से ज्यादा मौजूदा विधायक एनसीपी और कांग्रेस छोड़ बीजेपी और शिवसेना में प्रवेश की तैयारी में हैं. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणनवीस ने यहां तक कह दिया कि विपक्षी दलों के इतने नेता सत्तारुढ़ दल को ज्वाइन करना चाहते हैं कि अगर हम सभी को हां कह दें तो सूबे में समूचा विपक्ष ही खत्म हो जायेगा. पूर्व कैबिनेट मंत्री दिलीप सोपल ने कहा कि हमारे समर्थकों की राय है कि मैं शिवसेना में प्रवेश करूं.

एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष नवाब मलिक ने कहा कि राजनीति में बुरे वक्त आते रहते हैं, लेकिन किसी के छोड़कर जाने से पार्टी को कोई बड़ा नुकसान नहीं होता. दूसरी पीढ़ी के नेता उनकी जगह ले लेते हैं. 288 विधायकों वाली महाराष्ट्र विधानसभा में एनसीपी और कांग्रेस के विधायकों की फौज हर दिन घटती जा रही है. आये दिन दोनों पार्टियों के विधायक सत्तारुढ़ दलों का दामन थाम रहे हैं. सूबे में कांग्रेस को हाल में तगड़ा झटका तब लगा था जब महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता राधाकृष्ण विखे पाटिल ने पार्टी छोड़ बीजेपी का दामन थामा और देवेंद्र फडणनवीस कैबिनेट में हाउसिंग मिनिस्टर भी बन बैठे. उसके बाद से ही कांग्रेस विधायकों का बीजेपी में ज्वाइन करने की होड़ मच गयी. महाराष्ट्र में अक्टूबर महीने में विधानसभा के चुनाव हैं. चुनाव से पहले एनसीपी और कांग्रेस की नीँद उड़ी हुई है.