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जम्मू कश्मीर में हालात सामान्य नहीं होने देना चाहता है पाकिस्तान : मीर जुनैद

पॉलिटिकल एक्टिविस्ट मीर जुनैद (Mir Junaid) ने कहा है कि जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) में पाकिस्तान (Pakistan) माहौल ख़राब कर रहा है. पाकिस्तान (Pakistan) नहीं चाहता है कि कश्मीर में हालात सामान्य बने. कश्मीर के युवा बदलाव चाहते हैं.

जम्मू कश्मीर में हालात सामान्य नहीं होने देना चाहता है पाकिस्तान : मीर जुनैद
पॉलिटिकल एक्टिविस्ट मीर जुनैद ने कहा है कि जम्मू कश्मीर की जनता बदलाव चाहती है.

श्रीनगर: पॉलिटिकल एक्टिविस्ट मीर जुनैद (Mir Junaid) ने कहा है कि जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) में पाकिस्तान (Pakistan) माहौल ख़राब कर रहा है. पाकिस्तान (Pakistan) नहीं चाहता है कि कश्मीर में हालात सामान्य बने. कश्मीर के युवा बदलाव चाहते हैं. दिल्ली ने जो वादा किया है कश्मीर को पूर्ण राज्य बनाएंगें लोग उस का इंतजार कर रहे हैं. हम जैसे युवा राजनीति में बदलाव चाहते हैं. इसमे सरकार को हमारी मदद करनी चाहिए. पीपल नेशनल पार्टी के नाम से हम नया दल बनाने पर काम कर रहे हैँ, जिसमें सभी को बराबर जगह मिलेंगे. सरकार को जल्द से जल्द मोबाइल कनेक्टिविटी शुरू करनी चाहिए.

पाक सेना J&K के आतंकियों से संपर्क के लिए कोड का इस्तेमाल कर रही
मालूम हो कि भारतीय खुफिया एजेंसियों ने हाल ही में कुछ कोड वर्ड्स का खुलासा किया है, जिसका इस्तेमाल पाकिस्तान (Pakistan) सेना और वहां की विभिन्न आतंकवादी समूहों द्वारा जम्मू और कश्मीर के आंतकवादियों से संपर्क साधने के लिए किया जा रहा था, ताकि क्षेत्र में हिंसा फैलाई जा सके. सूत्रों ने यह जानकारी दी है. पता चला है कि ये कोड वर्ड्स पाकिस्तान (Pakistan) के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में नियंत्रण रेखा के पास लगाए गए एफएम ट्रांसमिशन के जरिए भेजे जाते हैं, जिसमें जैश-ए-मोहम्मद के लिए (66/88), लश्कर-ए-तैयबा के लिए (ए3) और अल बद्र के लिए (डी 9) कोड रखे गए हैं.

यह संवाद पाकिस्तान (Pakistan) के राष्ट्रगान 'कौमी तराना' के माध्यम से किया जा रहा है, जो कि पांच अगस्त को अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के लगभग एक हफ्ते बाद किया गया था, जिसके बाद इस क्षेत्र में लैंडलाइन, मोबाइल फोन और इंटरनेट नेटवर्क को बंद कर दिया गया था.

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'कौमी तराना' के कई संस्करणों का बहुत सक्रियता से इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसे पाकिस्तान (Pakistan)ी सेना और आतंकवादी समूहों द्वारा एफएम ट्रांसमिशन स्टेशनों के माध्यम से जम्मू और कश्मीर के अपने हैंडलर्स और कैडर्स को भेजा जा रहा है.

खुफिया जानकारी में बताया गया है कि बहुत उच्च आवृत्ति वाले (वीएचएफ) रेडियो स्टेशनों द्वारा 'कौमी तराना' बजाकर भारत में एलओसी के नजदीक से सिगनल भेजे जा रहे थे, जिसका इस्तेमाल लश्कर , जैश और अल बद्र द्वारा जम्मू और कश्मीर में स्थानीय कैडर्स से संवाद के लिए भी किया जा रहा था.

सूत्रों का कहना है कि एलओसी के नजदीक आतंकवादियों द्वारा वीएफएफ संदेश प्राप्त किए जा रहे हैं और इसे हिंसा करने तथा आसपास के गांव वालों को गुमराह करने के लिए फैला रहे हैं.

पाकिस्तान (Pakistan) की सेना भी पीओके के वर्तमान एफएम ट्रांसमिशन स्टेशनों को एलओसी के करीब स्थानांतरित कर रही है. पाकिस्तान (Pakistan)ी सेना के 10 कार्प्स कमांडर ने इस काम को सिगनल कॉर्प को सौंपा है. सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान (Pakistan) के इस कदम का उद्देश्य आतंकवादियों की भारत में घुसपैठ कराना है.