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राजनेता बनने के लिए कॉलेज में कौन सी पढ़ाई सबसे उपयुक्‍त है?

दुनिया के किसी भी मुल्‍क में लोग कॉलेज की पढ़ाई के बजाय अपने अनुभव के आधार पर राजनेता बनते हैं और अपने विवेक से फैसले लेते हैं.

राजनेता बनने के लिए कॉलेज में कौन सी पढ़ाई सबसे उपयुक्‍त है?
क्‍या इस तरह का कोई कोर्स दुनिया के किसी मुल्‍क में विकसित किया गया है, जिसको पढ़कर राजनेता बनना मुमकिन है?(प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर)

नई दिल्‍ली: किसी भी देश में सत्‍ता के शिखर पर पहुंचकर देश का नेतृत्‍व करना या उसे चलाना सबसे मुश्किल कामों में से एक माना जाता है. लेकिन इस तरह के अहम पद की चुनौती से निपटने के लिए और संबंधित कौशल हासिल करने के लिए क्‍या कोई कोर्स दुनिया के किसी यूनिवर्सिटी या कॉलेज में पढ़ाया या सिखाया जाता है? मसलन जिस तरह इंजीनियरिंग या डॉक्‍टरी की पढ़ाई होती है, उसी तर्ज पर कॉलेज में लीडरशिप, राजनीति, कूटनीति के गुर सीखे जा सकते हैं? क्‍या इस तरह का कोई कोर्स दुनिया के किसी मुल्‍क में विकसित किया गया है, जिसको पढ़कर राजनेता बनना मुमकिन है? दरअसल इन सभी सवालों का जवाब ये है कि ऐसा संभव नहीं है.

दुनिया के किसी भी मुल्‍क में लोग कॉलेज की पढ़ाई के बजाय अपने अनुभव के आधार पर राजनेता बनते हैं और अपने विवेक से फैसले लेते हैं. इस कारण राजनेता बनने के लिए किसी खास तरह की शैक्षिक योग्‍यता की जरूरत नहीं होती. यानी कोई ऐसा कॉलेज पाठ्यक्रम विकसित नहीं हुआ है जिसको हासिल करने के बाद राजनेता की अपेक्षित योग्‍यता या कौशल का दावा किया जा सके. लेकिन फिर भी यदि मौजूदा दौर में दुनिया भर के राजनेताओं की शैक्षिक पृष्‍ठभूमि पर नजर डाली जाए तो द टाइम्‍स ऑफ इंडिया के एक आंकड़े के मुताबिक सर्वाधिक 41 राष्‍ट्रप्रमुखों/अध्‍यक्षों ने राजनीति और अर्थशास्‍त्र में कॉलेज की पढ़ाई की है. उसके बाद 36 नेताओं ने कानून की पढ़ाई की है.

35 फीसदी मुख्यमंत्रियों पर आपराधिक मामले दर्ज, जबकि 81% सीएम हैं करोड़पति: एडीआर की रिपोर्ट

भारत की स्थिति
भारत के राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कानून की डिग्री अर्जित की है. इसी तरह यदि देश के 31 मुख्‍यमंत्रियों की शैक्षिक पृष्‍ठभूमि पर नजर डाली जाए तो एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्‍स (एडीआर) की एक रिपोर्ट के मुताबिक सर्वाधिक 13 सीएम ने आर्ट्स और ह्यूमैनिटीज विषयों में पढ़ाई की है. सात सीएम ने कानून, चार-चार सीएम ने मैथ्‍स एंड साइंस और हायर-सेकेंडरी तक पढ़ाई की है. इसी तरह दो मुख्‍यमंत्रियों ने इंजीनियरिंग और एक सीएम ने बिजनेस और फाइनेंस की पढ़ाई की है.

मुख्‍यमंत्रियों का शिक्षा आधारित विश्‍लेषण
एडीआर की इसी साल फरवरी में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक 31 मुख्‍यमंत्रियों में से सर्वाधिक 12(39 प्रतिशत) ग्रेजुएट हैं. उसके बाद 10 ग्रेजुएट प्रोफेशनल (32 प्रतिशत) हैं. 5 (16 प्रतिशत) मुख्‍यमंत्री पोस्‍ट ग्रेजुएट हैं. कुल सीएम में से 10 प्रतिशत यानी तीन 12वीं पास हैं और एक (तीन प्रतिशत) के पास डॉक्‍टरेट की डिग्री है.