दिशाओं से बदलेगी दशाएं, जानें किस दिशा में रखें कौन सी चीज

 कपड़े, धन आदि रखने वाली आलमारी को दक्षिणी या पश्चिम दीवार के साथ रखें. ध्यान रहे कि आलमारी का दरवाजा खोलने वाले का मुंह उत्तर या पूर्व दिशा की ओर रहे.

दिशाओं से बदलेगी दशाएं, जानें किस दिशा में रखें कौन सी चीज

नई दिल्ली: किसी भी घर को बनाते समय जितना भूमि और भवन के वास्तु का ख्याल रखना जरूरी है, उतना ही घर में प्रयोग की जाने वाली चीजों की दिशाओं का भी है. उचित दिशा में रखा हुआ सामान जहां सुख—शांति और समृद्धि कारण बनता है, वहीं गलत दिशा में रखी हुई चीजें घर में रहने वालों लोगों के बीच तनाव, सेहत संबंधी समस्याएं, धन की हानि और तमाम तरह की अप्रत्याशित दुर्घटनाओं का कारण बनती हैं.

आइए जानते हैं कि आखिर किस दिशा में कौन सा सामान रखने से दु:ख और दुर्भाग्य और किस दिशा में रखने से सुख और सौभाग्य प्राप्त होता है —
— घर में जूते—चप्पल रखने वाला रैक उत्तर—पश्चिम दिशा अथवा दक्षिण—पश्चिम दिशा में रखना चाहिए.
— घर में मनोरंजन का साधन जैसे टीवी आदि उत्तर की दिशा में रखें.
— ड्राइंग रूम में चार—चांद लगाने वाली सजावटी घड़ी को पूर्व की दीवार पर टांगे या टेबल पर रखें.
— फिश एक्वेरियम को पूर्व, उत्तर और पूर्व-उत्तर की दिशा में रखना शुभ माना जाता है.
— फिश एक्वेरियम को कभी भी रसोईघर या शयनकक्ष में नहीं रखना चाहिए.
— कपड़े, धन आदि रखने वाली आलमारी को दक्षिणी या पश्चिम दीवार के साथ रखें. ध्यान रहे कि आलमारी का दरवाजा खोलने वाले का मुंह उत्तर या पूर्व दिशा की ओर रहे.
— फ्रिज को कमरे के पश्चिम दिशा में रखें. फ्रिज को कभी भी अपने बेडरूम में न रखें.

ये भी पढ़ें- योग नमस्कार : खर्राटों से हैं परेशान तो नियमित रूप से करें ये योगासन

— किचन में सामान रखने वाला रैक पश्चिम दिशा में रखें.
— किचन में गैस स्टोव को दक्षिण—पूर्व दिशा में रखें. ध्यान रहे कि उस पर खाना बनाते समय आपका मुंह पूर्व दिशा की ओर रहे.
— डायनिंग टेबल को कभी भी दीवार से लगाकर न रखें.
— डायनिंग टेबल को कुछ इस तरह से लगाएं कि खाना खाते समय किसी भी व्यक्ति का मुंह दक्षिण दिशा की ओर न रहे.
— डायनिंग टेबल पर खाना खाते समय परिवार के सबसे वरिष्ठ सदस्य या फिर कहें मुखिया को दक्षिण दिशा में बैठना चाहिए लेकिन उसका भी मुंह उत्तर दिशा की ओर रहे.
— दीवान, पोच, सोफा को कुछ इस तरह लगाएं कि उसमें बैठने वाले का मुंह दक्षिण दिशा की ओर न रहे.
— घर में पूजा का स्थान उत्तर—पूर्व यानी ईशान दिशा में बनाएं. यदि संभव न हो तो उत्तर या पूर्व दिशा में बनाएं.