Dhanteras 2018: जानिए धनतेरस पूजन का महत्व, शुभ मुहू्र्त और विधि

धनतेरस के दिन सोने-चांदी के बर्तन खरीदना भी शुभ माना जाता है. इस दिन धातु खरीदना भी बेहद शुभ माना जाता है.

Dhanteras 2018: जानिए धनतेरस पूजन का महत्व, शुभ मुहू्र्त और विधि
(फोटो साभारः twitter/@ShrimadBhagvadG)

नई दिल्ली: दीपावाली से पहले धनतेरस पूजा का विशेष महत्व होता है. मान्यता है कि इस दिन लक्ष्मी-गणेश और कुबेर की पूजा करने से घर-परिवार की खुशियों में वृद्धि होती है और आर्थिक कष्ट भी दूर होते हैं. धनतेरस यानी अपने धन को तेरह गुणा बनाने और उसमें वृद्धि करने का द‌िन. इसी दिन भगवान धनवन्‍तरी का जन्‍म हुआ था जो कि समुन्‍द्र मंथन के दौरान अपने साथ अमृत का कलश व आयुर्वेद लेकर प्रकट हुए थे और इसी कारण से भगवान धनवन्‍तरी को औषधी का जनक भी कहा जाता है. धनतेरस के दिन सोने-चांदी के बर्तन खरीदना भी शुभ माना जाता है. इस दिन धातु खरीदना भी बेहद शुभ माना जाता है.

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धनतेरस पूजन महत्व -
‘हिंदू कैलेंडर के मुताबिक धनतेरस कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को मनाया जाता है. इसके ठीक दो दिन बाद दीपावली मनाई जाती है. ‘धन’ का मतलब समृद्धि और ‘तेरस’ का मतलब तेरहवां दिन होता है. कारोबारियों के लिए धनतेरस का खास महत्व होता है क्योंकि धारणा है कि इस दिन लक्ष्मी पूजा से समृद्धि, खुशियां और सफलता मिलती है. साथ ही सभी के लिए इस पूजा का खास महत्व होता है. Dhanteras 2018: Know the Importance of Dhanteras Pooja, Shubh Muhurat and Vidhi

धनतेरस पूजन शुभ मुहूर्त -
ज्योतिषाचारर्यों के अनुसार, इस साल धनतेरस का त्योहार 05 नवम्बर 2018 को मनाया जाने वाला है. धनतेरस के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 6 बजकर 05 मिनट से रात को 8 बजकर 01 मिनट तक है. यानि की धन की देवी लक्ष्मी के आगमन के लिए भक्त कुल 1 घंटे 55 मिनट तक पूजा कर सकेंगे.

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धनतेरस पूजन विधि -
प्रातः उठकर सबसे पहले घर की साफ-सफाई करें. इसके बाद खुद भी स्नान आदि कर पवित्र होकर पूजन का संकल्प लें. शाम के समय भगवान धनवंतरी की पूजा के लिए उनकी तस्वीर या प्रतिमा स्थापित करें. साथ ही माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें. फिर जल लेकर तीन बार आचमन करें और सभी प्रतिमाओं पर जल छिड़कें. भगवान का टीका करें और वस्त्र अर्पित करें. भगवान के मंत्रो का जाप करते हुए उन्हें प्रणाम करें और भगवान को पुष्प अर्पित करें. साथ ही घर के लिए जो चीजें खरीदी हैं उनकी भी पूजा करें. इसके बाद भगवान को भोग अर्पित करें और घर के बाहर, दुकान आदि में तेरह दीपक जलाएं.