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Dussehra 2019: विजयादशमी पर नीलकंठ के दर्शन करना होता है बेहद शुभ, बन जाते हैं बिगड़े काम

विजयादशमी को नीलकंठ के दर्शन करना बेहद शुभ माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन नीलकंठ के दर्शन हो जाएं तो लोगों के बिगड़े काम बन जाते हैं और इसके दर्शन काफी शुभ माना जाता है. 

Dussehra 2019: विजयादशमी पर नीलकंठ के दर्शन करना होता है बेहद शुभ, बन जाते हैं बिगड़े काम

नई दिल्लीः विजयादशमी बुराई पर अच्छाई की जीत का त्योहार होता है, जिसके चलते देश भर में यह त्योहार बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाता है. मान्यता है कि इस दिन भगवान राम ने लंका नरेश रावण का वध किया था, वहीं देवी दुर्गा ने भी इस दिन महिषासुर का वध किया था, जिसके चलते इस दिन का महत्व और भी बढ़ जाता है. इस बार यह पर्व 8 अक्टूबर को मनाया जा रहा है. लोग इस दिन से शुभ कार्यों की शुरुआत करते हैं. ज्योतिषाचार्यों की मानें तो इस दिन राहु काल का दोष नहीं माना जाता है. यही कारण है कि लोग इस दिन से शुभ कार्य की शुरुआत करते हैं.

विजयादशमी पर नीलकंठ के दर्शन
विजयादशमी को नीलकंठ के दर्शन करना बेहद शुभ माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन नीलकंठ के दर्शन हो जाएं तो लोगों के बिगड़े काम बन जाते हैं और इसके दर्शन काफी शुभ माना जाता है. मान्यता है कि नीलकंठ भगवान शिव का प्रतीक है, जिसके चलते इसके दर्शन से सौभाग्य, धन और समृद्धि की प्राप्ति होती है. दशहरे पर गंगा स्नान का भी महत्व बताया गया है. कहते हैं विजयादशमी पर गंगा स्नान का फल हजारों गुना बढ़ जाता है, इसलिए इस दिन गंगा या फिर किसी पवित्र नदी में स्नान जरूर करें.

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शिव का स्वरूप और किसानों का मित्र 
किवदंतियों की मानें तो कहा जाता है कि भगवान राम ने इस पक्षी के दर्शन करने के बाद ही रावण पर विजय प्राप्त की थी. भगवान शिव का दूसरा नाम नीलकंठ है और इसलिए इस पक्षी को उन्हीं का स्वरूप माना जाता है. आपको रामायण की कथा याद हो तो भगवान राम ने लंका पर चढ़ाई करने से पहले रामेश्वरम में शिवलिंग की स्थापना भी की थी. नीलकंठ कीड़ों को खाकर फसल की रक्षा करता है और इस तरह यह किसान के साथ एक सच्चे दोस्त की तरह अपना धर्म निभाता है.