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वाराणसी में उफान पर गंगा, कुछ मंदिर डूबे, सूतक की वजह से बदला गंगा आरती का समय

16 जुलाई को गंगा आरती दोपहर 3 बजे होगी और 4 बजे तक संपन्‍न करा दी जाएगी. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण से पूर्व देवालयों के कपाट बंद होने की परंपरा है. 

वाराणसी में उफान पर गंगा, कुछ मंदिर डूबे, सूतक की वजह से बदला गंगा आरती का समय
वाराणसी में बढ़ रहा गंगा का जलस्‍तर. फाइल फोटो

वाराणसी : देश के उत्‍तरी हिस्‍से में लगातार हो रही मॉनसून की बारिश के कारण गंगा उफान पर है. वाराणसी में गंगा का जलस्‍तर तेजी से बढ़ रहा है. गंगा का जलस्तर इतना ज्यादा बढ़ गया है कि विश्वप्रसिद्ध गंगा आरती का स्थान भी बदलना पड़ा है. गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी लगातार जारी है.

लगातार जलस्तर बढ़ने के कारण अब तक 8 से 10 फीट पानी बढ़ चुका है. किनारे के प्रमुख मंदिर बाढ़ के पानी में डूब गए हैं. यूपी में लगातार हो रही बारिश से वाराणसी में गंगा किनारे रहने वाले लोगों की बेचैनी बढ़ने लगी है. नाविक बड़ी नौकाओं का संचालन बड़ी सावधानी से कर रहे हैं. घाट पर रहने वाले पंडा पुजारी अपनी चौकी और छतरी सुरक्षित स्थान पर लगा रहे हैं. अगर यही हाल रहा तो जल्द ही घाटों का संपर्क टूट जाएगा.

वहीं सूतक काल ने दशाश्वमेध घाट पर होने वाली विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती की परम्परा को तोड़ दिया है. अब यह गंगा आरती शाम की जगह दिन में होगी. दशाश्वमेध घाट पर गंगा सेवा निधि द्वारा आयोजित होने वाली शाम की रोजाना गंगा आरती सूतक काल के कारण प्रभावित हुई है.

16 जुलाई को गंगा आरती दोपहर 3 बजे होगी और 4 बजे तक संपन्‍न करा दी जाएगी. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण से पूर्व देवालयों के कपाट बंद होने की परंपरा है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण से पूर्व देवालयों के कपाट बंद होने की परंपरा है. यह जानकारी संस्था के अध्यक्ष सुशांत मिश्र द्वारा दी गई है.