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केदारनाथ आने वाले यात्रियों को बड़ी राहत, अब 16 नहीं सिर्फ 14 किमी तय करनी होगी पैदल यात्रा

लिनचोली से केदारनाथ पहुंचने के लिए यात्रियों को अभी खड़ी चढ़ाई करनी पड़ती है, जिसमें लोगों को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. यह मार्ग भीमबली से दूसरी ओर की पहाड़ी पर बनाया गया है.

केदारनाथ आने वाले यात्रियों को बड़ी राहत, अब 16 नहीं सिर्फ 14 किमी तय करनी होगी पैदल यात्रा
प्रशासन ने वैष्णो देवी की तर्ज पर केदारनाथ धाम में भी ई-रिक्शा चलाने की तैयारी शुरू कर दी है.

नई दिल्लीः केदारनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं को अब दो किलोमीटर कम पैदल यात्रा की दूरी तय करनी पड़ेगी. दरअसल, जिला प्रशासन ने वैष्णो देवी की तर्ज पर केदारनाथ धाम में भी ई-रिक्शा चलाने की तैयारी शुरू कर दी है. इसके लिए प्रशासन और मंदिर समिति ने रुद्रा पॉइंट से मंदिर तक यात्रियों को लाने के लिए ई रिक्शा का इस्तेमाल करने जा रही है. जिसके बाद यात्रियों को जहां अभी तक केदारनाथ धाम पहुंचने के लिए 16 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था, वहीं अब उन्हें 2 किलोमीटर कम पैदल यात्रा तय करना होगा. मतलब अब केदारनाथ धाम पहुंचने के लिए तीर्थ यात्रियों को सिर्फ 14 किलोमीटर ही पैदल चलना होगा.

केदारनाथ धाम में पैदल यात्रा की दूरी कम करने के लिए प्रशासन और मंदिर समिति ने तैयारियां भी शुरू कर दी हैं और इसके लिए रुद्रा पॉइंट से मंदिर तक ट्रैक बनाने का काम शुरू कर दिया गया है. बताया जा रहा है कि अक्टूबर में इस योजना का ट्रायल किया जाएगा और अगर प्रशासन इसमें सफल होता है तो अगले साल जब भगवान केदारनाथ के कपाट भक्तों के लिए खोले जाएंगे तो इस योजना को पूरे प्रभावी तरीके से लागू किया जा सकता है.

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बता दें लिनचोली से केदारनाथ धाम पहुंचने के लिए यात्रियों को अभी खड़ी चढ़ाई करनी पड़ती है, जिसमें लोगों को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. यह मार्ग भीमबली से दूसरी ओर की पहाड़ी पर बनाया गया है, जो लिनचोली से रुद्रा प्वॉइंट होते हुए केदारनाथ धाम पहुंचता है. वहीं रुद्रा प्वॉइंट से केदारनाथ धाम तक 2 किलोमीटर का रास्ता समतल है, जिससे यहां घोड़े और खच्चरों की आवाजाही होती है और श्रद्धालुओं को 14 किलोमीटर के बाद फिर 2 किलोमीटर पैदल यात्रा करनी पड़ती है. इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने रुद्रा प्वॉइंट से केदानाथ धाम तक ई रिक्शा चलाने की कवायद में जुट गया है.