close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

UP: इस गांव में की जाती है दशानन की पूजा, रावण के पुतला दहन का करते हैं विरोध

यमुना पुल के शिव मंदिर में सालों से दशानन की पूजा की जाती है. लंकेश भक्त मंडल लोगों को जागरुक करने का प्रयास करता है और पुतला न दहन करने का आग्रह भी करता हैं.

UP: इस गांव में की जाती है दशानन की पूजा, रावण के पुतला दहन का करते हैं विरोध
फाइल फोटो

मथुरा: मथुरा-जहां देशभर में दशहरे के मौके पर रावण का पुतला दहन किया जाता है,वहीं मथुरा में एक  अलग ही नजारा देखने को मिलता है. श्री कृष्ण की नगरी में दशानन की पूजा की जाती है. यमुना किनारे शिव मंदिर में लंकेश की विधि विधान से पूजा अर्चना की जाती है. इतना ही नहीं यहां के लोग रावण के पुतला दहन करने का जमकर विरोध भी करते हैं. लोगों का कहना है कि रावण का पुतला दहन नहीं किया जाना चाहिए इसके लिए हम अदालत गए थे और अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएंगे. 

यमुना पुल के शिव मंदिर में सालों से दशानन की पूजा की जाती है. लंकेश भक्त मंडल लोगों को जागरुक करने का प्रयास करता है और पुतला न दहन करने का आग्रह भी करता हैं. साथ ही रावण की अच्छाइयों के बारे में भी बताते हैं और यह लोग रावण को अपना आदर्श मानते हैं. कहते हैं कि यह न केवल अपमानजनक है बल्कि हर साल ऐसे आदर्श व्यक्तित्व का पुतला जलाना इस देश की संस्कृति के खिलाफ है. 

Dussehra 2019: पहली बार दिल्ली में रावण दहन में नहीं होगा पटाखों का इस्तेमाल

 

रावण वंशी लंकेश भक्त मंडल लोगों कहना है कि रावण रावण त्रिकालदर्शी थे और चारों वेदों के ज्ञाता थे. लोगों का कहना है कि जो व्यक्ति एक बार मर जाता है, उसको बार-बार क्यों मारा जाता है. हमारे समाज के साथ दुर्व्यवहार की भावना से हमारे कुल के राजा का बार-बार दहन किया जाता है. जो सरासर गलत है. भगवान रावण की पूजा की जानी चाहिए ना कि हर वर्ष उनका दहन किया जाना उचित है. आज हमने हर वर्ष की भांति उनकी पूजा अर्चना की है.