इस दिन होगा राहु-केतु का राशि परिवर्तन, पहले ही जान लीजिए मुसीबतों से बचने के उपाय

ज्योतिष में राहु और केतु को छाया ग्रह माना गया है. भले ही इनका भौतिक अस्तित्व नहीं है, लेकिन इनका ज्योतिषीय महत्व बहुत है. ज्योतिष में राहु-केतु का नाम आते ही अनिष्ट की आशंका से मन घबराने लगता है. 

इस दिन होगा राहु-केतु का राशि परिवर्तन, पहले ही जान लीजिए मुसीबतों से बचने के उपाय
फोटो साभार-इंटरनेट

नई दिल्ली: ज्योतिष में राहु और केतु को छाया ग्रह माना गया है. भले ही इनका भौतिक अस्तित्व नहीं है, लेकिन इनका ज्योतिषीय महत्व बहुत है. ज्योतिष में राहु-केतु का नाम आते ही अनिष्ट की आशंका से मन घबराने लगता है. नैसर्गिक रूप से इन दोनों को पाप ग्रह माना जाता है. लगभग 18 महीने के बाद 23 सितंबर 2020 को राहु-केतु अपनी राशि बदलने जा रहे हैं. छाया ग्रह राहु वक्री चाल चलते हुए मिथुन राशि की यात्रा समाप्त करके वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे, जहां पर ये अप्रैल 2022 तक रहेंगे.

9 ग्रहों में राहु-केतु किसी भी व्यक्ति के जीवन में बड़ा बदलाव लाते हैं. न सिर्फ किसी व्यक्ति पर बल्कि इसका प्रभाव भूमंडल पर भी महसूस किया जा सकता है. ग्रहण और कालसर्प योग में भी इन दोनों ग्रहों की मुख्य भूमिका होती है. किसी भी व्यक्ति की कुंडली में साहस, डर, दु:ख, चिंता, पाप कर्म, कलंक, भय आदि को राहु से देखा जाता है. रिश्तों की बात करें तो राहु से दादा को और केतु से नाना का विचार किया जाता है. राहु की महादशा 18 वर्ष की होती है, जबकि अंतरदशा 8 महीने और 12 दिन की होती है. जिसमें जातक को तमाम तरह के कष्ट झेलने पड़ते हैं. 

यदि आपकी कुंडली में राहु अशुभ फल दे रहा है तो आपको ​नीचे दिए गए निम्न उपाय करने पर निश्चित रूप से राहु जनित परेशानियां दूर होंगी और शुभ फल प्राप्त होंगे.

1. राहु के दुष्प्रभाव से बचने के लिए सबसे पहले तो सभी प्रकार के नशे से दूर रहें.

2. कभी भी अपना आपा न खोएं और न ही किसी को बुरा-भला कहें. बुजुर्ग महिलाओं का अपमान भूलकर भी न करें.

3. किसी दिव्यांग व्यक्ति को उसकी जरूरत का सामान दान करें.

4. लावारिस शवों के दाह-संस्कार करवाएं. विशेष रूप से दाह संस्कार के लिए लकड़ियां दान करें.

5. रविवार के दिन भगवान भैरव को प्रसाद स्वरूप मदिरा चढ़ाएं और तेल का दिया जलाकर प्रार्थना करें.

6. भगवान शिव की शमीपत्र से विशेष पूजा करें. इसके साथ ही महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें.

राहु को प्रसन्न करने का महामंत्र—
यदि आपकी राशि या कुंडली पर राहु की अशुभ दृष्टि या प्रभाव है तो आप इस चमत्कारी मंत्र से लाभ प्राप्त कर सकते हैं. राहु को अनुकूल बना सकते हैं.

ध्यान मंत्र
अर्धकायं महावीर्यं चन्द्रादित्यविमर्दनम्।
सिंहिकागर्भसम्भूतं तं राहुं प्रणमाम्यहम्।।

तंत्रोक्त मन्त्र
ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः।

(प्रस्‍तुति: मधुकर मिश्र)