Shani Jayanti 2020: इन तीन राशियों पर होगा शनि की साढ़े साती का असर, करें यह उपाय

धनु और मकर राशि में पहले से ही शनि की साढ़े साती का प्रभाव चल रहा था. ऐसे में अब कुम्भ राशि पर भी शनि की साढ़े साती का पहला चरण शुरू हो जाएगा. 

Shani Jayanti 2020: इन तीन राशियों पर होगा शनि की साढ़े साती का असर, करें यह उपाय
(फाइल फोटो)

नई दिल्ली: ज्योतिष में न्याय के देवता शनिदेव माने गए हैं. ऐसे में कोरोना के प्रमुख कारक ग्रह कहे जा रहे शनि 11 मई 2020 से 29 सितंबर 2020 तक मकर राशि में वक्री अवस्था में गोचर करेंगे. वहीं वर्ष 2020 में ही शनि 27 दिसंबर को अस्त भी हो जाएंगे. शनि के अस्त होने के साथ ही उनके प्रभाव कुछ कम हो जाएंगे. धनु और मकर राशि में पहले से ही शनि की साढ़े साती का प्रभाव चल रहा था. ऐसे में अब कुम्भ राशि पर भी शनि की साढ़े साती का पहला चरण शुरू हो जाएगा. 

शनि मकर और कुम्भ दो राशियों के स्वामी हैं. शनि की दो राशियों में से एक राशि मकर में शनि का गोचर होने जा रहा है वहीं शनि की दूसरी राशि कुम्भ शनि की स्व-राशि और मूल त्रिकोण राशि है. शनि की मकर राशि में वक्री चाल केवल मकर राशि वालों को ही नहीं वरन सभी 12 राशियों पर अपना विशेष असर छोड़ेगी. लेकिन ये भी जरूरी नहीं कि शनि की ये चाल आपको परेशान ही करे. अगर आपकी कुंडली में शनि मजबूत स्थिति में हैं तो शनि की वक्री चाल आपको कष्ट नहीं देगी. आईए जानते हैं शनि का ये गोचर आप सभी के व्यवसाय, नौकरी, विवाह, प्रेम, संतान, शिक्षा और स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ेगा.

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चंद्र राशि के अनुसार शनि का आप पर कैसा रहेगा प्रभाव?

मेष
मेष राशि में शनि दशम और एकादश भाव का स्वामी होकर राशि से दशम भाव यानी कर्म भाव में ही गोचर करेगा. इस गोचर में आपके लिए मेहनत और संघर्ष बहुत बढ़ जाएंगे. शनि के वक्री होने की वजह से नए काम में रुकावट आ सकती है और जिस लाभ की आशा कर रहे थे वह भी समय से नहीं मिल पाएगा. घर से जुड़े किसी कार्य में धन का खर्च हो सकता है.

उपाय: महाराज दशरथ कृत नील शनि स्तोत्र का पाठ करने के अलावा शनिवार को शाम के समय पीपल वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक रखें.

वृषभ
शनि का भाग्य स्थान में गोचर होने से पिता के साथ कुछ मतभेद हो सकते हैं. आपको उनकी सेहत का भी ध्यान रखना चाहिए. कार्य-स्थल में मेहनत अधिक होने के बाद लाभ के आसार कम नजर आ रहे हैं. सब्र और धैर्य से ही काम करें तो बेहतर रहेगा. प्रमोशन के बारे सोच रहे हैं तो ये शनि का गोचर अभी और इंतजार करवाएगा.

उपाय: शनि मंत्र का जाप करें.

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मिथुन
अष्टम भाव में शनि का प्रभाव होने से अचानक ही परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. आर्थिक स्थिति भी कुछ कमजोर नजर आ रही है और धन से जुड़े कार्य में भी ये शनि आय व लाभ में कमी करेगा. शनि के आपकी राशि से अष्टम भाव में गोचर करने से कभी-कभी खुद को भ्रमित सा महसूस करेंगे. अगर कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेते समय ऐसा हो तो किसी सीनियर की सलाह लें या कुछ समय के लिए टाल दें तो बेहतर रहेगा.

उपाय: शनिवार या फिर शनि प्रदोष का व्रत रखें. साथ ही शनिवार के दिन काले कपड़े पहनने से बचें.

कर्क
कर्क राशि में शनि सप्तम और अष्टम भाव का स्वामी होकर आपकी राशि से सप्तम भाव यानि विवाह भाव में ही गोचर करेंगे. किसी महिला मित्र की वजह से आपको फायदा होगा. आलस को अपने से दूर ही रखें क्योंकि आलसी लोगों को शनि शुभ फल नहीं देते हैं. अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें, बीमारी परेशान कर सकती है. किसी से वाद-विवाद भी हो सकता है जिसको सुलझाने में आपका धन खर्च हो सकता है. सावधान रहने की जरूरत है.

उपाय: हर शनिवार को सरसों का तेल किसी लोहे या मिट्टी के बर्तन में भरकर उसमें अपनी शक्ल देखकर छाया पात्र दान करें.

सिंह
किसी जमीन में निवेश करने की सोच रहे हैं तो बहुत ही सोच-समझ कर करें, नहीं तो वर्ष के मध्य में आपके साथ धोखा हो सकता है. किसी अच्छे पद की चाहत में जल्दबाजी न करें. स्वास्थ्य से जुड़ी समस्यायें दिखाई दे रही हैं. किसी पुरानी बीमारी की वजह से मानसिक तनाव बना रहेगा.

उपाय: शनिवार के दिन साबुत काली उड़द का दान करने के अलावा पीपल वृक्ष के नीचे तिल के तेल का दीपक शाम को जलाएं.

कन्या राशि
रुकी हुई शिक्षा को दोबारा शुरू कर सकते हैं या किसी शोध में भी किस्मत आजमा सकते हैं. शनि की स्थिति आपकी सोच को गंभीर बना देगी, जिससे आप बहुत ही गहराई में जा कर कोई महत्वपूर्ण निर्णय ले सकते हैं. आभूषण भी खरीद सकते हैं. वाहन और घर से जुड़े खर्चे के लिए साल के मध्य का समय बेहतर नहीं है.

उपाय: शनि प्रदोष का व्रत रखें.

तुला
व्यापार में शनि नए अवसर देगा. लेकिन किसी तरह का अहम आपके लिए नुकसान का कारण भी बन सकता है. किसी के कहने से कोई बड़ा निवेश न करें और न ही वर्ष के मध्य में भूमि में निवेश के बारे में सोचें. शनि के वक्री होने से माता से भी किसी तरह का मतभेद बना रहेगा. क्योंकि इस वजह से आपको मानसिक रूप से भी कष्ट का सामना करना पड़ सकता है.

उपाय: किसी जानकार की सलाह पर रत्न धारण करें.

वृश्चिक
कोई नया काम करने की सोच रहे हैं तो यह समय कार्य के लिए बेहतर रहेगा. आर्थिक स्थिति भी सामान्य बनी रहेगी और कार्य में आर्थिक स्थिति को लेकर कोई रुकावट नहीं आएगी. माता से किसी बात को लेकर वाद-विवाद हो सकता है. किसी मित्र की सहायता से आपके रुके काम सुचारू रूप से बनने लगेंगे लेकिन उसी मित्र के साथ किसी नए काम की शुरुआत न करें.

उपाय: शनिवार के दिन चीटियों को आटा डालें.

धनु 
धनु राशि में शनि दूसरे और तृतीय भाव का स्वामी होकर आपकी राशि से दूसरे भाव यानि संपत्ति भाव में गोचर करेगा. कोई भी नया कार्य पूरी तरह से ध्यान लगा कर ही शुरू करें, तभी यह शनि आपको सफलता दिलाएगा. शनि की साढ़े-साती का आखिरी चरण होने से ये शनि जाते-जाते आपको सोने की तरह तपाकर उजला बना देगा. आपका कोई काम नही रुकेगा. जमीन से जुड़ा कोई फायदा ये शनि आपको दे सकता है.

उपाय: आपको शनिवार के दिन किसी काले कपड़े अथवा काले धागे में धतूरे की जड़ धारण करें.

मकर
इस गोचर से मानसिक परेशानी तो बनी रहेगी पर शनि के अपनी ही राशि में गोचर करने से इस मानसिक तनाव से लड़ने की प्रेरणा भी यही शनि देगा. इस गोचर से आपकी निर्णय शक्ति में संतुलन और गहराई आएगी और आपको अपनी नई मंजिल मिलेंगी. आर्थिक स्थिति में भी लाभ बना रहेगा.

उपाय: शनिदेव की आराधना भी करें.

कुम्भ
कुम्भ राशि में शनि बारहवें और प्रथम भाव का स्वामी होकर इस समय शनि आपकी राशि से बारहवें भाव यानि व्यय भाव में गोचर करेगा. जिससे आपकी राशि में संघर्ष व मेहनत बढ़ जाएगी और आपको अपनी जिंदगी की हकीकत पता चलेगी. इस समय में आपके अपने दूर जाने लगेंगे और कुछ ऐसे रिश्ते करीब आएंगे, जिसके बारे में आपने कभी सोचा भी नहीं था. नौकरी को बदलने के लिए समय बेहतर नहीं है.

उपाय: शनि देव के बीज मंत्र 'ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः' का जाप करें.

मीन
आलस को अपने पर हावी न होने दें नहीं तो बहुत ही महत्वपूर्ण अवसरों से वंचित रह जाएंगे. व्यापार से जुड़े बहुत से नए अवसर आएंगे और आपको आगे बढ़ने का का मौका मिलेगा. आप कुछ नया कर दिखाएंगे. समाज में भी आपकी नई पहचान बनेगी. सेहत के हिसाब से यह गोचर बेहतर रहेगा. आपकी आर्थिक स्थिति में भी आपको माता-पिता से मदद मिलेगी. 

उपाय: शनिवार के दिन शुभ शनि यंत्र की पूजा करें.

मदन गुप्ता सपाटू, ज्योतिर्विद्