साईं बाबा के जन्म स्थान पर विवाद गहराया, शिरडी में आज से अनिश्चित कालीन बंद

हालांकि साईं बाबा के मंदिर को इस बंद से अलग रखा गया है.

साईं बाबा के जन्म स्थान पर विवाद गहराया, शिरडी में आज से अनिश्चित कालीन बंद
फाइल फोटो

शिरडी: महाराष्ट्र (Maharashtra) के शिरडी (Shirdi) में साईं बाबा (Sai Baba) के जन्म स्थान को लेकर विवाद छिड़ गया है. ये विवाद सीएम उद्धव ठाकरे (CM Uddhav Thackeray) के शिरडी से करीब 270 किलोमीटर दूर पाथरी में विकास के लिए दिए गए 100 करोड़ रुपये देने की घोषणा के बाद शुरू हुआ. जिसका शिरडी के लोगों ने विरोध शुरू कर दिया है. उसी के विरोध में आज शिरडी में स्थानीय लोगों ने बंद का ऐलान किया है. हालांकि साईं बाबा के मंदिर को इस बंद से अलग रखा गया है. लेकिन बंद के चलते शिरडी जाने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. अब इस विवाद को सुलझाने के लिए सीएम उद्धव ठाकरे लोगों से बातचीत करेंगे.  

साईं बाबा मंदिर के न्यासियों के मुताबिक शिरडी बंद के बावजूद साईं मंदिर खुला रहेगा. शिरडी में मौजूद साईं मंदिर में दुनियाभर से लाखों श्रद्धालु सालभर आते रहते हैं. गौरतलब है कि ये विवाद उस वक्त पैदा हुआ जब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने परभणी जिले के पाथरी में साईं बाबा जन्मस्थान में सुविधाओं के विकास के लिए 100 करोड़ रुपये देने का ऐलान किया. कुछ श्रद्धालु पाथरी को साईं बाबा का जन्म स्थान मानते हैं और इसके लिए वे रिसर्च मैटेरियल होने का दावा भी करते हैं, जबकि शिरडी के लोगों का दावा है कि साईं बाबा का जन्म स्थान अज्ञात है. 

साईं स्मारक समिति पाथरी के कार्यकारी ट्रस्टी अतुल चौधरी ने कहा कि पाथरी ही साईं बाबा का जन्म स्थान है. उन्होंने कहा कि हमारे पास इससे जुड़े रिसर्च मैटेरियल हैं. जबकि शिरडी के लोगों का दावा है कि साईं बाबा का जन्मस्थान अज्ञात है. 

दूसरी तरफ पाथरी की साईं स्मारक समिति का कहना है कि हम शिरडी के लोगों को समझाने बुझाने की कोशिश कर रहे हैं. ताकि साईं बाबा के जन्म स्थान को लेकर कोई विवाद न हो. पाथरी की साईं स्मारक समिति का दावा है कि पाथरी साईं बाबा की जन्मभूमि है जबकि शिरडी साईं की कर्मभूमि है. पाथरी के लोगों ने शिरडी के लोगों से विवाद को और आगे नहीं बढ़ाने की अपील की है. 

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