Holi 2021: होली पर बन रहा है शनि और गुरु का महायोग, शुक्र और सूर्य भी होंगे एक ही राशि में

होली का त्योहार देशभर में धूमधाम से मनाया जाता है और साल भर लोगों को इस त्योहार का बेसब्री से इंतजार रहता है. इस बार होली पर ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति बेहद शुभ है और होलिका दहन और होली का त्योहार कई शुभ संयोग में मनाया जाएगा.

Holi 2021: होली पर बन रहा है शनि और गुरु का महायोग, शुक्र और सूर्य भी होंगे एक ही राशि में
होली पर गुरु और शनि का योग

नई दिल्ली: हिंदू पंचांग (Panchang) के अनुसार हर साल फाल्गुन महीने की पूर्णिमा तिथि के दिन होलिका दहन (Holika Dahan) किया जाता है और उसके अगले दिन रंगों का त्योहार होली (Holi) मनायी जाती है. इस साल होलिका दहन 28 मार्च रविवार को और रंगों वाली होली 29 मार्च सोमवार को है. होली का त्योहार देशभर में धूमधाम से मनाया जाता है. ब्रज भूमि में तो सप्ताह भर पहले से ही होली की खुमारी शुरू हो चुकी है. लड्डू की होली, लट्ठमार होली इन सबकी शुरुआत हो गई है और जमकर रंग-गुलाल उड़ रहे हैं. साथ ही इस बार होली के मौके पर कई शुभ संयोग बन रहे हैं जिसकी वजह से त्योहार का महत्व और बढ़ गया है.

होली पर एक साथ होंगे शनि और बृहस्पति

हिंदू पंचांग और ज्योतिष एक्सपर्ट्स की मानें तो इस बार कई सालों बाद होली पर विशेष योग (Special Yoga) बन रहा है. दो सबसे बड़े ग्रह और अहम ग्रह शनि और देव गुरु बृहस्पति होली के दिन एक साथ एक ही राशि में विराजमान होंगे. शनि (Shani) और गुरु (Guru) दोनों इस बार होली के दिन मकर राशि में होंगे. गुरु और शनि की युति के कारण होली के मौके पर गुरु और शनि की पूजा करने से परिवार में सुख शांति बनी रहेगी. साथ ही गुरु और शनि के साथ आने का यह योग मेष, कर्क, सिंह, तुला और कुंभ राशि वालों के लिए लाभदायक भी हो सिद्ध हो सकता है.

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होली पर शुक्र और सूर्य भी होंगे एक साथ

होली के दिन शनि और देव गुरु बृहस्पति (Brihaspati) जहां एक साथ मकर राशि में रहेंगे वहीं, शुक्र (Venus) और सूर्य (Sun) ये दोनों एक साथ मीन राशि में मौजूग रहेंगे. मंगल और राहु दोनों वृषभ राशि में, बुध कुंभ राशि में और केतु वृश्चिक राशि में विराजमान होगा. इसके अलावा चंद्रमा कन्या राशि में रहेगा. ग्रहों की चाल के अलावा भी इस बार होली कई मायनों में खास है क्योंकि होली पर सर्वार्थ सिद्धि योग, ध्रुव योग और अमृत सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है. पंचांग के साथ ही ज्योतिष शास्त्र में भी इसे बेहद शुभ माना जाता है. 

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वृद्धि योग और प्रदोष काल में होलिका दहन

28 मार्च रविवार को दोपहर में 01.53 बजे भद्रा समाप्त हो जाएगी. इस तरह के होलिका दहन के समय भद्रा का साया नहीं रहेगा. इसके अलावा होलिका दहन का शुभ मुहूर्त शाम में 06.20 से लेकर रात में 08.41 बजे तक का है जो प्रदोष काल (Pradosh Kal) का समय है जिसे बेहद शुभ माना जाता है. इसके अलावा होलिका दहन के समय वृद्धि भी योग बन रहा है जो सभी शुभ कर्मों में बढ़ोतरी और उन्नति प्रदान करने वाला माना जाता है.

(नोट: इस लेख में दी गई सूचनाएं सामान्य जानकारी और मान्यताओं पर आधारित हैं. Zee News इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले किसी विशेषज्ञ से संपर्क करें)

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