Vidur Niti: इन 3 तरह के लोगों को विदुर ने महामूर्ख की श्रेणी में रखा है

विदुर नीति में अपने कई श्लोकों के माध्यम से महात्मा विदुर ने जीवन को सही तरीके से जीने के बारे में सीख दी है और ये सारी बातें आज के दिन में भी प्रासंगिक हैं.

Vidur Niti: इन 3 तरह के लोगों को विदुर ने महामूर्ख की श्रेणी में रखा है
विदुर नीति से जानें कैसे लोग होते हैं मूर्ख

नई दिल्ली: आचार्य चाणक्य द्वारा रचित चाणक्य नीति (Chanakya Niti) के बारे में तो आपने बहुत कुछ सुना होगा, लेकिन चाणक्य के समय से कई सौ साल पहले महाभारत काल में भी एक नीति की रचना हुई थी जिसे विदुर नीति (Vidur Niti) कहा जाता है. विदुर, महाभारत (Mahabharat) के प्रमुख पात्रों में से एक थे जो दूरदर्शी होने के साथ ही बुद्धिमान और महान ज्ञाता के रूप में भी जाने जाते थे. चाणक्य नीति की ही तरह विदुर नीति में भी संस्कृत में कई श्लोक हैं जिसके माध्यम से जीवन को सही तरीके से जीने के बारे में बताया गया है. विदुर नीति की बातें आज के समय में भी प्रासंगिक हैं.

विदुर नीति में एक श्लोक के माध्यम से विदुर कहते हैं, अश्रुतश्च समुत्रद्धो दरिद्रश्य महामनाः। अर्थांश्चाकर्मणा प्रेप्सुर्मूढ इत्युच्यते बुधैः ॥ 

अर्थात- बिना पढ़े ही स्वयं को ज्ञानी समझकर अहंकार करने वाला, दरिद्र होकर भी बड़ी-बड़ी योजनाएं बनाने वाला और बैठे-बिठाए धन पाने की कामना करने वाला व्यक्ति मूर्ख कहलाता है। अपने ही श्लोक के माध्यम से विदुर यह बताना चाहते हैं कि अगर आपको किसी चीज का ज्ञान है, जानकारी है तो उसे लेकर अहंकार नहीं करना चाहिए बल्कि दूसरों के साथ उसे बांटना चाहिए क्योंकि ज्ञान बांटने से बढ़ता है. अपने ज्ञान पर अहंकार करने वाला व्यक्ति मूर्ख होता है. व्यक्ति की आर्थिक स्थिति और धन कमाने को लेकर विदुर कहते हैं कि जब तक आप धन कमाने का प्रयास नहीं करेंगे आप धन कैसे कमाएंगे. बैठे-बैठे सिर्फ ये सोचना कि मुझे धन कमाना है लेकिन उसके लिए कोई प्रयास न करने वाला व्यक्ति मूर्ख है. 

ये भी पढ़ें- अमीर बनने के लिए ये तरीके अपनाए तो कभी शांति नहीं मिलेगी

एक अन्य श्लोक में विदुर कहते हैं, स्वमर्थं यः परित्यज्य परार्थमनुतिष्ठति। मिथ्या चरति मित्रार्थे यश्च मूढः स उच्यते ॥
 
अर्थात- जो व्यक्ति अपना काम छोड़कर दूसरों के काम में हाथ डालता है और अपने मित्र के कहने पर उसके गलत कार्यों में उसका साथ देता है, वह मूर्ख कहलाता है. विदुर की मानें तो अपने दोस्त का साथ देना अच्छी बात है लेकिन सिर्फ तभी जब आपका दोस्त सही रास्ते पर हो या सही काम कर रहा हो. अपने दोस्त के गलत काम में भी उसका साथ देना सिर्फ इस वजह से की वह आपका दोस्त है, ऐसे लोग मूर्ख होते हैं. इसके अलावा अपना काम समय पर पूरा किए बिना दूसरों की मदद करना और दूसरों के काम में हाथ डालने वाला व्यक्ति भी मूर्ख होता है- ऐसा विदुर ने अपनी नीति में बताया है.

धर्म से जुड़े अन्य लेख पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.

Zee News App: पाएँ हिंदी में ताज़ा समाचार, देश-दुनिया की खबरें, फिल्म, बिज़नेस अपडेट्स, खेल की दुनिया की हलचल, देखें लाइव न्यूज़ और धर्म-कर्म से जुड़ी खबरें, आदि.अभी डाउनलोड करें ज़ी न्यूज़ ऐप.