गौरी मर्डर केस की तफ्तीश, पुलिस की कार्रवाई में लोचा

By Pritesh Gupta | Last Updated: Wednesday, February 11, 2015 - 19:37
गौरी मर्डर केस की तफ्तीश, पुलिस की कार्रवाई में लोचा
File Photo

लखनऊः 19 साल की गौरी के सनसनीखेज मर्डर केस में नया खुलासा हुआ है। शहीद पथ पर क्षत-विक्षत अवस्था में मिले शव के मामले में गौरी के दोस्त हिमांशु प्रजापति को आरोपी बनाकर हिरासत में लिया गया था। हालांकि कई तरह के दावे करने वाली पुलिस कुछ ऐसे सवालों के जवाब नहीं दे पाई, जिनसे मर्डर मिस्ट्री में शक की सुई हिमांशु के इतर किसी तीसरे शख्स पर जा अटकी है।

हाल ही में यूपी के डीजीपी बने एके जैन ने गौरी मर्डर केस के खुलासे का दावा करते हुए कहा, "आरोपी हिमांशु गौरी से करीब एक साल से प्यार करता था, लेकिन जब उसके दोस्तों के माध्यम से उसे पता चला कि गौरी कुछ नए दोस्तों के संपर्क में है तो वह गौरी को घर से बुलाकर बाइक पर बैठाकर अपने घर ले गया। वहां उसने गौरी के साथ कुछ समय बिताया और फिर उसके मोबाइल का जबरन स्क्रीन लॉक खुलवाकर दूसरे दोस्तों से होने वाली बातचीत और SMS देखने लगा। अपने शक की पुष्टि होते ही उसका गौरी से झगड़ा हुआ, इसके बाद उसने गला दबाकर गौरी को मार डाला। इसके बाद आरी से गौरी के टुकड़े-टुकड़े किए और सड़क पर फेंक दिए। पुलिस ने लड़के के पास से लड़की का मोबाइल, आरी, मोटर साइकिल बरामद किए हैं। 

तेली बाग के रहने वाले हिमांशु पर अवैध संबंधों के शक में हत्या करने का आरोप लगा था। आरोप के मुताबिक हिमांशु गौरी को अपने घर लेकर गया था वहां अपने एक साथी के साथ मिलकर गौरी का मर्डर किया और आरी से काट कर उसके टुकड़े-टुकड़े कर दिए।

हिमांशु कमांड अस्पताल ने फोर्थ क्लास कर्मचारी का बेटा है और वो जोधपुर से प्राइवेट B.Com. कर रहा था। हिमांशु के घर से आरी, बाइक और हेलमेट भी बरामद हुआ है। हालांकि जब ज़ी संगम ने हिमांशु के घर जाकर बात की तो उसकी मां का कहना है कि आरी घर पर चल रहे कंस्ट्रक्शन वर्क के चलते रखी हुई थी। आरोपी की मां और बहन का दावा है कि सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा लड़का हिमांशु नहीं है। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि पुलिस उनके घर से जेवर और पैसे ले गई है।

मामले में एसएसपी यशस्वी यादव ने कहा था कि सीसीटीवी फुटेज में गौरी मोबाईल से व्हाट्स एप पर टाईप करते हुए दिख रही थी। गौरी खुद अपने मित्र के साथ मोटर साईकिल पर अपने मर्जी से बैठकर रास्ता बताते हुए गई थी, जिसे देखकर लगता है कि गौरी का मर्डर किसी प्रोफेशनल किलर ने नहीं किया।

ज़ी मीडिया संवाददाता विवेक तिवारी से मिली जानकारी के मुताबिक मामले में कई अनसुलझी गुत्थियां सामने आईं हैं, जिनके जवाब पुलिस के पास भी नहीं हैं।
1. CCTV फुटेज के मुताबिक 1 बजकर 18 मिनट पर गौरी लाटूश रोड पर थी। काफी देर बाद तक उसके मोबाइल की लोकेशन अमीनाबाद इलाके में रही तो फिर वहां से 15-20 किलोमीटर दूर तेलीबाग के अपने घर में ले जाकर 3 बजे हत्या कैसे सकता है?
2. पोस्टमॉर्टम के अनुसार सामने आए मौत के समय और DGP द्वारा बताए गए समय में काफी अंतर है।
3. तीन बजे एक लड़का लड़की को अपने घर ले गया और किसी ने देखा तक नहीं?
4. साधारण आरी से किसी जवान लड़की को इतने शॉर्प तरीके से कैसे काटा जा सकता है?
5. पोस्टमॉर्टम में मौत की वजह अधिक खून बहना बताया गया है, जबकि पुलिस के मुताबिक आरोपी हिमांशु ने गौरी को गला दबाकर मारा। 
6. अब तक की जांच के मुताबिक जिस घर में गौरी को काटा गया वहां कोई सीवर लाइन नहीं है। आखिर इतना खून कहीं तो गया होगा?
7. जांच के मुताबिक हिमांशु ने कई राउंड काटकर शव के कटे टुकड़े सड़क पर फेंके। उस दौरान आसपास के किसी व्यक्ति ने उसे देखा तक नहीं?
8. जिस आरी से उसे काटा गया वो बिलकुल नई है और एक शव काटने के बाद उसकी धार साबुत कैसे है।
9. हिमांशु के कपड़ों पर या उसके घर के किसी और कपड़े पर खून के दाग नहीं मिले।  
10. शातिर लड़का जिसने क़त्ल के बाद शव की पहचान मिटाने के लिए उसके टुकड़े कर दिए। हत्या के बाद गौरी के फोन पर उसके परिजनों से बात क्यों कर रहा था और उसने परिजनों को इको पार्क क्यों बुलाया?  पुलिस के मुताबिक वो इको पार्क गया भी था।

इससे पहले मामले में संज्ञान लेते हुए सीएम अखिलेश यादव ने लखनऊ जिलाधिकारी राजशेखर और एसएसपी यशस्वी यादव को अपने आवास पर तलब कर जानकारी ली और पुलिस का की कार्रवाई पर असंतोष जताया। साथ ही उस कर्मचारी पर भी कार्रवाई करने का आदेश दिया जिसने 100 नंबर पर गौरी के पिता का कॉल रिसीव करने के बाद उचित रिस्पॉन्स नहीं दिया।

शहीद पथ पर सुबह के समय सात बजे टुकड़ों में मिले युवती के शव से सनसनी फैल गई थी। पीजीआई ताना की पॉवर मोबाइल में तैनात सिपाहियों ने सुबह गश्त करते वक्त शहीद पथ के नीचे स्थित वृंदावन स्कीम के भीतर चिरैयाबाग गांव में युवती के पैर मिले थे, जिसके बाद मिली सूचना के आधार पर जांच की गई तो मौका-ए-वारदात से करीब ढाई सौ मीटर की दूरी पर एक बोरे में युवती का शव मिला। शव के टुकड़े किए जा चुके थे। बोरा खून से सना था और कुत्ते शव के आसपास मंडरा रहे थे। 19 वर्षीय गौरी लॉ की पढ़ाई कर रही थी।

ज़ी मीडिया ब्‍यूरो

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