माही का टेस्ट क्रिकेट से संन्यास, कोई हैरान तो कोई नाराज

By Pritesh Gupta | Last Updated: Thursday, January 8, 2015 - 00:40
माही का टेस्ट क्रिकेट से संन्यास, कोई हैरान तो कोई नाराज

नई दिल्ली: टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने मंगलवार को टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया। सूत्रों ने बताया कि भारतीय क्रिकेट टीम के ऑस्ट्रलिया दौरे पर खराब प्रदर्शन के बाद धोनी ने यहा कड़ा फैसला लिया। वहीं, बीसीसीआई ने भी धोनी के संन्यास लेने की पुष्टि कर दी है। गौरतलब है कि धोनी ने संन्‍यास का यह फैसला मेलबर्न में भारत और ऑस्‍ट्रेलिया के बीच खेले गए तीसरे टेस्‍ट के तुरंत बाद लिया।

दरअसल, विदेशी पिचों पर खेले गए टेस्ट क्रिकेट में बतौर कप्तान धोनी का प्रदर्शन ज्यादा प्रभावी नहीं रहा। भारत और दुनिया के सबसे सफलतम कप्तानों और विकेटकीपर में शुमार धोनी ने टेस्ट क्रिकेट में सिर्फ छह शतक लगाए हैं। लेकिन कई अहम मौकों पर पुछल्ले बल्लेबाजों को साथ लेकर खेली गई उनकी पारियां हमेशा यादगार रहेगी। संन्यास के पीछे एक और वजह यह भी है कि धोनी वर्ल्डकप 2015 पर ज्यादा ध्यान देना चाहते हैं, क्योंकि धोनी के व्यक्तिगत खेल पर नजर डाली जाए तो वे टेस्ट के बनिस्बत टी-20 और वनडे में ज्यादा सक्षम हैं।

BCCI ने जैसे ही धोनी के संन्यास की पुष्टि की। उसके बाद भारतीय क्रिकेट टीम के सदस्य, पूर्व क्रिकेटर, क्रिकेट विशेषज्ञों ने धोनी के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की।

महान बल्लेबाज और धोनी के लंबे समय तक साथी रहे सचिन तेंदुलकर ने कहा कि धोनी को अगले साल ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में होने वाले विश्व कप को अपना अगला लक्ष्य बनाना चाहिए। तेंदुलकर ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा, टेस्ट क्रिकेटर में शानदार करियर। शाबास धोनी। आपके साथ में खेलने का हमेशा आनंद लिया। अगला लक्ष्य 2015 का विश्व कप मेरे दोस्त।

धोनी के एक अन्य करीबी मित्र सुरेश रैना ने ट्वीट किया, साहसी की तरह टीम की अगुवाई की। बहादुर व्यक्ति की तरह अलविदा कहा।  भारत के मध्यम गति के गेंदबाज आर विनयकुमार ने लिखा, धोनी भाई टेस्ट क्रिकेट में शानदार यात्रा के लिए बधाई। निश्चित रूप से आपकी कमी खलेगी।

स्पिनर प्रज्ञान ओझा ने लिखा, शानदार टेस्ट करियर के बधाई धोनी भाई। पूर्व भारतीय कप्तान बिशन सिंह बेदी ने कहा कि धोनी ने संन्यास लेकर पूरे क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया। उन्होंने ट्वीट किया, धोनी के टेस्ट सीरीज के बीच में संन्यास लेने से अधिकतर हक्के-बक्के रह गए। लेकिन यह उनका अधिकार है। मैं उन्हें संन्यास के बाद की जिंदगी के लिए शुभकामनाएं देता हूं।

पूर्व क्रिकेटर संजय मांजेरकर ने लिखा, धोनी के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास को लेकर थोड़ा बुरा महसूस कर रहा हूं। इसका हमें बिल्कुल भी आभास नहीं था। पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर सकलैन मुश्ताक ने भारतीय कप्तान के साथ अपनी फोटो पोस्ट की है। उन्होंने इसके साथ लिखा है, टेस्ट क्रिकेट में शानदार करियर। वेलडन धोनी।

इंग्लैंड के तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड ने लिखा, भारत में क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए काफी कुछ किया। अच्छे खिलाड़ी के संन्यास लेने से हमेशा दुख होता है। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने धोनी की प्रशंसा की और विराट कोहली को शुभकामनाएं दी। उन्होंने लिखा है, जिस तरह से धोनी खेलता है मुझे पसंद है। लेकिन यह विराट कोहली के लिए भारतीय टीम को सही दिशा में ले जाने का सही समय है। श्रीलंका के क्रिकेटर रसेल अर्नॉल्ड ने लिखा, नए वर्ष में भारतीय क्रिकेट के नए युग की शुरुआत। धोनी ने पूरी तरह से हैरान किया लेकिन सही फैसला। वेलडन MSD।

पूर्व टेस्ट क्रिकेटर चंदू बोर्डे, अजित वाडेकर और दिलीप वेंगसरकर ने महेंद्र सिंह धोनी के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के फैसले पर हैरानी जताई क्योंकि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चार मैचों की सीरीज का अभी एक मैच बचा हुआ है। बोर्डे और वाडेकर ने हालांकि कहा कि उनका फैसला समझा जा सकता है क्योंकि टीम धोनी की कप्तानी में विदेशी सरज़मीं पर अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रही थी।

पूर्व कप्तान वेंगसरकर ने कहा, मेरे लिए यह हैरानी वाली बात है। मेरा मानना है कि वह एक या दो साल और टेस्ट क्रिकेट में खेल सकता था और वह बहुत फिट व्यक्ति है। बोर्डे ने कहा, यह हैरानी पूर्ण है कि उसने संन्यास ले लिया। यह पहले भी लिया जा सकता था लेकिन लगता है कि उन्हें लगता कि अब अगले व्यक्ति के हाथों में कमान सौंपने का सही समय है। मुझे लगता है कि उन्होंने खेल के हित में संन्यास लिया।

वाडेकर ने कहा, यह फैसला असाधारण है। मुझे लगता है कि उसने सीरीज समाप्त होने तक इंतजार करना चाहिए था। वह पहले टेस्ट मैच में भी नहीं खेला था। लेकिन विदेशों में कप्तान के रूप में उसका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था।

इस बीच, भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले जा रहे टेस्ट सीरीज के तहत बाकी बचे एक मैच में विराट कोहली कप्तानी करेंगे। धोनी ने दिसंबर 2005 में टेस्ट क्रिकेट खेलना शुरु किया था। उन्होंने अब तक टेस्ट क्रिकेट में 6 शतक बनाए हैं।

संन्यास लेने से ठीक पहले भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने तीसरे टेस्ट के ड्रॉ होने के साथ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी गंवाने के बाद कहा कि उनकी टीम पहले से ही मुश्किल दौरे पर खुद को परेशान करने के तरीके ढूंढ रही है।

ऑस्ट्रेलिया के 384 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने जब एमसीजी पर छह विकेट पर 174 रन बनाए थे, तब दोनों कप्तान मैच ड्रॉ कराने को राजी हो गए। ऑस्ट्रेलिया ने इसके साथ दोबारा बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी जीत ली और धोनी ने कहा कि इस नतीजे के लिए वे खुद ही जिम्मेदार हैं।

धोनी ने मैच के बाद कहा, हमने खुद को परेशान करने के तरीके ढूंढ लिए हैं। अब तक सभी टेस्ट मैचों में मुझे लगता है कि हमने अचछी साझेदारी की और फिर अचानक कुछ विकेट गंवाए और अपने ऊपर दबाव बना लिया।

उन्होंने कहा, काफी ढीले शॉट भी खेले गए और मुझे लगता है कि इस तरह के मैच में यह काफी अहम है कि जब आप शीर्ष पर हो तो यह लय बरकरार रखो और आगे बढ़ो। सुनिश्चित करो कि आने वाले बल्लेबाज को अधिक दबाव का सामना नहीं करना पड़े। एडिलेड में पहला टेस्ट 48 रन जबकि ब्रिस्बेन में दूसरा टेस्ट चार विकेट से गंवाने के बाद धोनी ने कहा कि तीसरा मैच ड्रॉ कराना राहत भरा है। उन्होंने कहा, हां, ड्रॉ से खुश हूं। इसका एकमात्र कारण यह है कि अंतिम दिन हमने खुद को मुश्किल में डाल दिया था। लेकिन मुझे लगता है कि गेंदबाजों ने काफी अच्छा काम किया।

धोनी ने कहा, रविचंद्रन अश्विन ने काफी अच्छी गेंदबाजी की। विशेषकर दूसरी पारी में हमने अच्छी लाइन और लेंथ के साथ गेंदबाजी की और इसी वजह से हम मजबूत स्थिति में पहुंचे थे। बेशक विरोधी बल्लेबाजों ने निचले क्रम में साझेदारी की और इसी कारण हम मैच से बाहर हो गए। धोनी ने सीरीज गंवाने के बाद साथ ही कहा कि यह युवा टीम है और आलोचकों को इसे कुछ समय देना चाहिए।

नियमित कप्तान माइकल क्लार्क के चोटिल होने के बाद अपने दूसरे टेस्ट में टीम की अगुआई कर रहे स्मिथ ने 99 रन पर शॉन मार्श के आउट होने के बाद ही पारी घोषित की लेकिन उन्होंने कहा कि यह टीम खेल है और व्यक्तिगत उपलब्धि से कोई फर्क नहीं पड़ता।

उन्होंने कहा, ईमानदारी से कहूं तो सीरीज अहम थी, शॉन मार्श नहीं। हम इसी तरह खेलते हैं। यह टीम खेल है। हमने सोचा कि अगर हम उन्हें मौका देते तो वह जीत की कोशिश कर सकते हैं। स्मिथ कप्तान के रूप में अपनी पहली सीरीज जीतने से खुश हैं। उन्होंने कहा, सपाट पिच पर हमारे लिए पांच दिन मुश्किल रहे। हमने काफी अच्छी शुरुआत की। हमने मैदान पर संभवत: कुछ मौके गंवाए। कुछ कैच छोड़े जिसका पूरे मैच के दौरान हमें नुकसान उठाना पड़ा और भारत ने काफी अच्छा क्रिकेट खेला। अंत में मैच नहीं जीत पाने की निराशा है लेकिन हम एक और सीरिज़ जीतने में सफल रहे।

टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने मंगलवार को टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया। सूत्रों ने बताया कि भारतीय क्रिकेट टीम के ऑस्ट्रलिया दौरे पर खराब प्रदर्शन के बाद धोनी ने यहा कड़ा फैसला लिया। वहीं, बीसीसीआई ने भी धोनी के संन्यास लेने की पुष्टि कर दी है। गौरतलब है कि धोनी ने संन्‍यास का यह फैसला मेलबर्न में भारत और ऑस्‍ट्रेलिया के बीच खेले गए तीसरे टेस्‍ट के तुरंत बाद लिया।

इस बीच, भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले जा रहे टेस्ट सीरीज के तहत बाकी बचे एक मैच में विराट कोहली कप्तानी करेंगे। धोनी ने दिसंबर 2005 में टेस्ट क्रिकेट खेलना शुरु किया था। उन्होंने अब तक टेस्ट क्रिकेट में 6 शतक बनाए हैं।

संन्यास लेने से ठीक पहले भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने तीसरे टेस्ट के ड्रॉ होने के साथ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी गंवाने के बाद कहा कि उनकी टीम पहले से ही मुश्किल दौरे पर खुद को परेशान करने के तरीके ढूंढ रही है।

ऑस्ट्रेलिया के 384 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने जब एमसीजी पर छह विकेट पर 174 रन बनाए थे, तब दोनों कप्तान मैच ड्रॉ कराने को राजी हो गए। ऑस्ट्रेलिया ने इसके साथ दोबारा बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी जीत ली और धोनी ने कहा कि इस नतीजे के लिए वे खुद ही जिम्मेदार हैं।

धोनी ने मैच के बाद कहा, हमने खुद को परेशान करने के तरीके ढूंढ लिए हैं। अब तक सभी टेस्ट मैचों में मुझे लगता है कि हमने अचछी साझेदारी की और फिर अचानक कुछ विकेट गंवाए और अपने ऊपर दबाव बना लिया।

उन्होंने कहा, काफी ढीले शॉट भी खेले गए और मुझे लगता है कि इस तरह के मैच में यह काफी अहम है कि जब आप शीर्ष पर हो तो यह लय बरकरार रखो और आगे बढ़ो। सुनिश्चित करो कि आने वाले बल्लेबाज को अधिक दबाव का सामना नहीं करना पड़े। एडिलेड में पहला टेस्ट 48 रन जबकि ब्रिस्बेन में दूसरा टेस्ट चार विकेट से गंवाने के बाद धोनी ने कहा कि तीसरा मैच ड्रॉ कराना राहत भरा है। उन्होंने कहा, हां, ड्रॉ से खुश हूं। इसका एकमात्र कारण यह है कि अंतिम दिन हमने खुद को मुश्किल में डाल दिया था। लेकिन मुझे लगता है कि गेंदबाजों ने काफी अच्छा काम किया।

धोनी ने कहा, रविचंद्रन अश्विन ने काफी अच्छी गेंदबाजी की। विशेषकर दूसरी पारी में हमने अच्छी लाइन और लेंथ के साथ गेंदबाजी की और इसी वजह से हम मजबूत स्थिति में पहुंचे थे। बेशक विरोधी बल्लेबाजों ने निचले क्रम में साझेदारी की और इसी कारण हम मैच से बाहर हो गए। धोनी ने सीरीज गंवाने के बाद साथ ही कहा कि यह युवा टीम है और आलोचकों को इसे कुछ समय देना चाहिए।

नियमित कप्तान माइकल क्लार्क के चोटिल होने के बाद अपने दूसरे टेस्ट में टीम की अगुआई कर रहे स्मिथ ने 99 रन पर शॉन मार्श के आउट होने के बाद ही पारी घोषित की लेकिन उन्होंने कहा कि यह टीम खेल है और व्यक्तिगत उपलब्धि से कोई फर्क नहीं पड़ता।

उन्होंने कहा, ईमानदारी से कहूं तो सीरीज अहम थी, शॉन मार्श नहीं। हम इसी तरह खेलते हैं। यह टीम खेल है। हमने सोचा कि अगर हम उन्हें मौका देते तो वह जीत की कोशिश कर सकते हैं। स्मिथ कप्तान के रूप में अपनी पहली सीरीज जीतने से खुश हैं। उन्होंने कहा, सपाट पिच पर हमारे लिए पांच दिन मुश्किल रहे। हमने काफी अच्छी शुरुआत की। हमने मैदान पर संभवत: कुछ मौके गंवाए। कुछ कैच छोड़े जिसका पूरे मैच के दौरान हमें नुकसान उठाना पड़ा और भारत ने काफी अच्छा क्रिकेट खेला। अंत में मैच नहीं जीत पाने की निराशा है लेकिन हम एक और सीरिज़ जीतने में सफल रहे।

ज़ी मीडिया ब्‍यूरो

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