झारखंड में पहली बार टिकाऊ सरकार, J&K में रोचक हैं समीकरण

By Pritesh Gupta | Last Updated: Thursday, January 8, 2015 - 00:16
झारखंड में पहली बार टिकाऊ सरकार, J&K में रोचक हैं समीकरण

नई दिल्लीः विधानसभा चुनावों के परिणामों में एक बार मोदी लहर का प्रभाव साफतौर पर देखने को मिला। झारखंड में जहां BJP+ की सरकार बनना तय है, वहीं जम्मू-कश्मीर में BJP और PDP दोनों ने बाजी मारी, हालांकि स्पष्ट बहुमत न होने के चलते कोई भी अपने दम पर सरकार बनाने में सक्षम नहीं है। सभी किसी न किसी से हाथ मिलाकर सरकार बनाने की कोशिश में हैं। हालांकि जम्मू में दमदार प्रदर्शन करने वाली BJP घाटी में केवल एक सीट पर अपनी ज़मानत बचा पाई।

झारखंड
राज्य में पहली बार स्पष्ट बहुमत की सरकार बनने जा रही है। 81 सीटों वाली झारखंड विधानसभा में जहां 42 सीटों के साथ BJP+ सबसे आगे है, वहीं झारखंड मुक्ति मोर्चा (19), JVM+ (08), कांग्रेस(05) के साथ काफी पीछे है, जबकि छह सीटें अन्य के खाते में गईं। झारखंड सीएम को लेकर बीजेपी में मंथन शुरू हो चुका है, कल बैठक के बाद आधिकारिक रूप से इसकी घोषणा की जा सकती है। इस विधानसभा चुनाव में झारखंड में अब तक के इतिहास की सबसे ज्यादा वोटिंग हुई है।

जम्मू-कश्मीर
जम्मू-कश्मीर में PDP (28) और BJP (25) सीटों के साथ सरकार बनाने की कवायद में जुटी है। जबकि नेशनल कॉन्फ्रेंस (15) तीसरे स्थान, कांग्रेस (12) सीटों के साथ चौथे स्थान पर रही, वहीं अन्य के खाते में 7 सीटें आईं हैं। जम्मू-कश्मीर की राजनीति में कई दिलचस्प मोड़ देखने को मिल रहे हैं। एक और निवर्तमान मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का कहना है कि वे किसी से हाथ मिलाने नहीं जाएंगे यदि कोई समर्थन के लिए पहल करता है तो उस पर विचार करेंगे। लेकिन सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक BJP-PDP के बीच हो रही बातचीत से मोदी-महबूबा की पार्टियां हाथ मिला सकती हैं। दोनों पार्टियों के बीच तीन-तीन साल के सीएम फॉर्मूले पर बात बनने की संभावना है। गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में विधानसभा का कार्यकाल छह साल का होता है। उमर अब्दुल्ला भी सोनावार सीट से चुनाव लड़ गए।

 

 

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