NIVH के डायरेक्टर पर लगा फर्जी दस्तावेजों से पद पर आसीन होने का आरोप

By Lalit Fulara | Last Updated: Saturday, November 15, 2014 - 18:01
NIVH के डायरेक्टर पर लगा फर्जी दस्तावेजों से पद पर आसीन होने का आरोप
फाइल फोटो

देहरादून: राजधानी के राष्ट्रीय दृष्टिबाधित संस्थान (NIVH) की डायरेक्टर पर फर्जी दस्तावेजों से पद पर आसीन होने के आरोप लग रहे हैं। संस्थान के ही छात्र डायरेक्टर अनुराधा मोहन डालमिया की डिग्रियों की प्रमाणिकता पर सवाल उठा रहे हैं। संस्थान से एमएड कर चुके छात्र मंतोष कुमार का कहना है कि अनुराधा के दस्तावेज फर्जी हैं। मंतोष का कहना है कि जब इस संबंध में आरटीआई से केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय से जानकारी मांगी गई तो उन्होंने प्रमाणिक दस्तावेजों की जानकारी नहीं होने की बात कही।
मंतोष का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में प्रधानमंत्री कार्यालय को 75 पन्नों का शिकायत पत्र भी लिखा है। गौरतलब है कि राष्ट्रीय दृष्टिबाधित संस्थान के डायरेक्टर लेवल के पद के लिए आवेदक का नेत्रविज्ञान में मास्टर डिग्री और दृष्टिबाधित लोगों के पुनर्वास के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव आवश्यक है।

डायरेक्टर ने आरापों को बताया विभागीय षडयंत्र

संस्थान की डायरेक्टर अनुराधा मोहित डालमिया का कहना है कि उनके सभी शैक्षणिक दस्तावेज सही है। वह संगीत में एमफिल हैं। डायरेक्टर ने इन सभी आरोपों को विभागीय षडयंत्र बताया है। उनका कहना है कि इसके पीछे 3 लोगों की संलिप्तता है।  इनमें से एक सीनियर है, जो डायरेक्टर पद के लोभ में है। दूसरे व्यक्ति यौन उत्पीड़न के आरोपी हैं। तीसरे व्यक्ति संस्थान में मनमाने तरीके से अपने रिश्तेदारों को नौकरी दिलाने वाले हैं। हालांकि, उनके खिलाफ अभी तक विभागीय कार्रवाई नहीं हुई है।
केंद्रीय सतर्कता आयोग की जांच में डायरेक्टर के दस्तावेजों की जानकारी फर्जी पायी गयी है। वहीं, इस संबंध में केंद्रीय मंत्री थावर चंद गहलोत का कहना है कि उन्हें मामले की जानकारी है, लेकिन अभी तक किसे निष्कर्ष पर नहीं पहुंचे हैं। उनका कहना है कि अगर मामले में गलती पाई जाती है तो दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

संवाददाता: सोनू सिंह, देहरादून

 

 

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