मुंबई पुलिस कमिश्नर पद से हटाए गये मारिया ने कहा- इस्तीफे की नहीं सोच रहा

Last Updated: Wednesday, September 9, 2015 - 14:12
मुंबई पुलिस कमिश्नर पद से हटाए गये मारिया ने कहा- इस्तीफे की नहीं सोच रहा

मुंबई: पुलिस कमिश्नर के पद से हटाए जाने के एक दिन बाद वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी राकेश मारिया ने बुधवार को कहा कि वह इस्तीफा देने के बारे में विचार नहीं कर रहे हैं। मारिया ने बुधवार सुबह कहा कि मैं इस्तीफा देने की नहीं सोच रहा हूं। इस तरह की बात करने वाली खबरें सही नहीं हैं। मारिया की अचानक पदोन्नति के बाद अटकलें शुरू हो गई थीं कि वह पद से इस्तीफा दे सकते हैं क्योंकि वे कार्रवाई से नाखुश लग रहे हैं। वहीं, सूत्रों के अनुसार मारिया जल्‍द छुट्टी पर जा सकते हैं। बताया जा रहा है कि वह बेटी की शादी की तैयारियों के लिए छुट्टी पर जा सकते हैं।

इससे पहले, मीडिया में सामने आई कुछ रिपोर्टों के बाद ये अटकलें लगाई जाने लगी थीं कि मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर और शीना मर्डर केस की जांच कर रहे राकेश मारिया इस घटनाक्रम से नाराज हैं और इस्तीफा दे सकते हैं। जिसका उन्‍होंने बुधवार को खंडन कर दिया। वह चर्चित शीना बोरा हत्याकांड की जांच कर रहे थे और उन्होंने आरोपियों से पूछताछ की थी। उन्हें मुंबई के पुलिस कमिश्नर पद से हटाकर डीजीपी (होमगार्ड्स) के रूप में पदोन्नत कर दिया गया। उनकी जगह डीजी रैंक के अधिकारी अहमद जावेद को मुंबई का नया पुलिस कमिश्नर बनाया गया है, जिन्होंने पदोन्नत पद का कार्यभार संभाल लिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार की रात जापान रवाना होने से पहले दोनों नियुक्तियों को मंजूरी दे दी थी।

हालांकि अचानक की गई इस कार्रवाई पर सवाल उठने के बाद महाराष्ट्र सरकार ने शाम को कहा कि मारिया जांच की ‘निगरानी’ करते रहेंगे। गौरतलब है कि शीना बोरा हत्याकांड के आरोपियों के साथ असामान्य ढंग से पूछताछ करने वाले मुंबई पुलिस के रसूखदार कमिश्नर मारिया को मंगलवार को इस पद से हटा दिया गया था और पुलिस होमगार्ड्स में डीजी बना दिया गया, लेकिन शाम होते-होते एक अजीब घटनाक्रम में उन्हें मामले की जांच की ‘निगरानी’ से नहीं हटाने का ऐलान किया गया। 

मारिया का अचानक तबादला किए जाने के महाराष्ट्र सरकार के फैसले की विपक्षी कांग्रेस और एनसीपी ने निन्दा की और इस कदम पर सवाल खड़े किए। मुंबई कांग्रेस ने मंगलवार को कहा था कि यह तबादला नई दिल्ली में बैठे आकाओं और कॉर्पोरेट घरानों के ‘अनावश्यक दबाव’ की वजह से किया गया। मारिया के तबादले के कारणों पर कई तरह की बातें होने पर राज्य गृह विभाग ने कहा कि बदलाव गणपति समारोह से पहले कानून व्यवस्था की स्थिति के मद्देनजर किया गया। इसने इन अटकलों को खारिज किया कि इसका शीना हत्याकांड की जांच से कोई संबंध हो सकता है।

उन्हें मंगलवार को मुंबई पुलिस कमिश्नर पद से हटाकर डीजी होमगार्ड बना दिया गया। उनकी जगह अहमद जावेद को मुंबई का नया कमिश्नर बनाया गया है। हालांकि, महाराष्ट्र सरकार ने कहा है कि मारिया शीना मर्डर केस की जांच करते रहेंगे। दूसरी ओर, मुंबई के पुलिस कमिश्नर पद से राकेश मारिया की छुट्टी को लेकर महाराष्ट्र में राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस और एनसीपी ने आरोप लगाया है कि केंद्र के दबाव में मारिया को हटाया गया है। जबकि राज्य सरकार ने कहा है कि त्योहारों में गड़बड़ी की आशंका के चलते समय से 20-22 दिन पहले अहमद जावेद को नई जिम्मेदारी दी गई है। बता दें कि मारिया को मुंबई पुलिस कमिश्‍नर पद पर 30 सितंबर तक बने रहना था। लिहाजा उन्हें पदोन्नत करके डीजी होमगार्ड के साथ कमांडेंट जनरल सिविल डिफेंस का पद दिया गया है।

अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) केपी बक्शी ने बताया कि सरकार ने फैसला किया है कि राकेश मारिया की पदोन्नति और तबादले के बावजूद शीना बोरा हत्याकांड की निगरानी वह करेंगे। मंगलवार को दिनभर महानगर के पुलिस महकमे में नाटकीय घटनाक्रम सामने आए। मारिया के स्थान पर अहमद जावेद को मुंबई के पुलिस कमिश्नर का कार्यभार सौंप दिया गया। अहमद जावेद चूंकि पुलिस होमगार्ड्स में डीजी के पद पर थे इसलिए पुलिस कमिश्नर के पद का भी दर्जा बढ़ा दिया गया। मारिया को उनके द्वारा रिक्त किया गया पद सौंपा गया। मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस मंगलवार रात जापान की यात्रा पर जाने से पहले इन तब्दीलियों को मंजूरी देकर गए थे।

तबादले के समय पर सवाल उठे और मीडिया में इसे लेकर जो तपिश उठी उसे देखते हुए फडणवीस ने निर्देश दिया कि मारिया को जांच की निगरानी से न हटाया जाए। मारिया पिछले कुछ समय से चर्चा में थे। कुछ समय पहले आईपीएल प्रमुख ललित मोदी के साथ जुलाई 2014 में लंदन में हुई उनकी मुलाकात का वीडियो सामने आया और फिर उनकी तरफ निगाहें उठीं जब उन्होंने शीना बोरा हत्याकांड में कुछ ज्यादा ही दिलचस्पी दिखाई। उन्हें शीना की मां इंद्राणी मुखर्जी सहित आरोपियों से पूछताछ करने के लिए अक्सर खार पुलिस स्टेशन जाते देखा गया था। 

ओहदों की इस अदला-बदली को लेकर बहुत सी बातें हवाओं में होने के बीच महाराष्ट्र के गृह विभाग ने कहा कि आगे आने वाले गणपति उत्सव के दौरान कानून और व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह तब्दीलियां की गई हैं। विभाग ने इस बात से इनकार किया कि इस तबादले का शीना बोरा हत्याकांड की जांच से कुछ लेना देना है। केपी बक्शी ने यहां संवाददाताओं से कहा कि मारिया को डीजी के दर्जे पर पदोन्नत किया गया है और अहमद जावेद के स्थान पर मुंबई में होमगार्ड्स का डीजी बनाया गया है। अहमद जावेद (जो डीजी, होमगार्ड्स थे) अब मुंबई के नये कमिश्नर होंगे। उन्होंने बताया कि मुंबई पुलिस कमिश्नर के ओहदे का दर्जा बढ़ाकर इसे ‘डीजी’ स्तर का कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि 1981 बैच के आईपीएस अधिकारी मारिया का तत्काल प्रभाव से तबादला कर दिया गया है और 1980 के आईपीएस अधिकारी जावेद ने भी मंगलवार को ही नये पुलिस कमिश्नर का पदभार संभाल लिया। उन्होंने कहा कि मारिया का तबादला करने में कोई जल्दबाजी नहीं की गई है। उनका तबादला 30 सितंबर को गणपति उत्सव के बीच में किया जाता तो मुनासिब नहीं होता क्योंकि उस समय महाराष्ट्र का यह बेहद महत्वपूर्ण उत्सव चालू होता। इसलिए हमने मारिया को कुछ समय पहले पदोन्नत करने का फैसला किया।

शीना बोरा हत्याकांड की जांच की प्रगति के बारे में पूछे जाने पर बक्शी ने कहा कि सिर्फ यही मामला क्यों सभी मामलों में जांच महत्वपूर्ण होती है और पुलिस कमिश्नर का कार्य सिर्फ जांच की निगरानी करना है। इस अचानक अदला बदली के बाद जावेद से पूछा गया कि क्या वह भी मामले में व्यक्तिगत तौर पर जांच करेंगे तो उन्होंने कहा कि हत्या मामले में जांच पेशेवर अंदाज में की जाएगी। उन्होंने कहा कि आरोपी इस समय न्यायिक हिरासत में हैं। जांच उचित टीम वर्क के साथ की जाएगी। अब तक की जांच की बात करें तो इस समय यह पूरी हो चुकी है। जहां तक सुबूतों के सिलसिले में जांच का सवाल है तो मुझे लगता है कि किसी भी महत्वपूर्ण मामले पर उचित पेशेवर अंदाज में नजर रखी जानी चाहिए। 

उन्होंने कहा कि मामले की सभी पहलुओं से जांच होगी और वित्तीय कोण से भी जांच की जाएगी। यह संकेत देते हुए कि सरकार अपने फैसले में कुछ संशोधन करने जा रही है गृह राज्य मंत्री रंजीत पाटिल ने शाम को कहा कि मारिया को डीजी के पद पर पदोन्नत किया गया है, लेकिन वह जांच की निगरानी का काम देख सकते हैं। पाटिल ने कहा कि जांच का काम 95 फीसदी पूरा हो चुका है। जांच के लिए कोई निहितार्थ नहीं होगा। मुझे नहीं लगता कि अगर मारिया निगरानी नहीं करेंगे तो जांच की दिशा में कोई बदलाव आएगा, (फिर भी) अगर वह मामले को निपटाना चाहते हैं तो ऐसा कर सकते हैं। तैनाती के समय के बारे में उन्होंने कहा कि हमें नये व्यक्ति (जावेद) को जमने के लिए कम से कम दस दिन का समय देना चाहिए। गणेश चतुर्थी का सुगम संचालन मुंबई पुलिस के लिए एक चुनौती है। 

पाटिल ने इस बात से इंकार किया कि फडणवीस जिनके पास गृह विभाग भी है मारिया से नाराज हैं, जिन्हें एनसीपी के नजदीक माना जाता है। इस फैसले की हालांकि विपक्षी कांग्रेस और एनसीपी ने कड़ी आलोचना की है। मुंबई कांग्रेस के प्रमुख संजय निरूपम ने इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि मारिया का तबादला नई दिल्ली में बैठे आकाओं और कॉर्पोरेट घरानों के अवांछित दबाव के चलते किया गया।

ज़ी मीडिया ब्‍यूरो



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