भूमि अधिग्रहणः संयुक्त समिति को सौंपा बिल, मॉनसून सत्र के पहले दिन आएगी रिपोर्ट

Last Updated: Wednesday, May 13, 2015 - 00:05
भूमि अधिग्रहणः संयुक्त समिति को सौंपा बिल, मॉनसून सत्र के पहले दिन आएगी रिपोर्ट

नई दिल्ली: लोकसभा ने मंगलवार को भूमि अधिग्रहण विधेयक को संयुक्त समिति को भेजने के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया। हालांकि सरकार ने कहा कि यह विधेयक किसानों के हित में है। लोकसभा में आज इस विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री चौधरी बीरेन्द्र सिंह ने यह प्रस्ताव रखा। इस समिति में लोकसभा के 20 सदस्य और राज्यसभा के 10 सदस्य होंगे। यह समिति मॉनसून सत्र के पहले दिन अपनी रिपोर्ट पेश करेगी।

इसमें कहा गया है कि भूमि अधिग्रहण, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकार और पारदर्शिता अधिकार संशोधन दूसरा विधेयक 2015 सदनों की संयुक्त समिति को भेजा जाता है। इससे पहले आज सरकार को विवादास्पद भूमि अधिग्रहण विधेयक पर लोकसभा में विपक्ष के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर यूपीए सरकार के भूमि कानून की ‘हत्या’ करने का आरोप लगाया वहीं एनडीए की प्रमुख सहयोगियों शिवसेना और अकाली दल ने इसे संयुक्त समिति को भेजने की मांग की।

चर्चा का जवाब देते समय मंत्री बीरेन्द्र सिंह ने कहा कि इस पर हम पहले ही कह चुके है कि कुछ सुझाव आए, किसानों के हित की बात हो तब हमें कोई हर्ज नहीं है। लेकिन इस विधेयक में किसान विरोधी कुछ नहीं है। यह किसानों के हक में है। सिंह ने इस दौरान अपनी टिप्पणी में गलती से माधव राव सिंधिया का नाम ले लिया। उन्होंने कहा कि आप (ज्योतिरादित्य) 10 लाख के सूट (मोदी की) बात करते हो। किसान और गरीब का बेटा अगर महंगा सूट पहनता है तब क्या गलत है...आप माधव राव सिंधिया से पूछो। इस पर ज्योतिरादित्य सिंधिया एवं कांग्रेस के कुछ सदस्यों ने जबर्दस्त विरोध किया। कांग्रेस के सदस्य आसन के समीप आ गए। इसके कारण डिप्टी स्पीकर एम थंबीदुरई ने कुछ देर के लिए कार्यवाही स्थगित कर दी। इस दौरान वेंकैया नायडू और एसएस अहलुवालिया को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी को शांत कराते देखा गया।

इस विषय पर हंगामे के कारण सदन की बैठक कुछ देर के लिए स्थगित भी करनी पड़ी थी। बाद में बीरेन्द्र सिंह ने सिंधिया से इस बात के लिए खेद प्रकट किया। चर्चा के दौरान कांग्रेस, एआईएडीएम, तृणमूल कांग्रेस, बीजेडी और वाममोर्चा ने सरकार द्वारा इस तरह से भूमि अधिग्रहण विधेयक लाने की पहल का विरोध किया।

संयुक्त समिति में लोकसभा के 20 सदस्यों में आनंद राव अडसूल, एसएस अहलुवालिया, कल्याण बनर्जी, आरके भारती मोहन, पीपी चौधरी, शोभा करंदलाजे, बी विनोद कुमार, मुरली मनोहर मांगती, भर्तृहरि माहताब, चिराग पासवान, नित्यानंद राय, रविन्द्र राय, कृष्णा राज, उदित राज, मोहम्मद सलीम, राजीव शंकरराव सातब, गणेश सिंह, अनुराज ठाकुर, के वी थॉमस और वीपी वेलागपल्ली शामिल हैं।

भाषा



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