दिल्ली में मैगी पर 15 दिन का बैन, बिग बाजार ने बिक्री पर लगाई रोक

By Lalit Fulara, Pritesh Gupta | Last Updated: Thursday, June 4, 2015 - 12:03
दिल्ली में मैगी पर 15 दिन का बैन, बिग बाजार ने बिक्री पर लगाई रोक

नई दिल्ली/ नोएडा/ मुरादाबाद: देशभर में मैगी की "अग्निपरीक्षा" का दौर चल रहा है। लगभग सभी राज्यों की सरकारों ने मैगी की लैब टेस्टिंग कराने के लिए उचित कदम उठाए हैं। स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने आज अधिकारियों की बैठक बुलाई है। इस मामले में सभी राज्यों में हुई लैब टेस्टिंग की रिपोर्ट का भी इंतजार किया जा रहा है।

गोवा के मुख्यमंत्री लक्ष्मीकांत पारसेकर ने कहा कि नूडल्स पर किए गए लेटेस्ट परीक्षण के मुताबिक खाने के लिए मैगी सुरक्षित है। जबकि जम्मू-कश्मीर सरकार ने लोगों को कुछ दिनों के लिए मैगी ना खाने की सलाह दी है। साथ ही विभिन्न जिलों से एकत्रित सैंपल्स की जांच के आदेश भी दिए हैं। वहीं कर्नाटक सरकार ने भी पूरे राज्य में नूडल्स बेचने वाली सभी कंपनियों के सैंपल लेकर जांच के आदेश दिए हैं।

इसी तरह, पश्चिम बंगाल सरकार ने मैगी समेत अन्य खाद्य सामग्रियों के नमूने जांच के लिए लैबोरेटरी में भेजे। जबकि तमिलनाडु सरकार द्वारा मैगी में मोनोसोडियम ग्लूटामेट और लेड की मात्रा की जांच कराने के लिए किए गए सैंपल टेस्ट का परिणाम इस सप्ताह के अंत तक केंद्र सरकार को भेजा जा सकता है। कोच्चि में कराए गए मैगी नूडल्स के एक परीक्षण में लैड की मात्रा तय सीमा के अंदर पाई गई। वहीं पंजाब में प्राधिकरण ने संदिग्ध फूड क्वालिटी को देखते हुए मैगी नूडल्स के लैब टेस्ट का आदेश दिया है।

विवाद के बाद आर्मी ने भी अपने सैनिकों को मैगी नूडल्स खाने से मना किया है और कैंटीन को मैगी ना बेचने का निर्देश दिया है। मैगी नूडल्स में तय सीमा से ज़्यादा लेड और मोनो सोडियम ग्लूटामेट पाए जाने के बाद देश के विभिन्न रिटेल स्टोरों ने मैगी की बिक्री पर रोक लगा दी है। दिल्ली में मैगी की बिक्री पर 15 दिनों के लिए रोक लगा दी गई है।

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सतेंद्र जैन का कहना है कि मैगी के सैंपल्स को 15 दिनों बाद जारी किया जाएगा। यानी अब अगले 15 दिनों तक तक दिल्ली में मैगी नहीं  मिलेगी। सतेंद्र जैन ने कहा कि मैगी के एक बैच के पैकेट्स में टॉक्सिन लेवल के हाई होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में सभी ब्रांड की नूडल की जांच होगी। सतेंद्र जैन ने कहा कि मैगी में तय सीमा से 4.5 प्रतिशत ज्यादा लेड की मात्रा पाई गई है। 

इससे पहले दिल्ली सरकार ने सभी केंद्रीय भंडारों में मैगी की बिक्री पर रोक लगाने की घोषणा की थी। फ्यूचर ग्रुप ने भी अपनी रीटेल चेन बिग बाजार से मैगी को हटा दिया है। खाद्य सुरक्षा विभाग (FSSI) ने सभी राज्यों से मैगी की सैंपल की रिपोर्ट मांगी है। विभाग ने 5 जून तक सभी राज्यों को सैंपल रिपोर्ट जमा करने को कहा है। गौरतलब है कि इससे पहले मंगलवार को दिल्ली में मैगी के 13 मेें से 10 सैंपल फेल हो गए थे। इनमें तय सीमा से ज़्यादा लेड पाया गया था।  वहीं, एफडीए के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि गोवा में मैगी का सेवन सेफ है। कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री यूटी खादर का कहना है कि उन्होंने फूड डिपार्टमेंट के अधिकारियों को मैगी के सैंपल इकट्ठा करने के आदेश दिए हैं।  

केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने मैगी में तय सीमा से ज़्यादा लेड की मात्रा मिलने को गंभीर बताया है। उन्होंने कहा कि मैगी के सैंपल एनसीडीआरसी को जांच के लिए सौंप दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट के बाद ही मैगी कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। दिल्ली सरकार के सूत्रों के मुताबिक, कंपनी ने अपनी सफाई में कहा है कि मीडिया में मैगी से संबंधित भ्रमित करने वाली सूचना प्रसारित की जा रही है। कंपनी ने स्वास्थ्य और सुरक्षा को अपनी प्राथमिक जिम्मेदारी बताया है।   

वहीं, खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी देश के विभिन्न हिस्सों से मैगी के नमूने इकट्ठा कर रहे हैं। तेलंगाना, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश,उत्तराखंड और लुधियाना समेत देश के विभिन्न राज्यों में मैगी के सैंपल लिए जा रहे हैं।महाराष्ट्र सरकार का कहना है कि अभी तक की जांच में मैगी की नकारात्मक रिपोर्ट सामने नहीं आई है। आईपीएम तेलंगाना के डायरेक्टर के अमरेंद्र रेड्डी का कहना है कि अभी राज्य से मैगी के 22 नमूने लिए गए हैं। सभी सैंपल को जांच के लिए भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि अधिकतम दो हफ्ते के भीतर सभी सैंपल्स की जांच रिपोर्ट आ जाएगी। 

नोएडा और मुरादाबाद में लोगों ने मैगी के खिलाफ रोड पर उतरकर प्रदर्शन किया। मैगी की गुणवत्ता में गिरावट से नाराज लोगों ने मैगी को बैन करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। मुरादाबाद में कांग्रेस पार्टी ने सड़क पर उतरकर मैगी के पैकेट बिखेरे और सरकार से मैगी की बिक्री पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। नाराज भीड़ ने मैगी के पैकेट्स को सड़कों पर बिखेरा और जमकर नारेबाजी की। वहीं, नोएडा में लोगों ने मैगी के खिलाफ सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय के बाहर प्रर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने नोएडा में मैगी की बिक्री पर रोक लगाने के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को ज्ञापन सौंपा। मुख्यमंत्री को सिटी मजिस्ट्रेट के जरिए ज्ञापन सौंपा गया।  

वहीं, नेस्ले के अधिकारियों का कहना है कि मैगी के संबंध में मीडिया अफवाह फैला रही है। मैगी के अधिकारियों ने इस संबंध में दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात की। हालांकि, इस बीच दिल्ली सरकार मैगी के अधिकारियों की सफाई से संतुष्ठ नजर नहीं आ रही है।

 

 

 

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