रामायण की आवाज संगीतकार रवींद्र जैन नहीं रहे

Last Updated: Friday, October 9, 2015 - 20:38
रामायण की आवाज संगीतकार रवींद्र जैन नहीं रहे

मुम्बई : ‘चितचोर’, ‘अंखियों के झरोखे से’ समेत कई फिल्मों में मधुर और भावपूर्ण संगीत देकर अंधता को पराजित करने वाले मशहूर संगीत निर्देशक, गायक और गीतकार रवींद्र जैन का आज (शुक्रवार) मुम्बई को लीलावती अस्पताल में निधन हो गया। वह 71 साल के थे।

उनके पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि अस्पताल में जैन के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया जिसके कारण सुबह चार बजकर 10 मिनट पर उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके परिवार में पत्नी दिव्या और पुत्र आयुष हैं। जैन को कुछ दिन पहले इलाज के लिए नागपुर के वोकहार्ड अस्पताल से बांद्रा के लीलावती अस्पताल लाया गया था।

सूत्रों के मुताबिक संगीतकार मूत्र संक्रमण से पीड़ित थे जिससे उनके वृक्क (किडनी) में दिक्कत पैदा हो गयी थी। रविवार को वह किसी कार्यक्रम के लिए नागपुर में थे लेकिन अपने खराब स्वास्थ्य के चलते कार्यक्रम पेश नहीं कर पाए। उन्हें एयर एम्बुलेंस से मुम्बई लाया गया। वह लीलावती अस्पताल में आईसीयू में जीवन रक्षक प्रणाली पर थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जैन के निधन पर यह कहते हुए शोक प्रकट किया कि उन्हें उनके बहुमुखी संगीत एवं हिम्मत नहीं हारने के जज्बे के लिए स्मरण किया जाएगा।

जैन को मशहूर दक्षिण भारतीय गायक के जे यशुदास को हिंदी फिल्मों में लाने का भी श्रेय जाता है। दोनों ने मिलकर ‘ओ गोरिया रे’, ‘बेटी तेरी रात की’, ‘गोरी तेरा गांव’ और ‘जब दीप जले आना’ जैसे मधुर गीत दिए।

भाषा



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