आयरलैंड में बोले मोदीः भारतीयों के लिए सीना तानकर खड़े होने का समय

Last Updated: Thursday, September 24, 2015 - 00:34
आयरलैंड में बोले मोदीः भारतीयों के लिए सीना तानकर खड़े होने का समय

डबलिन: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतवासियों से कहा कि अब उनके लिए सिर झुकाने का नहीं बल्कि सीना तानकर खड़े होने का समय आ गया है। आयरलैंड की संक्षिप्त यात्रा पर आये मोदी ने यहां भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आईएमएफ, वर्ल्ड बैंक सहित दुनिया की सभी रेटिंग एजेंसियां आज कह रही हैं कि भारत दुनिया में सबसे तेज गति से चल रही अर्थव्यस्था है।

उन्होंने कहा, ‘यह सिलसिला अगले 30 साल अगर चलता रहा तो हिन्दुस्तान में गरीबी का नामोनिशान नहीं रहेगा और नौजवानों को रोजगार मिलेगा। लेकिन 30 साल तक इस गति को बनाये रखना बहुत बड़ी चुनौती है।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि लेकिन हम इस चुनौती को पूरा करेंगे क्योंकि हम एक ऐसे कालखंड में हैं जिसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी। भारत में 65 फीसदी आबादी 35 साल से कम की है और भारत के नौजवानों का यह सामर्थ्य जो मिला है वह अगले 35 साल में इस सपने को पूरा कर दिखायेगा।

इसी संदर्भ में उन्होंने कहा, ‘अब भारतीय सीना तानकर आंख मिलाकर बातें करने लगे हैं। इससे बड़ी बात और क्या होगी। भारतीयों के लिए सिर झुकाने का नहीं, सीना तानकर खड़े होने का समय आ गया है।’ संयुक्त राष्ट्र द्वारा 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किये जाने को भारत की एक बड़ी सफलता बताते हुए उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, ‘अब सारी दुनिया नाक पकड़ने (अनुलोम विलोम) लगी है।’ 

ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका देशों के समूह ब्रिक्स समूह का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह सबसे लोकप्रिय हो गया है। उन्होंने कहा कि लेकिन बीच में लोग कहने लगे कि बी, आर, सी, एस (ब्राजील, रूस, चीन और दक्षिण अफ्रीका) तो पटरी पर हैं लेकिन आई (इंडिया) लुढ़क गया। और शायद उसकी जगह इंडोनेशिया ले लेगा। लेकिन अब सब कह रहे हैं कि आई सबसे ताकतवर है और दुनिया में सबसे तेज गति से बढ़ रहा है। 

मोदी ने कहा, ‘आयरिश बच्चों ने मेरे स्वागत में संस्कृत में श्लोक पढ़े और मंत्रोच्चार किया। हिन्दुस्तान में ऐसा होता तो पता नहीं.. सेकुलरिज्म पर सवालिया निशान खड़ा हो जाता।’ उन्होंने कहा कि आयरिश बच्चों को सुनकर ऐसा नहीं लग रहा था कि वे रटी रटायी बातें बोल रहे हों। इसके लिए मैं उनके शिक्षकों को बधाई देता हूं।

उन्होंने कहा, ‘दुनिया तक स्वीकारती है जब भारत में दम हो। भारत में दम है आज पूरे विश्व ने मान लिया है। भारत के विकास की बात को सब ने मान लिया है।’ मोदी ने कहा कि अब सारी दुनिया यह भी मान रही है कि 21वीं सदी एशिया की होगी। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि यह भारत की हो जाए।

भाषा



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