कैनबरा से मेलबर्न पहुंचे PM मोदी, MCG में टोनी एबोट करेंगे स्वागत समारोह की मेजबानी

Last Updated: Tuesday, November 18, 2014 - 11:05
कैनबरा से मेलबर्न पहुंचे PM मोदी, MCG में टोनी एबोट करेंगे स्वागत समारोह की मेजबानी

कैनबरा : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को अपने ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष टोनी एबोट के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। इसके साथ ही मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई संसद को संबोधित किया। ऑस्ट्रेलियाई संसद को संबोधित करने वाले मोदी विश्व के पहले नेता बन गए हैं। पीएम मोदी आज की रात फिजी रवाना हो जाएंगे। फिजी की एक दिन की यात्रा के साथ ही मोदी की 10 दिनों की तीन देशों के दौरे का समापन हो जाएगा। 

आज के ताजा घटनाक्रम-

सुबह 8:25 बजे : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी ऑस्ट्रेलिया यात्रा के अंतिम चरण में मेलबर्न पहुंच गए हैं। आस्ट्रेलियाई पीएम टोनी एबोट आज शाम 161 साल पुराने मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (एमसीजी) में मोदी के स्वागत के लिए एक समारोह की मेजबानी करेंगे।
मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई संसद को किया संबोधित, बने पहले नेता

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आतंकवाद को सारे विश्व के लिए सबसे बड़ा खतरा बताते हुए मंगलवार को कहा कि इस वैश्विक समस्या से निपटने के लिए व्यापक वैश्विक रणनीति बनाकर उन देशों को अलग-थलग करना होगा जो इसे बढ़ावा दे रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने यहां आस्ट्रेलियाई संसद को संबोधित करते हुए कहा, ‘आतंकवाद हम सब के लिए सबसे बड़ा खतरा बन गया है। भारत पिछले तीन दशक से इसका सामना कर रहा है। इसका चरित्र बदल रहा है और यह अपनी पहुंच का भी विस्तार कर रहा है।’ उन्होंने कहा, ‘इस वैश्विक समस्या से निपटने के लिए हमें व्यापक वैश्विक रणनीति बनानी चाहिए और देशों के बीच अंतर किये बिना उन्हें अलग-थलग करें जो इसे बढ़ावा दे रहे हैं।’

मोदी ने सुझाव दिया कि जहां यह आतंकवाद सबसे अधिक है, वहां हमें इसके खिलाफ सामाजिक आंदोलन चलाना होगा। आतंकवाद के खिलाफ व्यापक रणनीति बनाने की अपील के साथ उन्होंने आगाह किया, ‘धर्म और आतंकवाद को जोड़ने के सभी प्रयासों को विफल किया जाए।’ उन्होंने कहा कि आतंकवाद आज दुनिया में इंटरनेट के जरिये भर्ती (आतंकियों की), धन शोधन, मादक पदार्थों एवं हथियारों की तस्करी के जरिये अपने पैर तेजी से पसार रहा है जिसे रोके जाने के लिए वैश्विक स्तर पर सहयोग किये जाने की सख्त जरूरत है।

मोदी ने रानी लक्ष्मीबाई की ओर से लिखी याचिका एबट को भेंट की

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज अपने आस्ट्रेलियाई समकक्ष टोनी एबट को रानी लक्ष्मीबाई की ओर से ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ 1854 में लिखी आस्ट्रेलियाई वकील जान लांग की याचिका भेंट की। प्रधानमंत्री इसे द्विपक्षीय वार्ता से ठीक पहले एबट को भेंट किया।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैय्यद अकबरूद्दीन ने ट्वीट किया, प्रधानमंत्री ने आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री को आस्ट्रेलियाई जान लांग द्वारा झांसी की रानी लक्ष्मीबाई की ओर से ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ लिखी याचिका भेंट की। मोदी की ओर से एबट को दिए इस उपहार का ब्यौरा देते हुए अकबरूद्दीन ने कहा, ‘जान लांग ने ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ झांसी की रानी की ओर से 1854 में लिखी अर्जी की मूल प्रति भेंट की।’ इससे पहले आस्ट्रेलियाई संसद के परिसर में मोदी ने सलामी गारद का निरीक्षण किया। उनके सम्मान में 19 तोपों की सलामी भी दी गई। इस मौके पर आस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एबट और कई भारतीय मौजूद थे। इसके बाद वे प्रधानमंत्री कार्यालय में द्विपक्षीय वार्ता के लिए बढ़ गए।

भाषा



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