गंगा में बहती लाशों से संकट में प्रशासन

By Pritesh Gupta | Last Updated: Wednesday, January 14, 2015 - 22:29
गंगा में बहती लाशों से संकट में प्रशासन

उन्नाव: गंगा किनारे मिले 100 से ज्यादा शवों को लेकर रहस्य गहराता जा रहा है। मामले में केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश सरकार से जानकारी मांगी है। 30 शव कल बरामद किए गए थे, जबकि सफीपुर में गंगा नदी में 50 और शव पाए गए।

जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल ने बताया कि सफीपुर में गंगा नदी पर बने परियर घाट के पास से अब तक 80 शव बाहर निकाले जा चुके हैं। सभी शव काफी ज्यादा सड़-गल चुके हैं। डॉक्टर्स के मुताबिक अब इनका पोस्टमॉर्टम भी संभव नहीं है। शवों को निकालने का काम अब भी जारी है।

डीजीपी (कानून-व्यवस्था) ए सतीश गणेश ने इस बारे में लखनऊ में बताया था कि प्रारंभिक जांच के दौरान स्थानीय लोगों से पूछताछ में पता चला है कि इलाके में अविवाहित लड़कियों और बच्चों के शवों के अंतिम संस्कार के तौर पर उन्हें जलाने के बजाय गंगा में प्रवाहित कर दिया जाता है। 

गंगा में बहते शव प्रशासन के लिए मुसीबत बन चुके हैं। जहां एक ओर इनकी वजह पता नहीं चल पा रही है, वहीं सफाईकर्मियों ने शवों को नदी से निकालने से मना कर दिया।

जिलाधिकारी अग्रवाल ने बताया कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी गीता यादव के नेतृत्व में डॉक्टर्स की एक टीम फोरेंसिक जांच के लिए शवों के सैंपल ले रही है।

UP BJP के अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने मंगलवार रात इलाके का दौरा किया और शवों का पोस्टमॉर्टम करने के बाद अंतिम संस्कार की मांग की। उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग भी की। गौरतलब है कि उन्नाव के सफीपुर में गंगा नदी पर बने परियर घाट के पास कल बड़ी संख्या में शव पानी में तैरते मिले थे। डीजीपी (कानून व्यवस्था) ए सतीश गणेश ने कल इस बारे में लखनऊ में बताया था कि प्रारंभिक जांच के दौरान स्थानीय लोगों से पूछताछ में पता चला है वहां अविवाहित लड़कियों के शवों को जलाने के बजाय उन्हें गंगा में प्रवाहित कर दिया जाता है।

गणेश ने बताया था कि परियर घाट के पास अब गंगा में पानी कम होने की वजह से शव उतराये हैं। उनमें से अनेक शव काफी सड़ी-गली हालत में हैं लिहाजा यह तय करना मुश्किल हो रहा है कि वे सभी लड़कियों के शव हैं या नहीं। उन्होंने कहा था कि प्रथम दृष्ट्या यह अपराध से जुड़ा मामला नजर नहीं आता है, फिर भी पुलिस हर पहलू पर गहराई से छानबीन कर रही है। आसपास के लोगों से बात करके शवों के बारे में विस्तृत विवरण तैयार किया जाएगा।

ज़ी मीडिया ब्‍यूरो

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